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अखिलेश के कमबैक से बीजेबी परेशान, प्रचार बढ़ाने के मिले निर्देश

Sun, 29 Jan 2017 04:47 AM IST
Updated Sun, 29 Jan 2017 04:47 AM IST
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 BJP would like to make speed in uttar pradesh election
अमित शाह (फाइल फोटो)
1 जनवरी के बाद साइकिल को लेकर छिड़ी जंग में अखिलेश के कमबैक से भाजपा हाईकमान चिंतित है। हाईकमान मान रहा है कि पिछले एक महीने में अखिलेश ने अपनी छवि को इतना चमका लिया है जो वे पिछले पांच साल में चमका नहीं पाये है। साथ ही भाजपा हाईकामन को यह भी लग रहा है कि एक जनवरी के बाद साइकिल को लेकर छिड़ी जंग के बाद चुनावी मैदान से मीडिया तक अखिलेश ही चर्चाओं में रहे, जबकि भाजपा पिछले महीने में मैदान से बिल्कुल गायब रही। लिहाजा, हाईकमान  इसकी भरपाई का काम बिना समय गंवाए शुररु करेगा। 
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पार्टी अब चुनाव घोषणा प़त्र जारी करने के बाद चुनाव प्रचार अभियान को तेज करने में जुट गई है। सभी केंद्रीय मंत्रियों की प्रेस कांफ्रेंस, जनसभाये और दौरें बढ़ाने के लिए कहा गया है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी अपनी जनसभाये बढ़ाने की मांग की गई है। 
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खासकर उत्तर प्रदेश से आने वाले केंद्रीय मंत्रियों राजनाथ सिंह, उमा भारती और कलराज मिश्र से चुनावी दौरे ज्यादा से ज्यादा करने की गुजारिश की गई है। आम बजट के बाद केंद्रीय मंत्रियों के दौरे ज्यादा से ज्यादा करने के लिए कहा गया है। 
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पार्टी के एक शीर्ष रणनीतिकार ने अमर उजाला को बताया कि चुनाव घोषणा पत्र में किसानों की कर्ज माफी का मुद्दा अखिलेश के उदय को रोकने के लिए उछाला गया है। 
 

प्रधानमंत्री जनता को मुफ्त की रेवड़ी बांटने के खिलाफ

 BJP would like to make speed in uttar pradesh election
अखिलेश यादव - फोटो : SELF
रणनीतिकार का कहना था कि प्रधानमंत्री जनता को मुफ्त की रेवड़ी बांटने के खिलाफ थे। मगर किसान कर्ज माफी का एलान बहुत जरूरी बन गया था। बजट में एलान की बजाय घोषणा पत्र में किसान कर्ज माफी के एलान को पार्टी मास्टर स्टेक मान रही है।  वहीं एक केंद्रीय मंत्री मानते है कि सर्जिकल स्टइक और नोटबंदी के बाद जनता के बीच अपने प्रचार की गति को बनाये रखना भी चुनौती बन गया था। इसलिए जनवरी के महीने में पार्टी ने अपने प्रचार की गति को मंद किया था। 

मगर इस दौरान अखिलेश के मुलायम को मात देकर जीतने और फिर चुनावी जंग में वापसी करने से पार्टी हाईकमान चिंता में आ गया है। आने वाले दिनों में पार्टी टीवी, रेडियो और सोशल मीडिया में विज्ञापन तेज करेगी। साथ ही केंद्रीय मंत्रियों के दौरे बढ़ाएंगी। 
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