मंदिरों में बीफ रख दंगे कराना चाहता था ISIS, पकड़े गए संदिग्धों का खुलासा
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हैदराबाद से राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने आतंकी संगठन आईएसआईएस के 11 संदिग्धों को दबोचकर बड़ी सफलता हासिल की है। जांच एजेंसी के सूत्रों के मुताबिक जिन 11 संदिग्धों को एनआईए ने हिरासत में लिया है, उनमें से पांच ने बड़ा खुलासा किया है।
संदिग्ध आईएसआईएस के इशारे पर रमजान के ही पाक महीने में मंदिरों में गोमांस और भैंस के मांस के टुकड़े रखकर सांप्रदायिक माहौल को भड़काने और दंगे कराना चाहते थे। ये सभी संदिग्ध भारत में आईएसआईएस के हैंडलर शफी आर्मर के संपर्क में थे।
शफी आर्मर आईएसआईएस के लिए नई भर्तियां करता है। इनके रडार पर हैदराबाद के चारमीनार स्थित भाग्यलक्ष्मी मंदिर था। पास के मॉल और दुकानों के आस-पास बम धमाके भी इनके मंसूबों में शामिल थे।
टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक राष्ट्रीय जांच एजेंसी से जुड़े सूत्रों ने बताया कि संदिग्ध आतंकियों को फोन पर उनकी बातचीत सुनने के बाद गिरफ्तार किया गया। एनआईए को संदिग्धों से और भी खुलासा होने की उम्मीद है।
एनआईए को बड़ी कामयाबी
ये सभी बीते कई महीने से एनआईए के जांच के दायरे में थे। हिरासत में लिए गए सभी आतंकी युवा हैं और नौकरीपेशा हैं। सभी की उम्र 20 से 30 की बताई जा रही है, कुछ इंजीनियर भी हैं।
संदिग्ध आतंकियों में मॉड्यूल का सरगना मोहम्मद इब्राहिम याजदानी, मोहम्मद इलियास याजदानी, अबदुल्ला बिन अहमद अल अमूदी, हबीब मोहम्मद और मोहम्मद इरफान के नाम शामिल हैं।
संदिग्धों की बीते 25 जून को फोन हुई बातचीत ने जांच एजेंसी का शक हकीकत में बदल दिया। फोन पर 4-4 टुकड़े गोमांस और भैंस के मांस के उसी दिन लाने के लिए कहा गया जबकि अगले दिन गोमांस के 7 टुकड़े लाने के लिए कहते हुए सुना गया। इसी के साथ उन्होंने अगले कुछ दिनों में बम धमाकों को अंजाम देने की भी योजना बनाई थी। हमलों के इस मॉड्यूल की फंडिंग दुबई के जरिए की जानी थी।
Published By Rohit Kumar Porwal