Parliament Session Live: अखिलेश बोले- पीएम का एमएसपी पर दिया बयान सिर्फ भाषण, जमीनी हकीकत कुछ और
राज्यसभा में मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी ने उन सांसदों को धन्यवाद दिया जिनका कार्यकाल पूरा होने वाला है। इनमें कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गुलाम नबी आजाद भी शामिल हैं। प्रधानमंत्री ने आजाद की जमकर तारीफ की। एक आतंकी घटना का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री भावुक हो गए। वहीं गुलाम नबी ने कहा कि मैं उन खुशकिस्मत लोगों में से हूं जो पाकिस्तान नहीं गए। उन्होंने कहा कि मुझे हिंदुस्तानी मुसलमान होने पर गर्व है। वहीं ऊपरी सदन में गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के चमोली जिले में आई आपदा को लेकर बयान दिया। उन्होंने कहा कि सभी एजेंसियां स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। इसके अलावा आज निचले सदन में कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और वायनाड से सांसद राहुल गांधी विपक्ष की तरफ से मोर्चा संभालेंगे। राहुल किसान आंदोलन और कृषि कानूनों पर अपनी बात रखेंगे। यहां पढ़ें इससे जुड़े अपडेट्
लाइव अपडेट
अखिलेश बोले पीएम का भरोसा सिर्फ भाषण
समाजवादी पार्टी के प्रमुख एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लोकसभा में मंगलवार को प्रधानमंत्री मोदी पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि सोमवार को मैंने पीएम का भाषण सुना उन्होंने कहा कि एमएसपी था, एमएसपी है और एमएसपी रहेगा,लेकिन उनका यह भरोसा सिर्फ भाषण तक सीमित है। इसकी जमीनी हकीकत कुछ और ही है।उन्होंने कहा कि यदि सरकार कहती है कि कानून किसानों के लिए हैं, तो किसान इसे स्वीकार क्यों नहीं कर रहे हैं? जिन लोगों के लिए इसका गठन किया गया है, वे इसे नहीं चाहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आरोप हैं कि आपने कॉरपोरेट्स के लिए कारपेट बिछाया और ये कानून सही नहीं लाए।
50 हजार रोजगार का क्या हुआः फारूक
उन्होंने कहा कि हमारे देश में अमेरिका और ब्रिटेन से कम मामले हैं लेकिन मौतें अभी भी रुक नहीं रही है। सरकार को वैक्सीन अधिक से अधिक नागरिकों तक पहुंचाने की कोशिश करनी चाहिए।
राज्यसभा ने अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने वाले विधेयक को दी मंजूरी
राज्यसभा ने दिल्ली में अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के प्रावधान वाले विधेयक को मंजूरी दी।राज्यसभा में उत्तराखंड के पीड़ितों को दी गई श्रद्धांजलि
राज्यसभा के सदस्यों ने उत्तराखंड में ग्लेशियर टूटने से आई बाढ़ में जान गंवाने वाले लोगों को श्रद्धांजलि दी।Members of Rajya Sabha pay tribute to victims of Uttarakhand glacier disaster pic.twitter.com/bpu8HofVr9
— ANI (@ANI) February 9, 2021
प्रधानमंत्री स्वयं स्थिति पर गहरी निगाह रख रहे हैं
- वित्त वर्ष 2020-21 में, एसडीआरएफ फंड के तहत उत्तराखंड के लिए 1,041 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं। 468 करोड़ रुपये की पहली किस्त, राज्य के लिए पहले ही स्वीकृत हो चुकी है। हम सभी सावधानी बरत रहे हैं और सुरक्षा और पुनर्वास कार्य को बढ़ाने के लिए आवश्यक सभी कदम उठा रहे हैं।
- मैं सदन को केंद्र सरकार की ओर से आश्वस्त करना चाहता हूं कि राहत और बचाव के सभी संभव उपाय राज्य सरकार के साथ समन्वय के साथ किए जा रहे हैं और जो भी आवश्यक कदम उठाने जरूरी हैं, वो उठाए जा रहे हैं।
- केंद्र सरकार द्वारा स्थिति की 24 घंटे उत्तम स्तर पर निगरानी की जा रही है। प्रधानमंत्री जी स्वयं स्थिति पर गहरी निगाह रखे हुए हैं। गृह मंत्रालय के दोनों कंट्रोल रूम के द्वारा नजर रखी जा रही है। राज्य को हर संभव सहायता दी जा रही है।
- घटनास्थल पर एसएसबी की एक टीम भी पहुंची है। हिमस्खलन पर नजर रखने वाली डीआरडीओ की एक टीम भी पहुंच गई है।
घटनास्थल पर नौसेना की एक टीम तैनात है
- घटनास्थल पर नौसेना की एक टीम तैनात है, और वायु सेना के 5 हेलीकॉप्टर भी पुनर्वास कार्य में मदद कर रहे हैं। पूरी रात कड़ी मेहनत के बाद सेना द्वारा सुरंग के मुहाने पर मलबा साफ किया गया है।
- उत्तराखंड सरकार से प्राप्त सूचनाओं के अनुसार कल शाम 5 बजे तक 20 लोगों की जान जा चुकी है और 6 लोग घायल हैं। जानकारी के अनुसार 197 व्यक्ति लापता हैं, जिसमे एनटीपीसी के निर्माणाधीन परियोजना के 139, ऋषि गंगा के 46 व्यक्ति और 12 ग्रामीण शामिल हैं।
- राज्य सरकार ने जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए 4 लाख रुपये की सहायता की घोषणा की है। एक पूल के बह जाने के कारण, हमारा इस क्षेत्र के 13 छोटे गांवों से कनेक्शन कट गया है। हम हेलिकॉप्टरों के माध्यम से इन गांवों में नियमित रूप से भोजन और चिकित्सा आपूर्ति भेज रहे हैं।
बाढ़ से निचले इलाकों में जोखिम नहीं है
- एनटीपीसी के 12 लोगों को प्रभावित इलाके की एक सुरंग से सुरक्षित निकाला गया है। ऋषि गंगा परियोजनाओं के 15 लोगों को भी सुरक्षित निकाला गया है। एनटीपीसी की एक अलग परियोजना की सुरंग में, लगभग 25-35 लोग फंसे हो सकते हैं। उन्हें सुरक्षित निकालने के लिए मिशन चल रहे हैं।
- 7 फरवरी को उत्तराखंड के चमोली जिले में अलकनंदा की सहायक नदी क्षेत्र में हिम स्खलन की घटना घटी। जिसके कारण नदी के जलस्तर में काफी वृद्धि हो गई। अचानक आई बाढ़ से निचले क्षेत्र में धौलीगंगा नदी पर स्थित एनटीपीसी की निर्माणाधीन जल विद्युत परियोजना को भी नुकसान पहुंचा।
- उत्तराखंड सरकार ने कहा है कि बाढ़ से निचले इलाकों में जोखिम नहीं है। जल स्तर भी घट रहा है। हर एजेंसी स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है।
केंद्र और राज्य की एजेंसियां निगरानी कर रही हैं
राज्य सभा में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के चमोली जिले में ग्लेशियर टूटने से आई बाढ़ को लेकर जवाब देते हुए कहा कि केंद्र और राज्य की सभी संबंधित एजेंसियां स्थिति की निगरानी कर रही हैं।All concerned agencies of Centre and State are monitoring the situation: Union Home Minister on avalanche in Chamoli district of Uttarakhand, in Rajya Sabha pic.twitter.com/ylg4vHS7ig
— ANI (@ANI) February 9, 2021
चमोली हादसे पर गृह मंत्री अमित शाह देंगे बयान
मंगलवार दोपहर 11.30 बजे गृह मंत्री अमित शाह राज्यसभा में चमोली हादसे पर बयान देंगे।Union Home Minister Amit Shah to make statement in Rajya Sabha at 11:30 am over avalanche in Chamoli district of Uttarakhand.
— ANI (@ANI) February 9, 2021
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