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राष्ट्रपति चुनाव 2017: विपक्ष का मानमनौवल नहीं करेगी भाजपा
amarujala.com- संजय मिश्र
Updated Tue, 02 May 2017 09:24 AM IST
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Narendra Modi, Amit Shah, BJP
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राजनैतिक जीत की नई उचाईयों को लगातार छू रही पीएम मोदी और अमित शाह की जोडी राष्ट्रपति चुनाव में भी अपना करिश्मा दिखाने को तैयार है। राज्यविधानसभा के संपन्न चुनावों की तरह भाजपा आलाकमान के हौसले राष्ट्रपति चुनाव के लिए भी सातवें आसमान पर हैं। भाजपा नेतृत्व को उम्मीद है कि आसानी से उसका उम्मीदवार राष्ट्रपति का चुनाव जीत जाएगा। यही वजह है कि पार्टी नेतृत्व विपक्ष की ज्यादा मानमनौवल करने के मूड में नहीं है।
पार्टी के एक शीर्ष नेता का कहना है कि स्थितियों का सम्मान सबको करना चाहिए। यदि विपक्ष हमारी स्थिति का सम्मान करता है तो ठीक वरना चुनाव का सामना करेंगे। वैसे मर्यादा का पालन करते हुए सरकार की ओर से सर्वसम्मति का प्रयास होगा। लेकिन उम्मीदवार के मामले में भाजपा अपनी बात को रखेगी। राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष में शुरू हुई कवायद की ओर इशारा करते हुए भाजपा के उक्त नेता का कहना है कि यदि विपक्ष अपना उम्मीदवार सामने खडा कर देगा तो हम उससे बैठने का आग्रह नहीं करेंगे। बल्कि चुनाव की तरह जमकर मुकाबला करेंगे।
दरअसल भगवा परिवार इस दफे हर हाल में अपने किसी व्यक्ति को संविधान के इस सर्वोच्च पद पर बैठाने के मूड में है। मोदी युग में भाजपा से लेकर संघ परिवार को उम्मीद है कि इस उसे सफलता जरूर मिलेगी। यूपी चुनाव से पहले भगवा परिवार में इस बात को लेकर संशय था कि उसका अपना व्यक्ति संविधान के सर्वोच्च् पद पर आसानी से बैठ पाएगा। लेकिन यूपी के ऐतिहासिक परिणाम के बाद संघ से लेकर भाजपा नेतृत्व तक के हौसले बढे हुए है। इन्हें उम्मीद है कि राष्ट्रपति के पद पर उनका अपना व्यक्ति आसानी से पहुंच जाएगा।
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पार्टी के एक शीर्ष नेता का कहना है कि स्थितियों का सम्मान सबको करना चाहिए। यदि विपक्ष हमारी स्थिति का सम्मान करता है तो ठीक वरना चुनाव का सामना करेंगे। वैसे मर्यादा का पालन करते हुए सरकार की ओर से सर्वसम्मति का प्रयास होगा। लेकिन उम्मीदवार के मामले में भाजपा अपनी बात को रखेगी। राष्ट्रपति चुनाव के लिए विपक्ष में शुरू हुई कवायद की ओर इशारा करते हुए भाजपा के उक्त नेता का कहना है कि यदि विपक्ष अपना उम्मीदवार सामने खडा कर देगा तो हम उससे बैठने का आग्रह नहीं करेंगे। बल्कि चुनाव की तरह जमकर मुकाबला करेंगे।
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दरअसल भगवा परिवार इस दफे हर हाल में अपने किसी व्यक्ति को संविधान के इस सर्वोच्च पद पर बैठाने के मूड में है। मोदी युग में भाजपा से लेकर संघ परिवार को उम्मीद है कि इस उसे सफलता जरूर मिलेगी। यूपी चुनाव से पहले भगवा परिवार में इस बात को लेकर संशय था कि उसका अपना व्यक्ति संविधान के सर्वोच्च् पद पर आसानी से बैठ पाएगा। लेकिन यूपी के ऐतिहासिक परिणाम के बाद संघ से लेकर भाजपा नेतृत्व तक के हौसले बढे हुए है। इन्हें उम्मीद है कि राष्ट्रपति के पद पर उनका अपना व्यक्ति आसानी से पहुंच जाएगा।
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2 फीसदी का है पूरा खेल
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- फोटो : अमर उजाला
राजग दलों को लेकर भाजपा के पास राष्ट्रपति चुनाव के कुल मतों का 49 प्रतिशत उसके पास है। अपना उम्मीदवार जीताने के लिए उसे केवल 2 प्रतिशत मतों का ही इधर—उधर से जुगाड करना पडेगा।
देश के इस सर्वोच्च पद पर संघ का कोई स्वयंसेवक अब तक नहीं पहुंचा है। यही वजह है कि राष्ट्रपति के पद पर संघ हर हाल में अपने किसी राजनैतिक व्यक्ति को आसीन होते देखना चाहता है। अटल बिहारी वाजपेई की सरकार के दौरान सर्वसम्मति बनाने के लिए राजग ने अब्दुल कलाम के नाम को आगे किया था। लेकिन देश—दुनिया में चल रही हिन्दूत्व की लहर के बीच संघ इस दफे अपनी इच्छा का हनन नहीं होने देगा।
जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के मददेनजर सरकार की ओर से सामने किए जाने वाले उम्मीदवार के नामों को लेकर कयासों के दौर जारी हैं। मगर भाजपा ने शीर्ष स्तर पर उम्मीदवार के मामले में कोई चर्चा अब तक नहीं की है। बताया जा रहा है कि जून माह में पार्टी अपने उम्मीदवार के नामों पर मंथन करेगी। वैसे सियासी गलियारे में लाल कृष्णा आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, सुषमा स्वराज, सुमित्रा महाजन, करिया मुंडा सरीखे नामों की चर्चा जरूर है।
संघ ने राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर अपनी अंदरूनी चर्चाओं में उम्मीदवारों की पसंद नापसंद पर चर्चा शुरू कर दी है। संघ की पसंद के रूप में डा मुरली मनोहर जेाशी और सुषमा स्वराज ने नाम चर्चा में आगे हैं। संघ नेतृत्व जल्द ही अपने नामों की सूची को पीएम मोदी के समक्ष रखेगा।
देश के इस सर्वोच्च पद पर संघ का कोई स्वयंसेवक अब तक नहीं पहुंचा है। यही वजह है कि राष्ट्रपति के पद पर संघ हर हाल में अपने किसी राजनैतिक व्यक्ति को आसीन होते देखना चाहता है। अटल बिहारी वाजपेई की सरकार के दौरान सर्वसम्मति बनाने के लिए राजग ने अब्दुल कलाम के नाम को आगे किया था। लेकिन देश—दुनिया में चल रही हिन्दूत्व की लहर के बीच संघ इस दफे अपनी इच्छा का हनन नहीं होने देगा।
जुलाई में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव के मददेनजर सरकार की ओर से सामने किए जाने वाले उम्मीदवार के नामों को लेकर कयासों के दौर जारी हैं। मगर भाजपा ने शीर्ष स्तर पर उम्मीदवार के मामले में कोई चर्चा अब तक नहीं की है। बताया जा रहा है कि जून माह में पार्टी अपने उम्मीदवार के नामों पर मंथन करेगी। वैसे सियासी गलियारे में लाल कृष्णा आडवाणी, मुरली मनोहर जोशी, सुषमा स्वराज, सुमित्रा महाजन, करिया मुंडा सरीखे नामों की चर्चा जरूर है।
संघ ने राष्ट्रपति उम्मीदवार को लेकर अपनी अंदरूनी चर्चाओं में उम्मीदवारों की पसंद नापसंद पर चर्चा शुरू कर दी है। संघ की पसंद के रूप में डा मुरली मनोहर जेाशी और सुषमा स्वराज ने नाम चर्चा में आगे हैं। संघ नेतृत्व जल्द ही अपने नामों की सूची को पीएम मोदी के समक्ष रखेगा।