भारत-अफगानिस्तान के बीच जल्द शुरू होगी मालवाहक विमान सेवा
पाकिस्तान को एक और कड़ा झटका देते हुए भारत और अफगानिस्तान ने दोनों देशों के बीच जल्द मालवाहक विमान सेवा शुरूआत करने पर सहमति दी है। अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अब्दुल गनी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच हार्ट ऑफ एशिया सम्मेलन के इतर हुई द्विपक्षीय वार्ता में इस समझौते पर सहमति बन गई है। वार्ता के दौरान दोनों नेताओं के बीच दोनों देशों के बीच सुरक्षा साझेदारी मजबूत बनानेए रक्षा और पुननिर्माण गतिविधियों में तेजी लाने पर भी सहमति बनी। इस दौरान अफगानिस्तान की ओर से सैन्य हार्डवेयर आपूर्ति बढ़ाने की मांग भी भारत ने स्वीकार कर ली है।
मालवाहक विमान सेवा समझौते की ओर राह बढ़ा कर भारत ने पाकिस्तान को व्यापार के क्षेत्र में भी बड़ा झटका देने की तैयारी कर ली है। दरअसल पाकिस्तान अरसे से अफगानिस्तान को अपनी सीमा से ट्रांज़िट संपर्क देने से इंकार करता रहा है।
ऐसे में इस समझौते के परवान चढ़ने से भारत और अफगानिस्तान ही नहीं बल्कि अफगानिस्तान का कई अन्य एशियाई देशों से व्यापार संपर्क बढ़ेगा। वार्ता के बाद हार्ट ऑफ एशिया के मुख्य सम्मेलन को संबोधित करते हुए मोदी और गनी ने मालवाहक विमान सेवा जल्द शुरू करने पर अपनी अपनी प्रतिबद्धता जाहिर की। इस दौरान दोनों ने भारत-ईरान-अफगानिस्तान के बीच हुए चाबहार समझौते की भी चर्चा की।
अफगानिस्तान ने सैन्य हार्डवेयर आपूर्ति बढ़ाने की मांग की
वार्ता के दौरान दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश बढ़ो के अलावा आतंकवाद से बुरी तरह प्रभावित अफगानिस्तान में पुनर्निर्माण गतिविधियों में तेजी लाने पर भी चर्चा हुई। इस दौरान गनी ने अफगानिस्तान की सुरक्षा जरूरतों का जिक्र करते हुए सैन्य हार्डवेयर आपूर्ति बढ़ाने की मांग की जिसे पीएम मोदी ने तत्काल स्वीकार कर लिया।
पीएम मोदी ने इस दौरान अफगानिस्तान की सुरक्षा और विकास के लिए भारत की ओर से पहले की तरह हर संभव मदद जारी रखने का भी आश्वासन दिया। सूत्रों ने बताया कि मालवाहक विमान सेवा समझौते को जल्द अंतिम रूप देने के लिए जल्द ही दोनों देश योजना तैयार करेंगे।