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AgustaWestland case: सीबीआई ने दिल्ली हाई कोर्ट में क्रिश्चियन मिशेल की जमानत याचिका का किया विरोध
Wed, 08 Dec 2021 10:46 PM IST
Amit Mandal
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Amit Mandal
Updated Wed, 08 Dec 2021 10:46 PM IST
सार
3,600 करोड़ रुपये का कथित घोटाला अगस्ता वेस्टलैंड से 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की खरीद से संबंधित है।
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क्रिश्चियन मिशेल
- फोटो : ANI
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विस्तार
सीबीआई ने बुधवार को दिल्ली उच्च न्यायालय में अगस्ता वेस्टलैंड घोटाले के सिलसिले में कथित बिचौलिए क्रिश्चियन मिशेल जेम्स की जमानत याचिका का विरोध करते हुए कहा कि इस मामले में उनकी करीबी संलिप्तता दिखाने के लिए सबूत हैं। एजेंसी ने जस्टिस मनोज कुमार ओहरी को बताया कि मिशेल ने घोटाले से संबंधित कुछ अनुबंधों के अनुसार 42 मिलियन यूरो प्राप्त किए और दावा किया कि यदि ट्रायल कोर्ट द्वारा रोजाना की कार्यवाही का आदेश दिया जाता है तो मुकदमा छह महीने में समाप्त हो जाएगा।
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3,600 करोड़ रुपये का कथित घोटाला अगस्ता वेस्टलैंड से 12 वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों की खरीद से संबंधित है। सीबीआई की ओर से पेश हुए विशेष लोक अभियोजक डीपी सिंह ने कहा कि दिसंबर 2018 में दुबई से मिशेल के प्रत्यर्पण के बाद जांच में पर्याप्त प्रगति हुई थी। उन्होंने तर्क दिया कि मिशेल का दावा है कि उसे दुबई के शाही परिवार के एक सदस्य की वापसी के बदले भारत में प्रत्यर्पित किया गया था, आपत्तिजनक और उसकी कल्पना की उपज थे। सिंह ने कहा कि यह भारत सरकार को बदनाम करने का एक हास्यास्पद दावा है।
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उन्होंने आगे मिशेल की इस दलील का खंडन किया कि यदि दोषी पाया जाता है, तो उसे संबंधित अदालत द्वारा अधिकतम पांच साल की सजा दी जाएगी। साथ ही बताया कि मामले में दो आरोपपत्रों में उस पर जिन अपराधों का आरोप लगाया गया था, उसमें आजीवन कारावास भी हो सकता है।
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