बंगाल: बजट सत्र शुरू होते ही विधायकों का हंगामा, राज्यपाल धनखड़ नहीं पढ़ पाए अभिभाषण
पश्चिम बंगाल विधानसभा का बजट सत्र विधायकों के हंगामे की भेंट चढ़ गया। राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान टीएमसी और भाजपा विधायकों ने हंगामा शुरू करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया।
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पश्चिम बंगाल में चुनाव संपन्न होने के बाद विधानसभा का पहला सत्र जैसे ही आज शुरू हुआ कि विधायकों ने नारेबाजी शुरू करते हुए सदन से वॉकआउट कर दिया। राज्यपाल जगदीप धनखड़ जैसे ही अभिभाषण पढ़ने के लिए उठे कि भाजपा और टीएमसी विधायकों के बीच जोरदार हंगामा होने लगा, जिसके बाद राज्यपाल बिना अभिभाषण पढ़े ही सदन से बाहर निकल गए। सदन के बाहर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल धनखड़ के बीच मुलाकात हुई। इस दौरान दोनों के बीच थोड़ी देर तक बातचीत हुई। इससे पहले राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने पहले ही साफ किया है कि सरकार की सभी लिखी चीजों को वो सदन में नहीं बोलेंगे।
भाजपा विधायकों ने जय श्रीराम के नारे लगाए
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, राज्यपाल जगदीप धनखड़ जैसे ही अभिभाषण के लिए उठे कि भाजपा विधायकों ने हंगामा शुरू कर दिया। भाजपा विधायकों ने सदन के अंदर जय श्रीराम के नारे लगाते हुए सदन से बाहर निकल आए। उसके बाद राज्यपाल भी बिना अभिभाषण के ही बाहर आ गए।
BJP MLAs walk out of West Bengal Assembly. They had created a ruckus during Governor's address at the Assembly over post-poll violence in the state and had also raised slogans of 'Jai Shri Ram'.
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) July 2, 2021
नियमों के मुताबिक, विधानसभा के बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होती है। इस अभिभाषण को राज्य सरकार तैयार करती है और राज्यपाल सदन में इसे पढ़ते हैं। आमतौर पर अभिभाषण में सरकार के कामकाज की उपलब्धियां और आने वाली योजनाओं का खाका होता है, लेकिन राज्यपाल जगदीप धनखड़ कई मौकों पर ममता सरकार के कामकाज पर सवाल उठा चुके हैं।
सीएम ममता और राज्यपाल आमने-सामने
गौरतलब है कि बंगाल चुनाव में भाजपा की करारी शिकस्त के बाद पार्टी से कई नेताओं का मोहभंग शुरू हो गया है। हाल ही में भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुकुल रॉय की टीएमसी में घर वापसी हुई है, उसके बाद से भाजपा से टीएमसी में जाने का सिलसिला लगातार जारी है। विपक्षी दल भाजपा के निशाने पर ममता सरकार है। वहीं ममता बनर्जी भी भाजपा पर हमले करने का एक मौका नहीं छोड़ती। बीते दिनों सीएम ममता बनर्जी ने राज्यपाल जगदीप धनखड़ को भ्रष्टाचारी बताया था। जिसपर राज्यपाल ने खुद पर लगाए गए सारे आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया था। राज्यपाल धनखड़ ने कहा था कि उन पर राजनीति की भावना से प्रेरित होकर सारे आरोप लगाए जा रहे हैं।
भाजपा और टीएमसी के बीच टकराव
राज्य में चुनाव के दौरान भाजपा और तृणमूल कांग्रेस के बीच हुई हिंसा में दोनों दलों के कार्यकर्ताओं की मौत हुई थीं। भाजपा करीब सौ से ज्यादा कार्यकर्ताओं की मौत का दावा कर रही है। वहीं तृणमूल कांग्रेस के नेता भाजपा पर दंगा भड़काने का आरोप लगा रहे हैं। पिछले दिनों बंगाल में हुई हिंसा के बाद बड़ी संख्या में लोग असम और अन्य राज्यों के शिविरों में शरण लिए थे। राज्यपाल धनखड़ ने असम के शिविरों का दौरा कर पीड़ितों से मुलाकात की थी और हर संभव मदद का भरोसा दिया था। राज्यपाल के दौरे पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने सवाल उठाते हुए पद की गरिमा बनाए रखने की नसीहत दी थी। जिसपर भाजपा ने भी ममता पर पलटवार किया था।