{"_id":"620c687803ee7f5b00172448","slug":"cbi-claims-biggest-bank-scam-took-place-in-congress-led-upa-party-accuses-center-for-loot-and-escape-scheme","type":"story","status":"publish","title_hn":"ABG Shipyard Scam: सीबीआई का दावा, 2005 से 2012 के बीच हुआ सबसे बड़ा बैंक घोटाला, अब पूर्ववर्ती यूपीए सरकार घेरे में","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
ABG Shipyard Scam: सीबीआई का दावा, 2005 से 2012 के बीच हुआ सबसे बड़ा बैंक घोटाला, अब पूर्ववर्ती यूपीए सरकार घेरे में
Wed, 16 Feb 2022 08:29 AM IST
सुरेंद्र जोशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: सुरेंद्र जोशी
Updated Wed, 16 Feb 2022 08:29 AM IST
सार
सीबीआई का कहना है कि कंपनी को अधिकांश बैंक लोन का भुगतान 2005 से 2012 के दौरान हुआ है। कंपनी के कर्ज खाते को फंसा कर्ज यानी एनपीए भी 30 नवंबर 2013 को घोषित किया गया था।
विज्ञापन
एबीजी शिपयार्ड लिमिटेड ने किया सबसे बड़ा बैंक फ्रॉड
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हाल ही में उजागर हुए देश के सबसे बड़े बैंक घोटाले 'एबीजी शिपयार्ड स्कैम' को लेकर सीबीआई ने दावा किया है कि यह 2005 से 2012 के बीच हुआ। इस घोटाले को लेकर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर 'लूटो और भागो' की नीति अपनाने का ताना कसा था। लेकिन अब कांग्रेस नीत पूर्ववर्ती यूपीए सरकार घेरे में आ गई है।
विज्ञापन
सीबीआई के दावे को मानें तो अब यह कांग्रेस के लिए 'उल्टे बांस बरेली को चले' जैसा लग रहा है। देश में 2005 से 2012 के बीच कांग्रेस नीत संप्रग सरकार थी और सीबीआई का कहना है कि कंपनी को अधिकांश बैंक लोन का भुगतान इसी अवधि के दौरान हुआ है। कंपनी के कर्ज खाते को फंसा कर्ज यानी एनपीए भी 30 नवंबर 2013 को घोषित किया गया था। देश में मई 2014 के पहले तक यूपीए सरकार थी।
विज्ञापन
आरोपी देश से नहीं भागे हैं, लुक आउट नोटिस जारी
हिंदुस्तान टाइम्स में छपी रिपोर्ट के अनुसार सीबीआई ने यह भी कहा है कि उसने एबीजी शिपयार्ड के कर्ताधर्ता ऋषि कमलेश अग्रवाल व आठ अन्य के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया है, ताकि वे देश के बाहर न भाग सकें। जांच एजेंसी ने दावा किया कि आरोपियों की लोकेशन देश में ही मिली है, वे देश से नहीं भागे हैं। केंद्रीय जांच एजेंसी ने बयान जारी कहा कि 22,842 करोड़ रुपये का यह घोटाला 2005 से 2012 के बीच हुआ। कांग्रेस ने केंद्र पर आरोप लगाया है कि उसने इस मामले में एफआईआर दर्ज करने में देरी की।
विज्ञापन
28 बैंकों से लिया कर्ज, आईसीआईसीआई बैंक को सबसे बड़ा झटका
जहाजों के कारोबार से जुड़ी इस कंपनी पर आरोप है कि उसने ICICI Bank के नेतृत्व वाले 28 बैंकों के कंसोर्टियम को 22,842 करोड़ रुपये का चूना लगाया। इसमें एबीजी शिपयार्ड ने आईसीआईसीआई बैंक के साथ सबसे बड़ी यानी 7,089 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की। 22,842 करोड़ के कुल घोटाले में आईडीबीआई बैंक के 3639 करोड़, स्टेट बैंक आफ इंडिया के 2925 करोड़, बैंक आफ बड़ौदा के 1614 करोड़ और पंजाब नेशनल बैंक के 1244 करोड़ रुपये शामिल हैं।