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Bombay High Court: 12 हजार करोड़ आयात शुल्क पर अदालत ने कस्टम विभाग से मांगा जवाब; ऑटोमोबाइल कंपनी का है मामला

Wed, 26 Feb 2025 11:10 PM IST
दीपक कुमार शर्मा एजेंसी, मुंबई
एजेंसी, मुंबई Published by: दीपक कुमार शर्मा Updated Wed, 26 Feb 2025 11:10 PM IST
सार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने कस्टम विभाग से कहा कि हलफनामा दायर कर बताएं कि स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया से पिछली अवधि से किस आधार पर टैक्स की मांग की गई है। कंपनी का दावा है कि पूर्व में वह कर का भुगतान कर चुकी है। अपनी याचिका में कंपनी ने विभाग के नोटिस को मनमाना और अवैध बताया है।

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Bombay High Court seeks response Customs department on demand for import duty from Skoda Auto Volkswagen India
बॉम्बे हाईकोर्ट - फोटो : एएनआई

विस्तार

बॉम्बे हाईकोर्ट ने स्कोडा ऑटो फॉक्सवैगन इंडिया से 1.4 अरब डॉलर (लगभग 12,000 करोड़ रुपये) का आयात शुल्क मांगने पर सीमा शुल्क विभाग से जवाब तलब किया है। हाईकोर्ट ने हलफनामा दायर यह बताने को कहा कि कंपनी से पिछली अवधि से किस आधार पर टैक्स की मांग की गई है। कंपनी का दावा है कि पूर्व में वह कर का भुगतान कर चुकी है। अपनी याचिका में कंपनी ने विभाग के नोटिस को मनमाना और अवैध बताया है।

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पिछले साल सितंबर में जारी नोटिस में सीमा शुल्क विभाग ने दावा किया कि ऑटोमोबाइल कंपनी ने अपने आयात के संबंध में भ्रामक जानकारी दी। कहा कि उसने उत्पाद के अलग-अलग भागों के आधार पर आयात शुल्क का भुगतान किया। यह एक इकाई के रूप में प्राप्त होने वाले शुल्क से बेहद कम है।
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कंपनी का तर्क- एक दशक से अधिक समय से दिया जा रहा आयात शुल्क
कंपनी ने तर्क दिया कि वह एक दशक से अधिक समय से व्यक्तिगत भागों की श्रेणी यानी अलग-अलग पार्ट्स मंगाकर आयात शुल्क का भुगतान कर रही है। इतने वर्षों के बाद विभाग एक इकाई के रूप में टैक्स की मांग नहीं कर सकता। कंपनी के अधिवक्ता अरविंद दातार ने तर्क दिया कि अब अचानक यह कहना कि इकाई श्रेणी के अनुसार टैक्स का भुगतान किया जाना चाहिए... यह उचित नहीं है।
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हम केवल मुद्दे की अवधि पर फैसला कर रहे: न्यायमूर्ति
न्यायमूर्ति बीपी कोलाबावाला और फिरदौश पूनीवाला की खंडपीठ बुधवार को स्पष्ट किया कि वह इस स्तर पर केवल अवधि के मुद्दे पर ही निर्णय लेगी। अदालत ने कहा, हमने सभी मुद्दों पर विस्तार से सुना है। हम केवल मुद्दे की अवधि पर फैसला कर रहे हैं क्योंकि यह मामले की जड़ तक जाता है। कृपया हलफनामा दाखिल करें। विभाग को इसके लिए 10 मार्च तक का समय दिया गया है।

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