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बीएसएफ ने जवान की शहादत पर कहा- हमने एक भी गोली नहीं चलाई, बांग्लादेश ने बेवजह की गोलीबारी
Fri, 18 Oct 2019 01:03 PM IST
योगेश साहू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश साहू
Updated Fri, 18 Oct 2019 01:03 PM IST
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बीएसएफ के शहीद हेड कांस्टेबल विजयभान सिंह
- फोटो : PTI
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पश्चिम बंगाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर ध्वज बैठक (फ्लैग मीटिंग) के बाद हुई गोलीबारी में भारतीय सीमा सुरक्षा बल के जवान की शहादत के बाद बीएसएफ ने शुक्रवार को अपने ताजा बयान में कहा कि भारत ने कोई गोली नहीं चलाई। बांग्लादेश की सेना बॉर्डर गार्ड ऑफ बांग्लादेश (बीजीबी) ने बेवजह गोलीबारी की है। बता दें कि इस गोलीबारी में उत्तर प्रदेश में फिरोजाबाद के चमरौली गांव के रहने वाले बीएसएफ के हेड कांस्टेबल विजयभान सिंह शहीद हो गए थे, जबकि एक जवान घायल हो गया था।
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समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के उस दावे को खारिज कर दिया, जिसमें कहा गया था कि उसकी गश्ती टीम को बीएसएफ के जवानों से खतरा महसूस होने पर आत्मरक्षा के बीच गोलाबारी करनी पड़ी।
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अधिकारी ने कहा कि हमारे लोगों ने एक भी गोली नहीं चलाई। यह बीजीबी की तरफ से की गई बेवजह की कार्रवाई थी, जिसमें बीएसएफ का जवान शहीद हो गया और एक अन्य घायल हुआ।
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बता दें कि बीजीबी ने ढाका में देर रात वक्तव्य जारी कर कहा था कि चूंकि बीएसएफ के जवान बांग्लादेश के क्षेत्र में घुसपैठ कर चुके थे, उन्हें बताया गया था कि बैठक के बाद उन्हें अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा। ऐसे में भारतीय जवानों के बीच असुरक्षा की स्थिति पैदा हो गई थी।
बीजीबी ने आरोप लगाया कि बीएसएफ के जवान इसके बाद उग्र हो गए और गोलियां चला दीं और अपने (भारतीय) क्षेत्र में वापस जाने लगे। बीएसएफ के अधिकारी ने बीजीबी के इस बयान के जवाब में कहा कि सेना के छह दलों ने मुर्शिदाबाद जिले में पद्मा नदी के पार अंतरराष्ट्रीय सीमा में 400 मीटर अंदर प्रवेश किया था, क्योंकि यह ध्वज बैठक के लिए चुनी गई जगह है।
उन्होंने कहा कि जब भी बीजीबी ध्वज बैठक के लिए बीएसएफ से अनुरोध करती है, हम बांग्लादेश की सीमा के अंदर जाते हैं। वहीं जब हमारी ओर से ध्वज बैठक का अनुरोध किया जाता है तो बीजीबी के जवान हमारे क्षेत्र में बैठक के लिए चुने गए स्थान तक प्रवेश करते हैं।
बीजीबी के बयान में कहा गया था कि उनकी गश्ती टीम ने तीन भारतीय मछुआरों को हिरासत में लेने की कोशिश की थी जो एक इंजन से चलने वाली नाव के जरिए पानी के रास्ते बांग्लादेश की सीमा में घुस गए थे, लेकिन उनमें से दो भागने में सफल रहे।
बीजीबी ने कहा बयान में कहा था कि इसके बाद जल्द ही बीएसएफ के चार जवानों ने, जिनमें से एक वर्दी में था, ने हिरासत में लिए मछुआरे को छुड़ाने के लिए स्पीडबोट से बांग्लादेश के इलाके में 650 गज की दूरी तय की।
सीमा सुरक्षा बल ने भी फ्लैग मीटिंग के दौरान अपने पार्टी नेता या स्थानीय क्षेत्र के पोस्ट कमांडर को शॉर्ट्स पहनने का बचाव करते हुए कहा कि यह उस विशेष भौगोलिक क्षेत्र की आवश्यकता है।
भारतीय अधिकारी ने कहा कि बीएसएफ के छह सैनिकों में से एक सिविल ड्रेस में था और पोस्ट कमांडर ने नीचे छलावरण वाली टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहने हुए थे। चूंकि, क्षेत्र मैला और नदी तटीय है, इस वजह से ज्यादातर समय लोग शॉर्ट्स और सैंडल में रहते हैं।
दिल्ली में बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि सैनिकों ने बीजीबी से एक मछुआरे को जबरन छुड़ाने की कोशिश नहीं की, क्योंकि वे बांग्लादेश के क्षेत्र में उसकी ओर से अनुरोध मिलने पर ध्वज बैठक के लिए गए थे। इस बात में कोई सच्चाई नहीं है कि बीजीबी केवल एक भारतीय मछुआरे को पकड़ सकती है और बाकी दो भागने में सफल रहे और बीएसएफ के पास चले गए।
तथ्यात्मक सच यह है कि बीजीबी ने सभी तीन मछुआरों को पकड़ लिया था और उनके सभी सामानों को जब्त कर लिया था। कुछ समय बाद, उन्होंने दो मछुआरों को ध्वज बैठक के लिए बीएसएफ के पोस्ट कमांडर को बुलाने के निर्देश देकर भेजा था, ताकि भारतीय मछुआरों को रिहा किया जा सके। उन्होंने कहा कि यह बात बीजीबी की ओर से छोड़े गए दोनों मछुआरों ने स्वीकारी है।
बीएसएफ अधिकारी ने कहा कि जब दोनों पक्षों के कमांडिंग अधिकारियों के बीच टेलीफोन पर बात हुई थी, तो गुरुवार को घटना के बाद बांग्लादेशी समकक्ष अधिकारी ने बीएसएफ के जवानों के अंतरराष्ट्रीय सीमा का उल्लंघन कर उनके क्षेत्र में प्रवेश करने जैसी कोई बात या शिकायत नहीं की थी। उन्होंने कहा कि एक मछुआरा अब भी बीजीबी की हिरासत में है।
बता दें कि बांग्लादेश सीमा पर हुई गोलीबारी में बीएसएफ के 51 वर्षीय हेड कांस्टेबल विजयभान सिंह की गोली लगने पर शहीद हो गए थे, जबकि कांस्टेबल राजवीर यादव घायल हो गया था। घटना के मद्देनजर बीएसएफ और बीजीबी की ओर से 4,096 किलोमीटर लंबी इंडो-बंगला सीमा पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है।