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सुप्रीम कोर्ट से हरी झंडी के बाद प. बंगाल में भाजपा 20 जनवरी से शुरू करेगी रैलियां
Wed, 16 Jan 2019 06:23 PM IST
अमित मंडल
भाषा, कोलकाता
भाषा, कोलकाता
Published by: अमित मंडल
Updated Wed, 16 Jan 2019 06:23 PM IST
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अमित शाह
- फोटो : PTI
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भारतीय जनता पार्टी राज्य में आगामी 20 जनवरी से रैलियों की तीन दिवसीय श्रृंखला की शुरुआत करेगी और इन रैलियों को पार्टी अध्यक्ष अमित शाह संबोधित करेंगे। पार्टी की पश्चिम बंगाल इकाई के अध्यक्ष दिलीप घोष ने यह घोषणा की। उच्चतम न्यायालय ने राज्य सरकार को भगवा पार्टी को सार्वजनिक रैलियां और बैठकें करने की इजाजत देने के लिए कहा था।
भाजपा की प्रस्तावित रैलियों से एक दिन पहले 19 जनवरी को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में एक रैली आयोजित करेगी जिसमें शामिल होने के लिए देशभर के विपक्षी नेताओं को आमंत्रित किया गया है। घोष ने कहा, ‘‘हम 20 जनवरी से सार्वजनिक रैलियां आयोजित करना शुरू करेंगे। अमित शाह 20 जनवरी को माल्दा में पहली रैली को संबोधित करेंगे।’’
उन्होंने बताया कि 21 जनवरी को शाह बीरभूम जिले के सूरी और झारग्राम में दो रैलियों को संबोधित करेंगे। वह 22 जनवरी को नदिया जिले के कृष्णानगर और दक्षिण 24 परगना जिले के जयनगर में रैलियों को संबोधित करेंगे। शाह ने राज्य की 42 लोकसभा सीटों में से 22 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है।
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घोष ने इससे पहले कहा था कि पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुछ रैलियां आयोजित कराना भी चाहती है। उन्होंने कहा था कि वे प्रधानमंत्री की रैलियों के लिए केंद्रीय नेता से बात कर रहे हैं लेकिन अभी किसी भी बात की पुष्टि नहीं की गई है। पिछले कुछ वर्षों में पार्टी राज्य में मुख्य विपक्ष के रूप में उभरकर सामने आई है।
भाजपा ने राष्ट्रीय चुनावों में अपनी संभावनाओं को बढ़ाने के लिए ‘‘रथ यात्रा’’ की योजना बनाई थी जो राज्य के सभी लोकसभा क्षेत्रों से होकर गुजरने वाली थी। हालांकि राज्य सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी और तब से यह मामला कानूनी पचड़ों में फंसा हुआ है।
उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में भाजपा की प्रस्तावित ‘‘रथ यात्रा’’ पर अस्थायी रोक लगा दी थी और पार्टी से कहा था कि वह राज्य की ममता बनर्जी सरकार के समक्ष पुनरीक्षित प्रस्ताव देकर नए सिरे से मंजूरी मांगे। न्यायालय ने कहा था कि कानून-व्यवस्था से जुड़ी राज्य सरकार की आशंकाएं ‘‘पूरी तरह निराधार नहीं’’ हैं। घोष ने कहा कि उन्हें ‘रथ यात्रा’ पर अभी निर्णय लेना है और बंगाल इकाई केंद्रीय नेताओं के साथ मामले पर विचार विमर्श करेगी।
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भाजपा की प्रस्तावित रैलियों से एक दिन पहले 19 जनवरी को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता के ब्रिगेड परेड मैदान में एक रैली आयोजित करेगी जिसमें शामिल होने के लिए देशभर के विपक्षी नेताओं को आमंत्रित किया गया है। घोष ने कहा, ‘‘हम 20 जनवरी से सार्वजनिक रैलियां आयोजित करना शुरू करेंगे। अमित शाह 20 जनवरी को माल्दा में पहली रैली को संबोधित करेंगे।’’
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उन्होंने बताया कि 21 जनवरी को शाह बीरभूम जिले के सूरी और झारग्राम में दो रैलियों को संबोधित करेंगे। वह 22 जनवरी को नदिया जिले के कृष्णानगर और दक्षिण 24 परगना जिले के जयनगर में रैलियों को संबोधित करेंगे। शाह ने राज्य की 42 लोकसभा सीटों में से 22 सीटें जीतने का लक्ष्य रखा है।
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घोष ने इससे पहले कहा था कि पार्टी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कुछ रैलियां आयोजित कराना भी चाहती है। उन्होंने कहा था कि वे प्रधानमंत्री की रैलियों के लिए केंद्रीय नेता से बात कर रहे हैं लेकिन अभी किसी भी बात की पुष्टि नहीं की गई है। पिछले कुछ वर्षों में पार्टी राज्य में मुख्य विपक्ष के रूप में उभरकर सामने आई है।
भाजपा ने राष्ट्रीय चुनावों में अपनी संभावनाओं को बढ़ाने के लिए ‘‘रथ यात्रा’’ की योजना बनाई थी जो राज्य के सभी लोकसभा क्षेत्रों से होकर गुजरने वाली थी। हालांकि राज्य सरकार ने इसकी अनुमति नहीं दी और तब से यह मामला कानूनी पचड़ों में फंसा हुआ है।
उच्चतम न्यायालय ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल में भाजपा की प्रस्तावित ‘‘रथ यात्रा’’ पर अस्थायी रोक लगा दी थी और पार्टी से कहा था कि वह राज्य की ममता बनर्जी सरकार के समक्ष पुनरीक्षित प्रस्ताव देकर नए सिरे से मंजूरी मांगे। न्यायालय ने कहा था कि कानून-व्यवस्था से जुड़ी राज्य सरकार की आशंकाएं ‘‘पूरी तरह निराधार नहीं’’ हैं। घोष ने कहा कि उन्हें ‘रथ यात्रा’ पर अभी निर्णय लेना है और बंगाल इकाई केंद्रीय नेताओं के साथ मामले पर विचार विमर्श करेगी।