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Meghalaya: समलैंगिक जोड़ों को आशीर्वाद दे सकेंगे कैथोलिक पादरी, पोप फ्रांसिस की मंजूरी के बाद चर्च ने की घोषणा
Sat, 23 Dec 2023 05:06 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलॉन्ग
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिलॉन्ग
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 23 Dec 2023 05:06 PM IST
सार
Meghalaya: शिलॉन्ग के मुख्य पादरी विक्टर लिंगदोह ने एक बयान में कहा कि पोप फ्रांसिस की मंजूरी के बाद कैथोलिक चर्च ने 'फिडुसिया सप्लिकन्स' घोषणा जारी की। इसके साथ ही कैथोलिक पादरियों के लिए समलैंगिक जोड़ों को किसी प्रकार के अनुष्ठान के बिना आशीर्वाद देना संभव होगा।
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कैथोलिक चर्च।
- फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
मेघालय में कैथोलिक चर्च ने घोषणा की है कि उसके पादरियों को समलैंगिक जोड़ों को बिना किसी विवाह संस्कार के आशीर्वाद देने की अनुमति दी जाएगी। यह फैसला ऐसे समय में किया गया है, जब कुछ दिन पहले पोप फ्रांसिस ने ऐसे जोड़ों के लिए आशीर्वाद देने की मंजूरी दी है।
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मुख्य पादरी ने क्या कहा?
इस घोषणा से दस लाख से ज्यादा की आबादी वाले पूर्वोत्तर राज्य में कैथोलिक चर्च संगठन में बड़े बदलाव आएंगे। शिलॉन्ग के मुख्य पादरी विक्टर लिंगदोह ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि पोप फ्रांसिस की मंजूरी के बाद कैथोलिक चर्च ने 'फिडुसिया सप्लिकन्स' घोषणा जारी की। इसके साथ ही कैथोलिक पादरियों के लिए समलैंगिक जोड़ों को किसी प्रकार के अनुष्ठान के बिना (विवाह संस्कार) आशीर्वाद देना संभव होगा।
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मुख्य पादरी ने कहा कि यह घोषणा कैथोलिक पादरियों को समलैंगिक जोड़ों को आशीर्वाद देने की अनुमति देती है, जिसमें किसी भी औपचारिक विवाह संस्कार को शामिल किए बिना देहाती पहलू पर जोर दिया गया है। बयान में आगे बताया गया है कि आशीर्वाद अनौपचारिक शब्दों के साथ एक पुजारी की सहज प्रार्थना होगी।
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उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इसे विवाह के दौरान चर्च के आधिकारिक धार्मिक और धार्मिक अनुष्ठानों के रूप में गलत नहीं माना जाना जाहिए। उन्होंने इसकी पवित्रता और अनौपचारिक आशीर्वाद व आधिकारिक धार्मिक अनुष्ठानों के बीच अंतर पर जोर दिया।