सऊदी अरब से दिल्ली आई कॉल, बनारस में होगा ब्लास्ट
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दुबई से आई एक कॉल ने पुलिस-प्रशासन को घंटों परेशान किया। कॉल के आधार पर खुफिया एजेंसियों को जानकारी हुई थी कि एक से पांच अप्रैल के बीच बनारस में ब्लास्ट कराने की साजिश आतंकियों ने रची है लेकिन जब गहराई से तफ्तीश हुई तो यह सूचना पूरी तरह फर्जी निकली। हालांकि एहतियात के तौर पर एयरपोर्ट, रेलवे स्टेशन, बस अड्डा सहित भीड़भाड़ वाले सभी स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
एसएसपी आकाश कुलहरि भी अब दो अप्रैल के बजाय तीन अप्रैल को आईपीएस वीक में शामिल होने जाएंगे। एहतियात के तौर पर खुफिया एजेंसियों के साथ ही एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (एटीएस), स्थानीय अभिसूचना इकाई को एलर्ट कर दिया गया है।
दरअसल, दुबई स्थित एक होटल से इस्लामाबाद का एक शख्स किसी से फोन पर बात कर रहा था। होटल के एक स्टॉफ ने उसकी बातचीत सुन ली। इस स्टॉफ को लगा कि वो शख्स वाराणसी समेत कुछ अन्य शहरों में एक से पांच अप्रैल के बीच ब्लास्ट की साजिश के बारे में बात कर रहा है। उसने तत्काल नई दिल्ली स्थित एक होटल के अपने परिचित स्टॉफ को इसकी जानकारी दी।
वहां से नजदीकी थाने के माध्यम से यह जानकारी केंद्रीय सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों तक पहुंची। एजेंसियों ने छानबीन शुरू करने के साथ ही बुधवार को इसका इनपुट यहां पुलिस-प्रशासन को भेजा। इसके बाद यहां चौकसी बढ़ा दी गई। सभी प्रमुख स्थानों पर तलाशी अभियान तेज कर दिया गया। हालांकि छानबीन में सूचना पूरी तरह फर्जी पाई गई।
शैक्षणिक संस्थानों पर विशेष सतर्कता
एक अप्रैल से नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होगी। इसके मद्देनजर स्कूलों और कॉलेजों को लेकर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं। विद्यालय प्रबंधनों को भी इस बारे में सतर्क किया गया है। सभी थानाध्यक्षों को ताकीद की गई कि वे अपने क्षेत्र के शैक्षणिक संस्थानों की सुरक्षा के प्रति पूरी गंभीरता बरतें।
जांच में सूचना निराधार और फर्जी पाई गई। मैं दो की बजाय तीन अप्रैल को आईपीएस वीक में शामिल होऊंगा। जिले की शांति और कानून व्यवस्था के मद्देनजर हम चौबीसों घंटे एलर्ट रहते हैं। आमजन भी सतर्क रहें और पुलिस का सहयोग करें।
-आकाश कुलहरि, एसएसपी
पांच बार आतंकी हमलों का दर्द झेला है काशी ने
काशी ने अब तक पांच बार आतंकी हमलों का दर्द झेला है। पहली बार सात अक्तूबर 1997 को नीचीबाग में बम ब्लास्ट हुआ। इसके बाद 23 फरवरी 2005 को दशाश्वमेध घाट पर विस्फोट हुआ। जबकि जबकि सात मार्च 2006 को संकटमोचन मंदिर और कैंट रेलवे स्टेशन पर सीरियल बम ब्लास्ट हुआ।
23 नवंबर 2007 को कचहरी परिसर में बम धमाका हुआ। सात दिसंबर 2010 को शीतला घाट पर ब्लास्ट हुआ। इसके अलावा 28 नवंबर 2005 को चौक थाना क्षेत्र में स्टील के पांच कंटेनर में भारी मात्रा में विस्फोटक बरामद हुआ था।