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Bombay High Court: गेटवे ऑफ इंडिया पर जेटी निर्माण को हाईकोर्ट की हरी झंडी, पर्यावरण का भी रखा जाएगा खास ध्यान

Tue, 15 Jul 2025 03:16 PM IST
हिमांशु चंदेल न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: हिमांशु चंदेल Updated Tue, 15 Jul 2025 03:16 PM IST
सार

बंबई हाईकोर्ट ने गेटवे ऑफ इंडिया पर नई पैसेंजर जेटी और टर्मिनल के निर्माण को मंजूरी दे दी है। कोर्ट ने कहा कि यह परियोजना सतत विकास के सिद्धांतों के अनुरूप है और पर्यावरण को नुकसान नहीं पहुंचाएगी। प्रस्तावित एम्फीथिएटर केवल यात्रियों के बैठने के लिए होगा। पुराने जेटियों को चरणबद्ध तरीके से बंद किया जाएगा ताकि भीड़भाड़ कम हो सके।

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Bombay High Court approved Maharashtra government build passenger jetty terminal mumbai Gateway of India
बंबई उच्च न्यायालय - फोटो : एएनआई (फाइल)

विस्तार

मुंबई के प्रतिष्ठित गेटवे ऑफ इंडिया पर एक नया यात्री जेटी और टर्मिनल बनाने के महाराष्ट्र सरकार के फैसले को बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को मंजूरी दे दी। कोर्ट ने यह मंजूरी कुछ शर्तों के साथ दी है ताकि पर्यावरण का संतुलन बना रहे और यात्री सुविधाएं बेहतर की जा सकें।
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मुख्य न्यायाधीश आलोक अराधे और न्यायमूर्ति संदीप मर्णे की पीठ ने महाराष्ट्र सरकार की इस नीति को सही ठहराते हुए कहा कि यह परियोजना सतत विकास के सिद्धांतों पर आधारित है। कोर्ट ने साफ किया कि यह निर्णय मनमाना, अव्यावहारिक या बिना सोच-विचार का नहीं है। हाईकोर्ट ने टिप्पणी की कि विकास की दिशा में आगे बढ़ना तब तक पर्यावरण के लिए नुकसानदेह नहीं है जब तक वह नियमन और विवेक के साथ किया जाए।
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केवल बैठने की जगह होगा एम्फीथिएटर
इस परियोजना में एम्फीथिएटर, फूड कोर्ट, कैफे, पार्किंग स्थल, टिकट काउंटर और वीआईपी वेटिंग एरिया शामिल हैं। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि एम्फीथिएटर का उपयोग केवल यात्रियों के बैठने के लिए होगा, न कि किसी मनोरंजन कार्यक्रम के लिए। साथ ही, प्रस्तावित रेस्तरां और कैफे में केवल पानी और पैक किया हुआ भोजन परोसा जाएगा, न कि डाइनिंग सुविधा दी जाएगी।
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पुरानी जेटियों को चरणबद्ध तरीके से हटाया जाएगा
हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र मरीन बोर्ड को निर्देश दिया कि परियोजना पूरी होने के बाद मौजूदा चार जेटियों का इस्तेमाल बंद किया जाए। यह प्रक्रिया भारतीय नौसेना के निर्देशों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। अभी गेटवे ऑफ इंडिया पर पांच जेटियां चल रही हैं, जिनमें से एक का उपयोग केवल भाभा एटॉमिक रिसर्च सेंटर करता है।

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35 लाख यात्रियों के लिए बनेगी आधुनिक सुविधा
महाराष्ट्र मरीन बोर्ड के अनुसार हर साल लगभग 35 लाख यात्री इन चार जेटियों से यात्रा करते हैं, जो अब पुरानी और अपर्याप्त हो गई हैं। यह नई परियोजना यात्रियों को बेहतर सुविधा देने और गेटवे ऑफ इंडिया के क्षेत्र को भीड़ से राहत देने के उद्देश्य से लाई गई है।


नया जेटी केवल यात्रियों के लिए
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यह परियोजना केवल यात्रियों के चढ़ने-उतरने की सुविधा के लिए है, न कि माल या मछली के परिवहन के लिए। यह टर्मिनल दक्षिण मुंबई से रायगढ़ जिले के अलीबाग तक जाने वाली फेरी सेवाओं के यात्रियों को सुविधाजनक और सुरक्षित अनुभव देगा।

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पर्यावरण से जुड़े विरोधों पर भी कोर्ट ने रखी बात
इस परियोजना के खिलाफ कई याचिकाएं दायर हुई थीं, जिनमें कहा गया था कि गेटवे ऑफ इंडिया जैसे ऐतिहासिक स्थल पर निर्माण कार्य से पर्यावरण को नुकसान होगा। लेकिन कोर्ट ने कहा कि सभी नियमों और पर्यावरणीय संतुलन को ध्यान में रखकर ही यह मंजूरी दी गई है। इससे मुंबई के इस ऐतिहासिक स्थल पर यात्रा का अनुभव और भी बेहतर होगा।



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