फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   BJP moves Telangana High Court seeking transfer of TRS MLAs' poaching case to CBI

TRS MLA Poaching Case: भाजपा की हाईकोर्ट से CBI या SIT जांच की मांग, ACB कोर्ट के आदेश पर आरोपी छोड़े गए

Fri, 28 Oct 2022 01:32 AM IST
Amit Mandal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हैदराबाद Published by: Amit Mandal Updated Fri, 28 Oct 2022 01:32 AM IST
सार

तेलंगाना पुलिस ने बुधवार शाम को रंगा रेड्डी के फार्महाउस में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था जिनके बारे में टीआरएस विधायकों ने सूचना दी थी कि भाजपा जुड़े ये तीनों लोग उन्हें खरीदने की कोशिश कर रहे हैं।

विज्ञापन
BJP moves Telangana High Court seeking transfer of TRS MLAs' poaching case to CBI
तेलंगाना विधायक विवाद - फोटो : Social Media

विस्तार

तेलंगाना भारतीय जनता पार्टी ने गुरुवार को हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया, जिसमें पार्टी के खिलाफ तेलंगाना राष्ट्र समिति (TRS) के विधायकों को खरीदने के आरोपों से संबंधित मामले को केंद्रीय जांच ब्यूरो को स्थानांतरित करने या एक विशेष जांच दल का गठन करने की मांग की गई है। एसआईटी मामले की निष्पक्ष जांच करेगी। भाजपा के राज्य महासचिव गुज्जुला प्रेमेंद्र रेड्डी द्वारा दायर एक रिट याचिका में उन्होंने दावा किया कि पूर्वाग्रह वाली और अनुचित जांच की जा रही है, जिसका उद्देश्य उनकी पार्टी के नेताओं को फंसाने का है। 

विज्ञापन


कोर्ट ने खारिज की रिमांड की मांग
ताजा जानकारी के अनुसार मामले में एसीबी कोर्ट ने तीनों आरोपियों को रिमांड पर लेने के साइबराबाद पुलिस के अनुरोध को खारिज कर दिया है। न्यायाधीश ने पुलिस से आरोपियों को 41ए सीआरपीसी के तहत नोटिस जारी करने और मामले की जांच करने को कहा है। एसीबी कोर्ट के जज ने पुलिस से सुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों का पालन करने के लिए भी कहा है। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को देर रात छोड़ दिया।
विज्ञापन


टीआरएस ने लगाया विधायकों की खरीद का आरोप 
टीआरएस ने आरोप लगाया था कि भाजपा उसके विधायकों को पैसे और ठेके का लालच देकर उन्हें खरीदने की कोशिश कर रही है। तेलंगाना पुलिस ने बुधवार शाम को रंगा रेड्डी के फार्महाउस में तीन लोगों को गिरफ्तार किया था जिनके बारे में टीआरएस विधायकों ने सूचना दी थी कि भाजपा जुड़े ये तीनों लोग उन्हें खरीदने की कोशिश कर रहे हैं। तीनों आरोपियों की पहचान रामचंद्र भारती, नंदा कुमार और सिम्हायाजी स्वामी के रूप में हुई है। भाजपा ने आरोपों की सीबीआई जांच की मांग को लेकर तेलंगाना उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया है।
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपा ने इन आरोपों को आगामी मुनुगोड़े उप-चुनावों से जोड़ा, जो 3 नवंबर को होने वाले हैं। पार्टी ने कहा कि टीआरएस भाजपा के अभियान को बाधित करने की कोशिश कर रही है, जबकि उसके प्रचार अभियान को विफल करने के लिए कई और प्रयास भी कर रही है। शिकायत को राजनीति से प्रेरित बताते हुए याचिका में कहा गया है कि मुनुगोड़े विधानसभा क्षेत्र के उपचुनाव के मद्देनजर भाजपा को बदनाम करने और मनोबल गिराने के मकसद से ऐसा किया जा रहा है। 

याचिका में आरोप लगाया गया है कि शिकायत मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव और अन्य राज्य मंत्रियों और टीआरएस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के इशारे पर दर्ज की गई है। याचिका में कहा गया है कि उपरोक्त शिकायत दर्ज करने के पीछे के सही तथ्य और मकसद का पता इस माननीय अदालत द्वारा गठित सीबीआई या विशेष जांच दल (एसआईटी) द्वारा जांच करने से ही पता चल सकता है और ऐसा करने में विफल रहने पर याचिकाकर्ता पक्ष को अपूरणीय क्षति होगी। नुकसान और कठिनाई और मुनुगोड़े विधानसभा में आगामी उपचुनाव में लोगों के जनादेश पर भी प्रभाव पड़ेगा। 

केंद्रीय मंत्री रेड्डी ने भी की सीबीआई जांच की मांग 
टीआरएस के विधायकों को दल बदलने के लिए भारतीय जनता पार्टी द्वारा प्रलोभन देने के आरोपों को खारिज करते हुए केंद्रीय मंत्री जी किशन रेड्डी ने बृहस्पतिवार को मांग की कि पूरे घटनाक्रम पर सीबीआई से या हाई कोर्ट के किसी सेवारत न्यायाधीश से जांच कराई जानी चाहिए। टीआरएस ने दावा किया है कि भाजपा उसके विधायकों को प्रलोभन देने के लिए गुप्त तरीके अपना रही है और इस तरह राज्य सरकार को अस्थिर करने की कोशिश कर रही है। इस पर संवाददाताओं से बातचीत में रेड्डी ने कहा कि मुनुगोडे उपचुनाव में आसन्न हार ‘कल्वाकुंतला परिवार’ (मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव के परिवार) को सता रही है। 

इसे टीआरएस की बड़ी साजिश करार देते हुए रेड्डी ने आरोप लगाया कि उन्होंने नया खेल खेलना शुरू किया है क्योंकि मुनुगोडे उपचुनाव में उनकी हार आसन्न है। उन्होंने कहा कि ‘यदि टीआरएस सरकार मन से साफ है तो मैं उनसे अनुरोध करता हूं कि मामले को सीबीआई को सौंप दिया जाए। मैं पूछना चाहता हूं कि क्या राज्य सरकार इसके लिए तैयार है? मैं दो विकल्प दे रहा हूं। या तो उच्चतम न्यायालय के किसी सेवारत न्यायाधीश से जांच करा लें या मामला सीबीआई को सौंप दें क्योंकि यह अंतरराज्यीय मामला है। 


रेड्डी ने आरोप लगाया कि पूरे घटनाक्रम में पटकथा, निर्देशन और अदाकार प्रगति भवन से मुहैया कराए गए हैं जो मुख्यमंत्री का आधिकारिक आवास सह शिविर कार्यालय है। भाजपा नेता ने पूछा कि इस बारे में जानकारी क्यों उजागर नहीं की गयी कि कितनी नकदी मिली, कहां से मिली और किसने दी। केंद्रीय मंत्री ने चुटकी लेते हुए कहा कि चार विधायकों को 400 करोड़ रुपये देने की बात कही गई है। उन्होंने पूछा कि अगर ये विधायक भाजपा में शामिल होंगे तो उसे क्या फायदा होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed