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चोकसी का फर्जीवाड़ा: फर्जी पत्रों के जरिए पीएनबी से हासिल किए थे 6433 करोड़ रुपये

Wed, 16 Jun 2021 09:10 PM IST
गौरव पाण्डेय पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली Published by: गौरव पाण्डेय Updated Wed, 16 Jun 2021 09:10 PM IST
सार

सीबीआई ने पिछले सप्ताह मुंबई में एक विशेष अदालत में पूरक आरोपपत्र में ये बातें कही हैं। एजेंसी ने कहा कि पीएनबी के कर्मचारियों ने कथित रूप से चोकसी से हाथ मिलाकर बैंक के साथ बेइमानी की। बता दें कि पीएनबी ने चोकसी पर उसके साथ 7080 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने का आरोप लगाया है। 

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CBI says companies of Mehul Choksi took 6433 crore rupees from PNB through fake letters
मेहुल चोकसी - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

सीबीआई ने पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) घोटाले में अपनी जांच में पता लगाया है कि भगोड़े हीरा कारोबारी मेहुल चोकसी के स्वामित्व वाली कंपनियों ने कथित रूप से फर्जी वचन पत्रों (लेटर्स ऑफ अंडरटेकिंग) और विदेशी साख पत्रों (फॉरेन लेटर्स ऑफ क्रेडिट) का इस्तेमाल कर पीएनबी से 6344.96 करोड़ रुपये हासिल किए। चोकसी पीएनबी घोटाला सामने आने से कुछ सप्ताह पहले जनवरी, 2018 में भारत से फरार हो गया था और तब से एंटीगुआ और बारबुडा में रह रहा था।

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एजेंसी के अनुसार पीएनबी की ब्रैडी हाउस शाखा (मुंबई) में अधिकारियों ने मार्च-अप्रैल 2017 के दौरान 165 वचन-पत्र (एलओयू) और 58 विदेशी साख पत्र (एफएलसी) जारी किए थे। इनके आधार पर 311 बिलों में छूट दी गई। बिना किसी पाबंदी सीमा या नकदी सीमा के चोकसी की कंपनियों को ये पत्र जारी किए गए। एलओयू, बैंक द्वारा ग्राहक की ओर से किसी विदेशी बैंक को दी गई गारंटी होती है। अगर ग्राहक विदेशी बैंक को पैसा नहीं लौटाता तो देनदारी गारंटर बैंक की होती है।
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सीबीआई के पूरक आरोपपत्र में कहा गया है, 'जब आरोपी कंपनियों ने कथित फर्जी एलओयू और एफएलसी के आधार पर अर्जित राशि का भुगतान नहीं किया तो पीएनबी ने विदेशी बैंकों को बकाया ब्याज समेत 6344.97 करोड़ रुपये का भुगतान किया।' हालांकि, इसके साथ ही एजेंसी के अधिकारियों ने कहा कि मामले में अभी जांच की जा रही है और बैंक को हुए नुकसान का अंतिम आंकड़ा सारे एलओयू के अध्ययन करने और जांच पूरी होने के बाद ही पता चल सकता है।

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आरोपपत्र में चार और आरोपियों के नाम शामिल

सीबीआई ने इस मामले में अपने पहले आरोपपत्र में नामजद 18 आरोपियों के अलावा पूरक आरोपपत्र में चार नए आरोपियों के नाम शामिल किए हैं। जो नए चार नाम शामिल किए गए हैं, उनमें गीतांजलि समूह की कंपनियों के पूर्व अंतरराष्ट्रीय प्रमुख सुनील वर्मा, पीएनबी के दो अधिकारी सागर सावंत व संजय प्रसाद और समूह के तहत आने वाले ब्रांड जिली और नक्षत्र के निदेशक धनेश सेठ शामिल हैं।

मेहुल चोकसी और उसकी कंपनियों के खिलाफ मामले में पहला आरोपपत्र दायर किए जाने के तीन साल से अधिक समय बाद सीबीआई ने पूरक आरोपपत्र ऐसे समय में दायर किया गया है जब भगोड़े हीरा कारोबारी चोकसी के खिलाफ डोमिनिका की अदालत में कानूनी कार्यवाही चल रही है। उल्लेखनीय है कि मेहुल चोकसी को एंटीगुआ और बारबुडा से रहस्यमयी तरीके से गायब होने के बाद 24 मई को डोमिनिका में अवैध प्रवेश के मामले में गिरफ्तार किया गया था।

चोकसी के वकील विजय अग्रवाल ने कहा है, तीन साल के बाद पूरक आरोपपत्र दायर किया जाना दर्शाता है कि यह केवल उन विसंगतियों को ढकने की कोशिश है जिन्हें बचाव पक्ष ने अपने पहले आरोपपत्र में इंगित किया था। अब सबूतों को नष्ट करने के लिए आईपीसी की धारा 201 को जोड़ना कानूनी रूप से स्वीकार्य नहीं है क्योंकि कोई भी दस्तावेज अदालत में दाखिल किए जाने के बाद ही साक्ष्य बनता है और लगाए गए आरोप प्राथमिकी से काफी पहले की अवधि के हैं।'

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