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Vice President: सीपी राधाकृष्णन के नाम का समर्थन नहीं करेगी डीएमके? द्रमुक नेता बोले- हमारा कोई भला नहीं होगा
Mon, 18 Aug 2025 01:44 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चेन्नई
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 18 Aug 2025 01:44 PM IST
सार
केंद्र की भाजपा सरकार पर तमिलनाडु का अपमान करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि 'राधाकृष्णन का नामांकन मार्च-अप्रैल 2026 में होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में हुआ है।'
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सीपी राधाकृष्णन, एनडीए के उपराष्ट्रपति पद के उम्मीदवार
- फोटो : ANI
विस्तार
भाजपा ने तमिलनाडु से आने वाले सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाया है। ऐसे में माना जा रहा है कि तमिलनाडु की सत्ताधारी पार्टी डीएमके भी सीपी राधाकृष्णन के नाम पर समर्थन दे सकती है, लेकिन डीएमके ने साफ कर दिया है कि वे राधाकृष्णन को समर्थन नहीं देंगे और विपक्षी गठबंधन के फैसले के साथ रहेंगे। डीएमके ने कहा है कि सीपी राधाकृष्णन के उपराष्ट्रपति बनने से तमिलनाडु का कोई भला नहीं होने वाला।
'तमिलनाडु को कोई फायदा नहीं होगा'
वरिष्ठ द्रमुक नेता टीकेएस एलंगोवन ने सोमवार को अपने एक बयान में कहा कि भाजपा द्वारा महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित करने से तमिलनाडु का कोई भला नहीं होने वाला। पूर्व राज्यसभा सांसद एलंगोवन ने आश्चर्य जताया कि द्रमुक को राधाकृष्णन की उम्मीदवारी का समर्थन क्यों करना चाहिए और कहा कि उनकी पार्टी इंडी गठबंधन के फैसले का पालन करेगी, जिसमें उनकी पार्टी एक प्रमुख सहयोगी है।
ये भी पढ़ें- Vice President: जगदीप धनखड़ से अब सीपी राधाकृष्णन, भाजपा की बदली रणनीति की क्या है वजह?
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'तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में हुआ फैसला'
एलंगोवन ने कहा कि राधाकृष्णन का नामांकन उनकी पदोन्नति है, लेकिन इससे तमिलनाडु का कोई भला नहीं होने वाला। केंद्र की भाजपा सरकार पर तमिलनाडु का अपमान करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि 'राधाकृष्णन का नामांकन मार्च-अप्रैल 2026 में होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में हुआ है। भाजपा नेतृत्व ने यह दावा करने के लिए एक तमिल व्यक्ति को नामित किया है कि उसने तमिलों के लिए अच्छा काम किया है। इसके अलावा कार्यकाल केवल लगभग 2 वर्षों का होगा, जो जगदीप धनखड़ के कार्यकाल का शेष है।'
सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु से ताल्लुक रखते हैं और तमिलनाडु भाजपा का प्रमुख चेहरा रहे हैं। राधाकृष्णन किशोरावस्था में ही संघ से जुड़ गए थे। तमिलनाडु की कोयंबटूर सीट से दो बार लोकसभा सांसद रहे। वे करीब चार दशकों तक तमिलनाडु की राजनीति में सक्रिय रहे।
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'तमिलनाडु को कोई फायदा नहीं होगा'
वरिष्ठ द्रमुक नेता टीकेएस एलंगोवन ने सोमवार को अपने एक बयान में कहा कि भाजपा द्वारा महाराष्ट्र के राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद के लिए अपना उम्मीदवार घोषित करने से तमिलनाडु का कोई भला नहीं होने वाला। पूर्व राज्यसभा सांसद एलंगोवन ने आश्चर्य जताया कि द्रमुक को राधाकृष्णन की उम्मीदवारी का समर्थन क्यों करना चाहिए और कहा कि उनकी पार्टी इंडी गठबंधन के फैसले का पालन करेगी, जिसमें उनकी पार्टी एक प्रमुख सहयोगी है।
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'तमिलनाडु विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में हुआ फैसला'
एलंगोवन ने कहा कि राधाकृष्णन का नामांकन उनकी पदोन्नति है, लेकिन इससे तमिलनाडु का कोई भला नहीं होने वाला। केंद्र की भाजपा सरकार पर तमिलनाडु का अपमान करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि 'राधाकृष्णन का नामांकन मार्च-अप्रैल 2026 में होने वाले तमिलनाडु विधानसभा चुनावों की पृष्ठभूमि में हुआ है। भाजपा नेतृत्व ने यह दावा करने के लिए एक तमिल व्यक्ति को नामित किया है कि उसने तमिलों के लिए अच्छा काम किया है। इसके अलावा कार्यकाल केवल लगभग 2 वर्षों का होगा, जो जगदीप धनखड़ के कार्यकाल का शेष है।'
सीपी राधाकृष्णन तमिलनाडु से ताल्लुक रखते हैं और तमिलनाडु भाजपा का प्रमुख चेहरा रहे हैं। राधाकृष्णन किशोरावस्था में ही संघ से जुड़ गए थे। तमिलनाडु की कोयंबटूर सीट से दो बार लोकसभा सांसद रहे। वे करीब चार दशकों तक तमिलनाडु की राजनीति में सक्रिय रहे।