फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   BJP must make stand on Women's Reservation Bill clear, should table it in LS in upcoming session: Cong

Woman Reservation: महिला आरक्षण विधेयक पर सियासत तेज, आगामी सत्र में बिल पेश करने की मांग पर अड़ी कांग्रेस

Fri, 10 Mar 2023 05:31 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता महतो Updated Fri, 10 Mar 2023 05:31 PM IST
सार

कांग्रेस सरकार के नेतृत्व में 2010 के राज्यसभा में महिला आरक्षक विधेयक पारित तो हुआ था, लेकिन लोकसभा में इसे समर्थन नहीं मिला था।

विज्ञापन
BJP must make stand on Women's Reservation Bill clear, should table it in LS in upcoming session: Cong
Congress Leader Jairam Ramesh - फोटो : PTI (File Photo)

विस्तार

महिला आरक्षक विधेयक को लेकर सियासत तेज हो गई है। इस बिल को पारित कराने के लिए बीआरसी नेता के कविता भूख हड़ताल पर है। वहीं, कांग्रेस ने भी शुक्रवार को इस विधेयक को लेकर भाजपा से सवाल किया है। कांग्रेस ने भाजपा से इस मुद्दे पर अपना रुख साफ करने की मांग की है। साथ ही कांग्रेस ने इसे संसद के बजट सत्र में पेश करने की भी मांग की है। गौरतलब है कि संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण 13 मार्च से शुरू होने वाला है, जो कि चार अप्रैल तक चलेगा।
विज्ञापन

2010 में राज्यसभा में हुआ था पारित
कांग्रेस सरकार के नेतृत्व में 2010 के राज्यसभा में यह विधेयक पारित तो हुआ था, लेकिन लोकसभा में इसे समर्थन नहीं मिला था। इस पर पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने एक ट्वीट पर कहा- "9 मार्च 2010 को राज्यसभा में कांग्रेस नेतृत्व के प्रयासों के कारण ऐतिहासिक महिला आरक्षण विधेयक पारित किया गया था। लेकिन लोकसभा में इसे समर्थन नहीं मिला। यह विधेयक लैप्स नहीं हुआ है बल्कि अभी तक जीवित और लंबित है।
विज्ञापन
विज्ञापन

अलका लांबा ने की यह टिप्पणी
एक संवाददाता सम्मेलन में जब विधेयक पर कांग्रेस नेता अलका लांबा से बातचीत की गई तब उन्होंने कहा कि जब यह विधेयक राज्यसभा में पारित हुआ था, तब कांग्रेस के पास बहुमत नहीं था। उस समय यह गठबंधन वाली सरकार थी। उन्होंने आगे कहा- "हम राज्यसभा में बहुमत पारित कराने में कामयाब हुए थे। यह अभी भी जीवित है और भाजपा के पास लोकसभा में बहुमत भी है। उन्होंने भाजपा सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा- अपने 2019 के घोषणापत्र में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने का वादा किया था, लेकिन नौ साल सरकार में रहने के बाद भी इस पर चुप्पी बनाकर बैठे हैं।"
विज्ञापन

संसद सत्र के शुरू होने से पहले अलका लांबा ने भाजपा सरकार को घेरते हुए इस विधेयक पर अपना रुख स्पष्ट करने के अलावा महिला आरक्षण विधेयक को लोकसभा में पेश करना और महिलाओं के अधिकारों को सुनिश्चितता की मांग की है।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed