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मोदी की रैली में पूर्व प्रदेश अध्यक्ष की अनदेखी बनी चर्चा
ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
Updated Fri, 27 May 2016 01:29 AM IST
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- फोटो : ब्यूरो/अमर उजाला, सहारनपुर
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रैली में पश्चिमी क्षेत्र के तमाम विधायक और सांसद पहुंचे। जिनका सभा संचालक ने नाम लेकर स्वागत किया और संबोधन भी कराया। लेकिन पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और मेरठ शहर विधायक का स्वागत तो दूर रैली में नाम तक नहीं लिया गया।
डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी भाजपा के पहले ऐसे प्रदेश अध्यक्ष हैं, जिनके कार्यकाल में भाजपा ने स्थानीय निकाय चुनाव में दस नगर निगम समेत दजनों नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अपने महापौर और अध्यक्ष निर्वाचित कराए। तो लोकसभा चुनाव में यूपी से रिकार्ड 72 सीटें भी भाजपा ने जीती। लेकिन आज वहीं नेता अध्यक्ष पद से हटते ही पार्टी में पूरी तरह उपेक्षित नजर आया।
डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी सहारनपुर रैली की तैयारी में अपने विधानसभा क्षेत्र तक ही सिमटे हुए नजर आए। इतना ही नहीं बृहस्पतिवार सुबह उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र से जाने वाली बसों को रवाना किया और दोपहर में करीब चार बजे खुद भी रैली में सहारनपुर पहुंचे।
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डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी भाजपा के पहले ऐसे प्रदेश अध्यक्ष हैं, जिनके कार्यकाल में भाजपा ने स्थानीय निकाय चुनाव में दस नगर निगम समेत दजनों नगर पालिकाओं और नगर पंचायतों में अपने महापौर और अध्यक्ष निर्वाचित कराए। तो लोकसभा चुनाव में यूपी से रिकार्ड 72 सीटें भी भाजपा ने जीती। लेकिन आज वहीं नेता अध्यक्ष पद से हटते ही पार्टी में पूरी तरह उपेक्षित नजर आया।
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डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी सहारनपुर रैली की तैयारी में अपने विधानसभा क्षेत्र तक ही सिमटे हुए नजर आए। इतना ही नहीं बृहस्पतिवार सुबह उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र से जाने वाली बसों को रवाना किया और दोपहर में करीब चार बजे खुद भी रैली में सहारनपुर पहुंचे।
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लक्ष्मीकांत वाजपेयी रैली की तैयारी में अपने विधानसभा क्षेत्र तक ही सिमटे नजर आए
एक तरफ जहां मेरठ के ही प्रदेश मंत्री अश्वनी त्यागी मुख्य मंच पर पूरी व्यवस्था बनाने में शामिल थे और सांसद राजेंद्र अग्रवाल मंच पर विराजमान थे। इसके अलावा पश्चिमी क्षेत्र के तमाम विधायक दूसरे मंच पर मौजूद थे और संचालक ने भी सभी का नाम लेकर उनका स्वागत किया।
मेरठ के विधायक रविंद्र भड़ाना का संबोधन भी कराया। लेकिन डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी इसमें कहीं नजर नहीं आए। ऐसा नहीं कि डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी कोई अनजान नेता हैं। रैली स्थल पर उन्होंने देखा जरूर गया होगा, लेकिन किसी ने भी इसकी सूचना मंच पर बैठे नेताओं को नहीं दी।
इस मामले में डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि उन्हें मंच पर बैठने की कोई पूर्व सूचना नहीं थी, इसलिए वह कार्यकर्ता की तरह रैली में पहुंचे और पूरे समय जनता के बीच बैठकर संबोधन सुना। वह खुद मंच पर क्यों नहीं गए? इस सवाल पर उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। वाजपेयी की इस उपेक्षा को लेकर पार्टी में तमाम तरह की चर्चाएं हैं।
मेरठ के विधायक रविंद्र भड़ाना का संबोधन भी कराया। लेकिन डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी इसमें कहीं नजर नहीं आए। ऐसा नहीं कि डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी कोई अनजान नेता हैं। रैली स्थल पर उन्होंने देखा जरूर गया होगा, लेकिन किसी ने भी इसकी सूचना मंच पर बैठे नेताओं को नहीं दी।
इस मामले में डा. लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने बताया कि उन्हें मंच पर बैठने की कोई पूर्व सूचना नहीं थी, इसलिए वह कार्यकर्ता की तरह रैली में पहुंचे और पूरे समय जनता के बीच बैठकर संबोधन सुना। वह खुद मंच पर क्यों नहीं गए? इस सवाल पर उन्होंने कुछ भी कहने से इंकार कर दिया। वाजपेयी की इस उपेक्षा को लेकर पार्टी में तमाम तरह की चर्चाएं हैं।