राम मंदिर और दो बच्चों के कानून के लिए राजनीति भी छोड़ सकता हूं : गिरिराज सिंह
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भाजपा के फायरब्रांड नेता व केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा है कि वह राम मंदिर व जनसंख्या कानून के लिए राजनीति भी छोड़ सकते हैं। उन्होंने राम मंदिर विवाद और हिंदुओं की दुर्दशा के लिए कांग्रेस को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि यदि नेहरू के स्थान पर पटेल प्रधानमंत्री होते तो कश्मीर समेत अन्य समस्याएं देश के सामने नहीं होती। वह बुधवार को मीडिया के लोगों से मुखातिब थे।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश का बंटवारा धर्म के आधार पर हुआ था लेकिन पंडित नेहरू ने मुस्लिम वोटों की खातिर काशी, मथुरा व अयोध्या का समाधान नहीं होने दिया। कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर की सुनवाई चुनाव तक टालने की दलील दे रहे हैं।
'राम मंदिर भाजपा के एजेंडे में शीर्ष पर'
उन्होंने सुप्रीम कोर्ट द्वारा राम मंदिर विवाद पर जनवरी तक सुनवाई टालने के प्रश्न पर दुख व्यक्त करते हुए कहा कि सुप्रीत कोर्ट करोड़ों लोगों की भावनाओं से जुड़े इस मुद्दे की सुनवाई को टालकर उनकी भावनाओं को आहत क्यों करना चाहती है? उन्होंने कहा कि राम मंदिर भाजपा के एजेंडे में शीर्ष पर है और उनकी पार्टी चुनाव से पहले इसके लिए कोई ठोस काम करेगी।
उन्होंने कहा कि यदि आवश्यकता पड़ी तो हिंदुत्व की रक्षा के लिए वह राजनीति से भी संयास ले लेंगे। बिहार में जेडीयू व भाजपा के बीच सीटों के बंटवारे को लेकर पूछे गए प्रश्न के बारे में कोई भी टिप्प्णी करने से इंकार कर दिया। इस अवसर पर चंद्रशेखर गर्ग, अनिल चौधरी, ममता सहगल, सर्वेश शर्मा, पवन गुप्ता, कमल अग्रवाल आदि मौजूद थे।
गाय अब मॉब लिचिंग नहीं अर्थनीति की मुख्य धारा होगी
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह का कहना है कि गाय अब मॉब लिंचिंग का कारण नहीं बल्कि आमदनी का मुख्य स्रोत रहेगी। उनका विभाग गाय के गोबर व मूत्र से कई उत्पाद बनाने जा रहा है। प्राइमरी परीक्षण किया जा चुका है। शीघ्र ही गाय देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगी।
अमर उजाला से विशेष वार्ता में केंद्रीय मंत्री ने बताया कि उनके विभाग ने गाय के गोबर से पेपर व अन्य कई उत्पाद बनाने में सफलता हासिल की है। गाय के गोबर से अधिक गुणवत्ता वाला कंपोस्ट खाद तैयार किया जा रहा है जो रासायनिक खाद की जगह लेगा। शीघ्र ही विभाग इसके लिए देश भर में अपना नेटवर्क बनाने जा रहा है। गोमूत्र से कई उत्पाद बनाकर गोपालक की आमदनी बढ़ाई जाएगी। अब गाय का दूध बाई प्रोडक्ट बन कर रह जाएगा।