{"_id":"5bd2d363bdec2269b73166eb","slug":"cbi-bribe-case-rakesh-asthana-referred-as-big-boy-in-whatsaap-chat","type":"story","status":"publish","title_hn":"सीबीआई रिश्वत मामला: व्हाट्सएप बातचीत में ''बिग बॉय'' थे राकेश अस्थाना","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
सीबीआई रिश्वत मामला: व्हाट्सएप बातचीत में ''बिग बॉय'' थे राकेश अस्थाना
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला
Updated Fri, 26 Oct 2018 03:31 PM IST
विज्ञापन
राकेश अस्थाना
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सीबीआई के रिश्वत मामले में पूर्व विशेष डायरेक्टर राकेश अस्थाना को तथाकथित व्हाट्सएप पर बातचीत (जो पुरे मामले का हिस्सा है) में ''बिग बॉय'' के नाम से संबोधित किया जाता था। व्हाट्सएप की बातचीत में कहीं भी सीबीआई, किसी अधिकारी या जांच एजेंसी का जिक्र नहीं है।
ये तथाकथित बातचीत गत 18 दिसंबर, 2017 को हुई थी। ये बातचीत प्रमुख दोषी मनोज प्रसाद के भाई सोमेश प्रसाद और एक अजनबी के बीच हुई। हालांकि, मनोज को अस्थाना के बदले व्यापारी से 5 करोड़ मांगने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया गया है और सोमेश अभी फरार है।
साथ ही सुनील मित्तल (सोमेश के ससुर) का नाम भी एफआईआर में सामने आया है। हालांकि, मित्तल ने उनपर लगे आरोपों को बकवास करार दिया है। बता दें की, 13 दिसंबर, 2017 दिल्ली प्रेस क्लब के पार्किंग एरिया में तथाकथित रूप से 1.95 करोड़ रुपये रिश्वत के तौर पर लेने के मामले में सीबीआई ने मित्तल का कोई बयान रिकॉर्ड नहीं किया है।
विज्ञापन
व्हाट्सएप पर हुई बातचीत में सोमेश प्रसाद स्क्रीन पर जिसका नाम सोमेश श्रीवास्तव से दिखाया गया दूसरे व्यक्ति को जवाब में कहा कि, ''उसे बता दो की मैं बिग बॉय से उसकी सीधे बात करवा दूंगा की उनका उसके बारे में क्या कहना है।''
इस पर दूसरे व्यक्ति ने जवाब में कहा, ''भाई, मेरा जो भी वादा था मैं उसे पूरा करूंगा, तुम उसके बारे में फिक्र मत करो।'' सीबीआई सूत्रों ने कहा कि तथाकथित बातचीत हैदराबाद के व्यापारी सतीश बाबू सना के घबराहट के बारे में है जो पुरे प्रकरण से अपना नाम हटाने को लेकर दुबई जाने के लिए व्याकुल थे।
फिलहाल ये साफ नहीं हुआ है कि सीबीआई के पास अब इस प्रकार के कोई व्हाटअप बातचीत का लेखा जोखा नहीं है। जबकि, इस बातचीत के दौरान हैदराबादी व्यापारी सना से पूर्व सीबीआई अधिकारी एपी सिंह और रणजीत सिन्हा के खिलाफ रिश्वत आरोप की प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पूछताछ कि जा रही थी।
विज्ञापन
ये तथाकथित बातचीत गत 18 दिसंबर, 2017 को हुई थी। ये बातचीत प्रमुख दोषी मनोज प्रसाद के भाई सोमेश प्रसाद और एक अजनबी के बीच हुई। हालांकि, मनोज को अस्थाना के बदले व्यापारी से 5 करोड़ मांगने के जुर्म में गिरफ्तार कर लिया गया है और सोमेश अभी फरार है।
विज्ञापन
साथ ही सुनील मित्तल (सोमेश के ससुर) का नाम भी एफआईआर में सामने आया है। हालांकि, मित्तल ने उनपर लगे आरोपों को बकवास करार दिया है। बता दें की, 13 दिसंबर, 2017 दिल्ली प्रेस क्लब के पार्किंग एरिया में तथाकथित रूप से 1.95 करोड़ रुपये रिश्वत के तौर पर लेने के मामले में सीबीआई ने मित्तल का कोई बयान रिकॉर्ड नहीं किया है।
विज्ञापन
व्हाट्सएप पर हुई बातचीत में सोमेश प्रसाद स्क्रीन पर जिसका नाम सोमेश श्रीवास्तव से दिखाया गया दूसरे व्यक्ति को जवाब में कहा कि, ''उसे बता दो की मैं बिग बॉय से उसकी सीधे बात करवा दूंगा की उनका उसके बारे में क्या कहना है।''
इस पर दूसरे व्यक्ति ने जवाब में कहा, ''भाई, मेरा जो भी वादा था मैं उसे पूरा करूंगा, तुम उसके बारे में फिक्र मत करो।'' सीबीआई सूत्रों ने कहा कि तथाकथित बातचीत हैदराबाद के व्यापारी सतीश बाबू सना के घबराहट के बारे में है जो पुरे प्रकरण से अपना नाम हटाने को लेकर दुबई जाने के लिए व्याकुल थे।
फिलहाल ये साफ नहीं हुआ है कि सीबीआई के पास अब इस प्रकार के कोई व्हाटअप बातचीत का लेखा जोखा नहीं है। जबकि, इस बातचीत के दौरान हैदराबादी व्यापारी सना से पूर्व सीबीआई अधिकारी एपी सिंह और रणजीत सिन्हा के खिलाफ रिश्वत आरोप की प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पूछताछ कि जा रही थी।