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Bullet Train: जापान ने भारत को गिफ्ट में दी ये दो खास ट्रेनें, जाने क्या है इनकी खासियत
Wed, 16 Apr 2025 08:58 PM IST
राहुल कुमार
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: राहुल कुमार
Updated Wed, 16 Apr 2025 08:58 PM IST
सार
जापान ने भारत को दो शिंकानसेन ट्रेन सेट ई5 और ई3 सीरीज मुफ्त में देने का फैसला किया है। ई5 सीरीज ट्रेन की गिनती जापान की तेज रफ्तार वाली ट्रेनों में होती है। इनकी अधिकतम स्पीड 320 किमी/घंटा है। यह ट्रेन 2011 से जापान में चल रही है।
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बुलेट ट्रेन
- फोटो : ANI
विस्तार
भारत की महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट बुलेट को एक बड़ा सहारा मिलने जा रहा है। जापान ने भारत को दो शिंकानसेन ट्रेन सेट ई5 और ई3 सीरीज मुफ्त में देने का फैसला किया है। इससे मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर की टेस्टिंग और निरीक्षण में मदद मिलेगी। ये ट्रेनें 2026 की शुरुआत में भारत पहुंचेंगी।
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जापान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत पहुंचेगी इन ट्रेनों को खास तरह के इंस्पेक्शन इक्विपमेंट लगाया जाएगा। जिससे ये ट्रेनों के ट्रैक, गति, तापमान और धूल जैसे भारत के पर्यावरणीय हालात को ध्यान में रखते हुए डेटा जुटाएंगी। इसके आधार पर अगली पीढ़ी की ई10 सीरीज (Alfa-X) का डिजाइन तैयार किया जाएगा।
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ई5 सीरीज ट्रेन की गिनती जापान की तेज रफ्तार वाली ट्रेनों में होती है। इनकी अधिकतम स्पीड 320 किमी/घंटा है। यह ट्रेन 2011 से जापान में चल रही है और भारत के लिए शुरू से पसंदीदा मॉडल रही है। जबकि ई 3 पुराना मॉडल हैं। जिसे जापान की ‘मिनी शिंकानसेन’ सेवा में इस्तेमाल किया जाता है। इसकी राइड क्वालिटी, एयरोडायनामिक डिजाइन और सेफ्टी फीचर्स काफ़ी बेहतरीन हैं।
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जापान के इस कदम से ई 10 (Alfa-X) की तैयारी में तेजी आएगी, जो भविष्य में 400 किमी/घंटा तक की रफ्तार से चल सकती है। वहीं भारत को भी शिंकानेस तकनीक का सीधा अनुभव मिलेगा। यह ट्रेन तेज़ ट्रेन के साथ साथ यह सुरक्षा, समयबद्धता और अत्याधुनिक इंजीनियरिंग का प्रतीक भी है। जो भारत के रेलवे बदलाव का एक बड़ा हिस्सा बनेगा। जापान इससे पहले भी इस शिंकानसेन टेक्नोलॉजी को ताइवान को भी एक टेस्ट ट्रेन दे चुका है। जापान इंटरनेशनल कोऑपरेशन एजेंसी इस प्रोजेक्ट को 80 प्रतिशत तक के लोन से फंड कर रही है। जिसकी ब्याज दर सिर्फ 0.1% है और भुगतान 50 साल में करना है।