BJP: घटी सीटें और कड़े चुनावों के बीच भाजपा का सदस्यता अभियान शुरू, कहां से आएगी नई ऊर्जा
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विस्तार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भाजपा का पहला सदस्य बनाकर पार्टी ने आज से अपना सदस्यता अभियान शुरु कर दिया है। अगले 15 दिनों तक चलने वाले इस सदस्यता अभियान में पार्टी ने दस करोड़ प्राथमिक सदस्य बनाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। भाजपा ने यह लक्ष्य ऐसे समय में निर्धारित किया है जब लोकसभा चुनावों में उसकी सीटों की संख्या घटी है। आने वाले छः विधानसभा चुनावों में भी उसे हर कहीं बेहद कड़ी चुनौती का सामना करना है। केंद्र के दस साल में उपजे एंटी इनकंबेंसी फैक्टर के साथ-साथ उसे कई राज्यों में सरकार होने के कारण भी एंटी इनकंबेंसी फैक्टर का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में का अपना जनाधार बढ़ाने का लक्ष्य कैसे पूरा होगा? भाजपा इस सदस्यता अभियान से क्या हासिल करना चाहती है?इन प्रश्नों के उत्तर भी भाजपा के शीर्ष नेताओं के बयानों में ही खोजे जा सकते हैं। पंडित दीन दयाल मार्ग पर स्थित भाजपा कार्यालय के विस्तार में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपना अनुभव साझा किया और कहा कि जब जनसंघ के कार्यकर्ता दीवारों पर दीया (जनसंघ का चुनाव चिन्ह) बनाते थे तब लोग उनका मजाक उड़ाते थे। यही हाल तब भी हुआ था जब 1984 में भाजपा केवल दो सीटों पर सफलता हासिल कर पाई थी। लेकिन उनके इरादे मजबूत और नीयत सही थी, और यही कारण है कि भाजपा आज दुनिया की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बन गई है।
पीएम के इन संदेशों में ही यह पढ़ा जा सकता है कि पार्टी की कुछ सीटें कम होने से उनके इरादे कमजोर नहीं पड़े हैं। भाजपा की यह रणनीतिक सोच हर जगह दिखाई पड़ती है कि वह हार के बाद भी निराश-हताश होकर नहीं बैठती और पूरी ऊर्जा से काम करते हुए एक बार फिर जीत हासिल करने का लक्ष्य हासिल करती है। मोदी के वक्तव्य इशारा कर रहे थे कि भाजपा अपने इस महामंत्र को अभी भी भूली नहीं है।
सबसे कमजोर कड़ी को मजबूत बनाने का लक्ष्य
भाजपा ने उन बूथों पर सबसे अधिक और सबसे पहले मेहनत करने का प्लान बनाया है जहां से उसे सबसे कम वोट मिले हैं। यानी वह अपनी उसी कमजोर कड़ी को मजबूत करना चाहती है जो उसकी कमजोरी साबित हो रहे हैं। इसके लिए मंगलवार से ही अभियान शुरु कर दिया जाएगा। इसी तरह सबसे दूर-दराज के इलाकों जहां सामान्य तौर पर दूसरे दलों की पहुंच नहीं हो पाती, वहां भी अपनी पकड़ मजबूत बनाना पार्टी की प्राथमिकता में शामिल है।
लंबे समय की रणनीति
भाजपा के अभियान में अभी से उसकी 2047 के स्वतंत्रता के शताब्दी वर्ष का प्लान देखा जा सकता है। पार्टी ने 18 से 25 वर्ष के उन युवाओं को सबसे अधिक सदस्य बनाने का लक्ष्य रखा है जो अभी पहली बार वोट दे चुके हैं या भविष्य में देने वाले हैं। यही युवा 25 वर्ष बाद देश की अलग-अलग भूमिकाओं में देश को नई राह दिखा रहे होंगे। यदि उस समय पार्टी को मजबूत बनाना है तो उसे अभी से उन पौधों को विचारधारा के आधार पर मजबूत करना होगा जो उसकी रीढ़ की ताकत बनने वाले हैं। इसे देखते हुए कहा जा सकता है कि पार्टी ने इस सदस्यता अभियान को केवल चुनाव जीतने तक सीमित नहीं रखा है, बल्कि यह उसकी दूरगामी रणनीति का हिस्सा है।
विधायक ने कहा
लक्ष्मी नगर, दिल्ली से भाजपा के विधायक अभय वर्मा ने अमर उजाला से कहा कि उनकी लोकसभा में पार्टी ने 30 हजार वोटों के अंतर से जीत हासिल की थी। उनका लक्ष्य है कि इन मतदाताओं को पार्टी का प्राथमिक सदस्य बनाया जाए। वे स्वयं एक अभियान चलाकर अपने इलाके के कमजोर इलाकों को भाजपा से जोड़ने का काम करेंगे। उन्होंने कहा कि पार्टी के पास कार्यकर्ताओं की बहुत अच्छी संख्या है और सबका सहयोग लेते हुए वे हर क्षेत्र के हर घर में जनसंपर्क कर लोगों को भाजपा से जोड़ने का काम करेंगे।
दिल्ली में भी सरकार बनाएंगे- भाजपा कार्यकर्ता
बाहरी दिल्ली जिला के ओबीसी मोर्चा के अध्यक्ष देवेंद्र वर्मा ने कहा कि पार्टी नेतृत्व ने हर नए सदस्य का उसी तरह स्वागत करने को कहा है जैसे कि घर-परिवार में नया सदस्य आने के बाद उसका स्वागत किया जाता है। अब उनकी कोशिश रहेगी कि पार्टी में ऐसे लोगों को जोड़ा जाए जो पार्टी की विचारधारा से सहानुभूति रखते हों। उन्होंने कहा कि आने वाले दिल्ली विधानसभा चुनावों को देखते हुए उनकी कोशिश रहेगी कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को भाजपा से जोड़कर इस बार दिल्ली में भी पार्टी की सरकार बनाई जाए।