BJP: गौतम गंभीर नहीं तो कौन लड़ेगा यहां से चुनाव? इन दिग्गजों का भी कटेगा टिकट
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विस्तार
गौतम गंभीर ने लोकसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया है। वे इस समय पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से भाजपा सांसद हैं। 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने महेश गिरी का टिकट काटकर इन्हें चुनाव मैदान में उतारा था। गौतम गंभीर ने बड़ी जीत हासिल करते हुए पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट पर जीत हासिल की थी।
गौतम गंभीर का यह निर्णय किसी को भी आश्चर्य में डालने वाला नहीं है। पहले से ही यह चर्चा की जा रही थी कि भाजपा दिल्ली में अपने सात में से कम से कम पांच सांसदों को बदल सकती है। इनमें गौतम गंभीर का नाम भी शामिल है। इसके पीछे उनकी व्यावसायिक व्यस्तता और अपने लोकसभा क्षेत्र में समय न दे पाने को सबसे बड़ा कारण माना जा रहा था।
उनके साथ-साथ भाजपा अपने जिन चेहरों को बदल सकती है, उनमें चांदनी चौक से सांसद डॉ. हर्षवर्धन का नाम भी शामिल है। वे दो बार से लगातार लोकसभा सांसद रह चुके हैं। उनके स्थान पर भाजपा किसी नए चेहरे को मैदाान में उतार सकती है। इनमें दिल्ली भाजपा के प्रवक्ता प्रवीण शंकर कपूर का भी नाम शामिल है। पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट से प्रदेश महामंत्री दिनेश प्रताप सिंह की दावेदारी मजबूत मानी जा रही है। पूर्वांचल के दिनेश प्रताप सिंह की संगठन के साथ-साथ आम जनता के बीच भी अच्छी पकड़ है जिसका उन्हें लाभ मिल सकता है। एक स्थानीय वर्तमान विधायक भी पूर्वी दिल्ली सीट से अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं।
उत्तर पश्चिम दिल्ली की लोकसभा सीट से गायक हंसराज हंस इस समय सांसद हैं। लेकिन कहा जा रहा है कि अपने लोकसभा क्षेत्र में उनकी कार्यशैली से भाजपा नेतृत्व संतुष्ट नहीं है। उनका टिकट भी कट सकता है। उनके स्थान पर किसी नए चेहरे को मैदान में उतारा जा सकता है। यानी गौतम गंभीर की तर्ज पर जल्द ही हंसराज हंस भी अपनी राजनीतिक पारी से विदाई की घोषणा कर सकते हैं।
केंद्रीय नेतृत्व ने बुलाकर की बात
भाजपा सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, प्रदेश की जातीय राजनीति पर पकड़ रखने वाले एक नेता दो बार से सांसद रह चुके हैं। अपनी जाति के मतदाताओं पर उनकी मजबूत पकड़ के कारण प्रदेश की राजनीति पर उनका अच्छा खासा प्रभाव है। इसी कारण उनकी सीट पर किसी और उम्मीदवार के उतारे जाने की संभावना अब तक नहीं थी।
लेकिन गुरुवार को भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व ने एक नेता को बुलाकर बात की है। माना जा रहा है कि उन्हें भी इस बार टिकट न देने के बारे में बता दिया गया है। यानी गौतम गंभीर की तरह वे भी इस बार चुनाव न लड़ने की घोषणा कर सकते हैं। हालांकि, केंद्र की राजनीति में उन्हें स्थान देने और दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय उन्हें बड़ी जिम्मेदारी देने का आश्वासन दिया गया है।
बांसुरी स्वराज की मजबूत पारी की शुरुआत
भाजपा की दिग्गज नेता रहीं स्व. सुषमा स्वराज की बेटी बांसुरी स्वराज को इस बार नई दिल्ली सीट से मैदान में उतारा जा सकता है। पहले उन्हें पार्टी में लाकर लीगल सेल में बड़ी जिम्मेदारी देकर पार्टी की मुख्यधारा में लाया गया। वे पार्टी की ओर से सभी प्रमुख विषयों पर मीडिया में अपनी बात रख रही हैं। माना जा रहा है कि इस बार उन्हें सीधे चुनावी राजनीति में उतारा जा सकता है।