{"_id":"65dee8c19da6dc97910278a5","slug":"bjp-on-sit-in-against-worsening-law-and-order-in-bengal-congress-leader-kaustav-bagchi-quits-party-2024-02-28","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Bengal: संदेशखाली हिंसा के विरोध में कोलकाता में भाजपा का धरना प्रदर्शन; कौस्तव बागची का कांग्रेस से इस्तीफा","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Bengal: संदेशखाली हिंसा के विरोध में कोलकाता में भाजपा का धरना प्रदर्शन; कौस्तव बागची का कांग्रेस से इस्तीफा
Wed, 28 Feb 2024 03:10 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: श्वेता महतो
Updated Wed, 28 Feb 2024 03:10 PM IST
सार
भाजपा की राज्य इकाई के शीर्ष नेताओं के नेतृत्व में मायो रोड में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास धरना प्रदर्शन शुरू हुआ। पश्चिम बंगाल में भाजपा प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा कि बंगाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है।
विज्ञापन
कोलकाता में भाजपा का धरना प्रदर्शन
- फोटो : ANI
विस्तार
संदेशखाली हिंसा को लेकर भाजपा ने कोलकाता में बुधवार से दो दिनों के लिए धरना प्रदर्शन शुरू किया है। उनका यह धरना प्रदर्शन हिंसाग्रस्त क्षेत्र में कानून व्यवस्था की खराब स्थिति और तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेताओ द्वारा ग्रामीणों पर अत्याचार के खिलाफ है।
भाजपा की राज्य इकाई के शीर्ष नेताओं के नेतृत्व में मायो रोड में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास धरना प्रदर्शन शुरू हुआ। पश्चिम बंगाल में भाजपा प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा, "बंगाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। संदेशखाली में जमीनों पर कब्जा करने और यौन उत्पीड़न के मामले इसका उदाहरण है।"
संदेशखाली हिंसा को लेकर प्रदर्शन कर रहे भाजपा सांसद दिलीप घोष ने कहा, "हमारी मांग आरोपी शाहजहां शेख और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार करने की है। उनके खिलाफ कानून के मुताबिक मुकदमा चलाया जाए।"
विज्ञापन
टीएमसी सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, "लेकिन राज्य सरकार कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है। पुलिस पिछले 12 वर्षों से उस इलाके में नहीं गई, लेकिन अब सैकड़ों पुलिसकर्मी उस इलाके में तैनात हैं। संदेशखाली की महिलाएं पिछले दो महीनों से न्याय की मांग कर रहीं है। हम अदालत की अनुमति से यहां विरोध करने के लिए बैठे हैं क्योंकि पुलिस हमें अनुमति नहीं दे रही थी।"
ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए दिलीप घोष ने कहा, "राज्य की सीएम भी एक महिला है। संदेशखाली की सांसद भी एक महिला है। इसके बावजूद राज्य में महिलाओं के साथ ही सबसे ज्यादा उत्पीड़न हो रहा है।"
क्या है मामला
कोलकाता से 100 किमी दूर सुंदरबन के सीमावर्ती इलाकों में बसा संदेशखाली में पिछले एक साल से हिंसा जारी है। दरअसल, गांव की महिलाओं ने बीते दिनों आरोप लगाए थे कि टीएमसी नेता शाहजहां शेख और अन्य टीएमसी नेताओं ने उनकी जमीनों पर कब्जा कर लिया और कुछ महिलाओं ने टीएमसी नेताओं पर यौन शोषण के भी आरोप लगाए थे। इसे लेकर संदेशखाली में महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ता भी संदेशखाली में प्रदर्शन कर रहे हैं। शाहजहां शेख राशन घोटाले में आरोपी है और बीते दिनों ईडी टीम पर हुए हमले में भी शाहजहां शेख आरोपी है। वहीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।
विज्ञापन
भाजपा की राज्य इकाई के शीर्ष नेताओं के नेतृत्व में मायो रोड में महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास धरना प्रदर्शन शुरू हुआ। पश्चिम बंगाल में भाजपा प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने कहा, "बंगाल में कानून व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो चुकी है। संदेशखाली में जमीनों पर कब्जा करने और यौन उत्पीड़न के मामले इसका उदाहरण है।"
विज्ञापन
संदेशखाली हिंसा को लेकर प्रदर्शन कर रहे भाजपा सांसद दिलीप घोष ने कहा, "हमारी मांग आरोपी शाहजहां शेख और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार करने की है। उनके खिलाफ कानून के मुताबिक मुकदमा चलाया जाए।"
विज्ञापन
टीएमसी सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, "लेकिन राज्य सरकार कुछ भी सुनने को तैयार नहीं है। पुलिस पिछले 12 वर्षों से उस इलाके में नहीं गई, लेकिन अब सैकड़ों पुलिसकर्मी उस इलाके में तैनात हैं। संदेशखाली की महिलाएं पिछले दो महीनों से न्याय की मांग कर रहीं है। हम अदालत की अनुमति से यहां विरोध करने के लिए बैठे हैं क्योंकि पुलिस हमें अनुमति नहीं दे रही थी।"
ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए दिलीप घोष ने कहा, "राज्य की सीएम भी एक महिला है। संदेशखाली की सांसद भी एक महिला है। इसके बावजूद राज्य में महिलाओं के साथ ही सबसे ज्यादा उत्पीड़न हो रहा है।"
क्या है मामला
कोलकाता से 100 किमी दूर सुंदरबन के सीमावर्ती इलाकों में बसा संदेशखाली में पिछले एक साल से हिंसा जारी है। दरअसल, गांव की महिलाओं ने बीते दिनों आरोप लगाए थे कि टीएमसी नेता शाहजहां शेख और अन्य टीएमसी नेताओं ने उनकी जमीनों पर कब्जा कर लिया और कुछ महिलाओं ने टीएमसी नेताओं पर यौन शोषण के भी आरोप लगाए थे। इसे लेकर संदेशखाली में महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ता भी संदेशखाली में प्रदर्शन कर रहे हैं। शाहजहां शेख राशन घोटाले में आरोपी है और बीते दिनों ईडी टीम पर हुए हमले में भी शाहजहां शेख आरोपी है। वहीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस नेता कौस्तव बागची का इस्तीफा
बंगाल में कौस्तव बागची ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने दावा किया है कि पार्टी के भीतर सम्मान की कमी है। बागची ने पिछले साल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ टिप्पणा करने के ामले में गिरफ्तारी के बाद जमानत पर रिहा होने के बाद अपना सिर मुंडवाया था। उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को दिया। इस्तीफे की कापियां पार्टी के राज्य प्रमुख अधीर रंजन चौधरी और प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर को भी भेजा गया।
कौस्तव बागची से जब इस पर सवाल पूछा गया तब उन्होंने कहा, "शायद अब मुझे लोग पार्टी विरोधी कहेंगे। लेकिन मैं एक बात बार बार कहूंगी कि मैं कांग्रेस के टीएमसी से हाथ मिलाने के खिलाफ हूं। बता दें कि कांग्रेस और टीएमसी दोनों ही इंडिया गठबंधन का हिस्सा है।" उन्होंने आगे कहा, "कांग्रेस के शीर्ष नेता बंगाल की इकाई को महत्व नहीं देते हैं। मैं अपने आत्मसम्मान के साथ समझौता नहीं करना चाहता हूं।"
बागची से भविष्य की योजनाओं पर पूछे जाने पर उन्होंने भाजपा में शामिल होने का संकेत दिया। उन्होंने कहा, "एक या दो दिन के भीतर सब स्पष्ट हो जाएगा। मैं कहना चाहूंगा कि फिलहाल भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ही हैं जो टीएमसी को हटा सकते हैं।" पिछले साल जमानत पर रिहा होने के बाद कौस्तव बागची ने अपना सिर मुंडवाने के बाद कसम खाई थी की जब तक राज्य में ममता बनर्जी की सरकार होगी तब तक वो सिर पर बाल नहीं बढ़ाएंगे।
बंगाल में कौस्तव बागची ने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने दावा किया है कि पार्टी के भीतर सम्मान की कमी है। बागची ने पिछले साल मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के खिलाफ टिप्पणा करने के ामले में गिरफ्तारी के बाद जमानत पर रिहा होने के बाद अपना सिर मुंडवाया था। उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को दिया। इस्तीफे की कापियां पार्टी के राज्य प्रमुख अधीर रंजन चौधरी और प्रदेश प्रभारी गुलाम अहमद मीर को भी भेजा गया।
कौस्तव बागची से जब इस पर सवाल पूछा गया तब उन्होंने कहा, "शायद अब मुझे लोग पार्टी विरोधी कहेंगे। लेकिन मैं एक बात बार बार कहूंगी कि मैं कांग्रेस के टीएमसी से हाथ मिलाने के खिलाफ हूं। बता दें कि कांग्रेस और टीएमसी दोनों ही इंडिया गठबंधन का हिस्सा है।" उन्होंने आगे कहा, "कांग्रेस के शीर्ष नेता बंगाल की इकाई को महत्व नहीं देते हैं। मैं अपने आत्मसम्मान के साथ समझौता नहीं करना चाहता हूं।"
बागची से भविष्य की योजनाओं पर पूछे जाने पर उन्होंने भाजपा में शामिल होने का संकेत दिया। उन्होंने कहा, "एक या दो दिन के भीतर सब स्पष्ट हो जाएगा। मैं कहना चाहूंगा कि फिलहाल भाजपा के शुभेंदु अधिकारी ही हैं जो टीएमसी को हटा सकते हैं।" पिछले साल जमानत पर रिहा होने के बाद कौस्तव बागची ने अपना सिर मुंडवाने के बाद कसम खाई थी की जब तक राज्य में ममता बनर्जी की सरकार होगी तब तक वो सिर पर बाल नहीं बढ़ाएंगे।