{"_id":"6650bd5a733ac97c2b0f76dc","slug":"calcutta-high-court-stay-on-probe-against-officer-accused-of-restraining-woman-in-raj-bhavan-molestation-cas-2024-05-24","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kolkata: महिला को रोकने के आरोपी अधिकारी के खिलाफ जांच पर रोक, छेड़छाड़ मामले में हाईकोर्ट का निर्देश","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Kolkata: महिला को रोकने के आरोपी अधिकारी के खिलाफ जांच पर रोक, छेड़छाड़ मामले में हाईकोर्ट का निर्देश
Fri, 24 May 2024 09:46 PM IST
शिव शरण शुक्ला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Fri, 24 May 2024 09:46 PM IST
सार
जस्टिस सिन्हा की कोर्ट ने पुलिस को अब तक की गई जांच पर रिपोर्ट 10 जून को पेश करने का निर्देश दिया। इसी दिन मामले में सुनवाई होगी।
विज्ञापन
बंगाल राज्यपाल सीवी आनंद बोस
- फोटो : ANI
विस्तार
कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस पर छेड़छाड़ का आरोप लगाने वाली एक महिला को कथित तौर पर गलत तरीके से रोकने के मामले में राजभवन के एक अधिकारी के खिलाफ पुलिस जांच पर रोक लगा दी है। जस्टिस अमृता सिन्हा ने 17 जून तक जांच पर अस्थायी रोक लगाने का आदेश दिया।
विज्ञापन
जस्टिस सिन्हा की कोर्ट ने पुलिस को अब तक की गई जांच पर रिपोर्ट 10 जून को पेश करने का निर्देश दिया। इसी दिन मामले में सुनवाई होगी। विशेष ड्यूटी अधिकारी (ओएसडी) संदीप कुमार सिंह ने अपने खिलाफ कार्यवाही और दर्ज एफआईआर को रद्द करने की अपील करते हुए हाईकोर्ट का रुख किया था।
विज्ञापन
पुलिस के अनुसार, 2 मई को महिला को गलत तरीके से रोककर राजभवन से निकलने से रोकने के आरोप में ओएसडी सहित तीन अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। महिला ने दो मई को राज्यपाल बोस पर छेड़छाड़ का आरोप लगाया था। इसके बाद कोलकाता पुलिस ने जांच शुरू की। संविधान के अनुच्छेद 361 के अनुसार, किसी राज्यपाल के खिलाफ उसके कार्यकाल के दौरान कोई आपराधिक कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती है। सिंह और दो अन्य अधिकारियों ने 21 मई को मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की अदालत से अग्रिम जमानत ली थी। सिंह के वकील राजदीप मजूमदार ने जस्टिस सिन्हा की अदालत के समक्ष दावा किया कि आरोप शरारतपूर्ण हैं और इसके आधार पर कोई मामला दर्ज नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन