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SSC घोटाला: उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय के कुलपति सुबीर भट्टाचार्य गिरफ्तार, नियुक्ति में अनियमितताओं का आरोप
Mon, 19 Sep 2022 05:41 PM IST
अभिषेक दीक्षित
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: अभिषेक दीक्षित
Updated Mon, 19 Sep 2022 05:41 PM IST
सार
बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी, एसएससी की सलाहकार समिति के सदस्य शांति प्रसाद सिन्हा व अशोक साहा और पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष कल्याणमय गंगोपाध्याय को गिरफ्तार किया जा चुका है।
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सीबीआई(सांकेतिक)
- फोटो : Social media
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विस्तार
CBI ने SSC घोटाला मामले में स्कूल सेवा आयोग (SSC) के पूर्व अध्यक्ष और अब उत्तर बंगाल विश्वविद्यालय के कुलपति सुबीर भट्टाचार्य को शिक्षण और गैर-शिक्षण कर्मचारियों की नियुक्ति में कथित तौर पर अनियमितताओं के संबंध में गिरफ्तार किया। CBI सूत्रों के हवाले समाचार एजेंसी एएनआई ने यह जानकारी दी है।
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बताया जा रहा है कि सीबीआई ने लंबी पूछताछ के बाद सुबीरेश भट्टाचार्य को गिरफ्तार कर लिया है। वे 2014 से 2018 तक स्कूल सर्विस कमीशन के चेयरमैन रहे हैं। सीबीआई ने उन्हें पूछताछ के लिए कोलकाता तलब किया था। सूत्रों के मुताबिक, पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी के आमने-सामने पूछताछ में भी सुबीरेश ने सहयोग नहीं किया, जिसके चलते सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। इस मामले में यह छठी गिरफ्तारी है।
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इससे पहले बंगाल के पूर्व शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी, उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी, एसएससी की सलाहकार समिति के सदस्य शांति प्रसाद सिन्हा व अशोक साहा और पश्चिम बंगाल माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष कल्याणमय गंगोपाध्याय को गिरफ्तार किया जा चुका है। पार्थ और अर्पिता को ईडी ने गिरफ्तार किया था, जबकि बाकी चारों गिरफ्तारियां सीबीआई ने की है।
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ईडी ने दाखिल की चार्जशीट, पार्थ-अर्पिता के नाम
दूसरी ओर इस मामले में ईडी ने सोमवार को अपनी पहली चार्जशीट कोर्ट में जमा की। अदालत सूत्रों के मुताबिक, 172 पन्नों की इस चार्जशीट में पार्थ और अर्पिता के नाम हैं। चार्जशीट में दोनों की कई कंपनियों का जिक्र किया गया है। अब तक पार्थ और अर्पिता के नाम वाली कुल 103 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई हैं। पार्थ-अर्पिता की गिरफ्तारी के 58 दिनों में चार्जशीट जमा की गई है।
दिल्ली और कोलकाता में छह जगह छापेमारी की थी
इससे पहले बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाले में सीबीआई ने दिल्ली और कोलकाता में छह जगह छापेमारी की थी। छापेमारी के दौरान क्या सबूत मिले हैं, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। बता दें कि बंगाल शिक्षक भर्ती घोटाला 2014 का है। तब पश्चिम बंगाल स्कूल सर्विस कमिशन (SSC) ने सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भर्ती निकाली थी। यह भर्ती प्रक्रिया 2016 में शुरू हुई थी। उस वक्त पार्थ चटर्जी शिक्षा मंत्री थे। इस मामले में गड़बड़ी की कई शिकायतें कोलकाता हाईकोर्ट में दाखिल हुई थीं।