DMK Files: क्या तमिलनाडु में सुपरहिट होगी BJP की 'डीएमके फाइल्स', मिशन साउथ को सफल बनाने की कोशिश
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विस्तार
भाजपा ने तमिलनाडु में एमके स्टालिन को घेरने के लिए शुक्रवार को डीएमके फाइल्स (DMK Files) जारी किया। इसके अंतर्गत पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष के. अन्नामलाई ने स्टालिन परिवार पर भ्रष्टाचार के माध्यम से बेहिसाब संपत्ति इकट्ठा करने का आरोप लगाया। पार्टी इस तथाकथित भ्रष्टाचार के खिलाफ़ एक अभियान चलाएगी और सीएम के परिवार के सदस्यों के नाम एकत्र की गई संपत्तियों की जानकारी देगी। इस संदर्भ में एक पदयात्रा के जरिए जनता को जागरूक किया जायेगा।
भाजपा की यह कोशिश उसके 'मिशन साउथ' को सफल बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है। 39 लोकसभा सीटों वाले दक्षिण भारत के प्रमुख राज्य तमिलनाडु में पूरी राजनीति एआईएडीएमके और डीएमके के बीच आमने-सामने की लड़ाई रही है। भाजपा काफी हाथ-पांव मारने के बाद भी यहां कोई बड़ी सफलता दर्ज करने में असफल रही है। लेकिन एआईएडीएमके नेता जयललिता के निधन के बाद वह यहां की राजनीति में अपने लिए संभावनाएं देख रही है। यदि भाजपा इस राज्य में सेंध लगाने में सफल रहती है तो 2024 के लोकसभा चुनावों को देखते हुए यह बहुत महत्वपूर्ण हो सकता है।
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तमिलनाडु के इसी महत्व को देखते हुए भगवा परिवार ने स्टालिन के विरुद्ध अभियान चलाने का निर्णय लिया है। इसके अंतर्गत हर माह स्टालिन परिवार की भ्रष्टाचार की पोल खोली जाएगी। विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए लोगों को इससे जोड़ने की कोशिश की जाएगी। इस अभियान में पार्टी के केंद्रीय मंत्री और पार्टी संगठन के शीर्ष नेता भाग लेंगे। पार्टी का इसी तरह का अभियान दक्षिण भारत के एक अन्य राज्य तेलंगाना में काफी सफल रहा है। पार्टी अब इस राज्य में भी अपने लिए बेहतर संभावनाएं तलाश रही है।
आरएसएस भी सक्रिय
दक्षिण भारत में भगवा विचारधारा के प्रचार प्रसार के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने भी कमर कस ली है। संगठन ने हाल ही में राज्य के विभिन्न क्षेत्रों में कार्यक्रम करने का निर्णय लिया था, जिसके लिए राज्य सरकार ने अनुमति नहीं दी थी। आरएसएस ने इसके विरुद्ध सर्वोच्च न्यायालय में अपील की और उसे अपने पथ संचलन कार्यक्रमों की अनुमति मिल गई। संगठन राज्य सरकार के इस तथाकथित हिंदू विरोधी रुख को जनता के बीच ले जाएगी।
दक्षिण भारत, विशेषकर तमिलनाडु की द्रविड़ राजनीति अब तक आरएसएस को बड़ी वैचारिक सफलता हासिल करने में बाधक बनती थी, लेकिन नए राष्ट्रवादी दौर में उसे यहां ज्यादा सफलता मिलने की उम्मीद है। संगठन अपने शताब्दी वर्ष तक देश भर में एक लाख शाखाओं को संचालित करने की योजना बना रहा है। इसमें संगठन का दक्षिणी राज्यों में विस्तार प्रमुख हैं।
विपक्षी खेमे में स्टालिन की भूमिका
तमिलनाडु की महत्वपूर्ण 39 लोकसभा सीटों की संख्या और आसपास के राज्यों पर पड़ने वाले तमिलनाडु के प्रभाव को देखते हुए विपक्षी दलों के नेता भी स्टालिन को साधने की कोशिश करते रहे हैं। अरविंद केजरीवाल, ममता बनर्जी और नीतीश कुमार जैसे विपक्ष के मजबूत नेता लगातार एमके स्टालिन को अपने खेमे में जोड़ने के लिए विशेष प्रयास करते रहे हैं। स्टालिन विपक्षी खेमे को बड़ी मजबूती प्रदान कर सकते हैं। यही कारण है कि भाजपा उन्हें घेरने का प्लान बना रही है। भाजपा की डीएमके फाइल्स को इस कड़ी से जोड़कर देखा जा रहा है।