दिल्ली में एक बार फिर 'क्लीन स्वीप' की रणनीति में जुटी भाजपा
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साल 2014 के लोकसभा चुनाव में दिल्ली की सभी सात लोकसभा सीटों पर जीत हासिल कर भाजपा ने प्रदेश में अपना परचम फहराया था। अब अगले आम चुनाव यानी 2019 में भाजपा पर अपना पुराना प्रदर्शन दोहराने का जबरदस्त दबाव है।
इसी दबाव का असर है कि जैसे ही पार्टी अध्यक्ष अमित शाह को दिल्ली भाजपा संगठन में कमजोरी का एहसास हुआ, उन्होंने तुरंत अपने विश्वस्त सहयोगी अरुण सिंह को सुपर प्रभारी बनाकर भेजा। अब अरुण सिंह ने दिल्ली की राजनीति में अपना हस्तक्षेप बढ़ा दिया है और पार्टी संगठन के कील-कांटे दुरुस्त करने में जुट गए हैं। वे एक-एक कर पार्टी के जिलों की इकाई की बैठक लेकर बूथ स्तर तक की तैयारियों का जायजा ले रहे हैं।
पिछले हफ्ते उन्होंने पूर्वी दिल्ली लोकसभा सीट में पार्टी संगठन के दोनों जिलों शहादरा और मयूर विहार की बैठक की। इस बैठक में दिल्ली प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष मनोज तिवारी, संगठन महामंत्री सिद्धार्थन, विश्वास नगर से विधायक ओपी शर्मा, शहादरा जिले के प्रभारी संजीव शर्मा और पूर्वी दिल्ली के सांसद महेश गिरी सहित लगभग पांच सौ कार्यकर्ता उपस्थित थे।
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक इस मीटिंग में ही अरुण सिंह ने भाजपा की पन्ना प्रमुख और बूथ प्रमुख को अहमियत देने वाली रणनीति को जमीनी तौर पर लागू करने के लिए सख्त निर्देश दिए। वे इस बात के लिए भी पार्टी के आला अधिकारियों पर नाराज थे कि इतना समय होने के बावजूद पार्टी के अहम पदों पर अभी नियुक्तयां नहीं हो पाई हैं। पार्टी के युवा मोर्चे सहित कई अहम पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं।
इस महीने सुपर फास्ट मोड पर रहेगा भाजपा का काम
इस मीटिंग में उपस्थित दिल्ली भाजपा के एक नेता के मुताबिक अरुण सिंह की सख्ती का असर इस महीने में पार्टी की गतिविधियों में देखने को मिलना तय है। जल्दी ही सभी अहम पदों पर सही लोगों की नियुक्तियां की जाएंगी। इसमें बूथ स्तर तक के लोगों का नाम तय किया जाना है।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक भाजपा इस बार अपनी तैयारी में कोई कमी नहीं रखना चाहती है। इसके लिए वह बिल्कुल नई रणनीति पर काम कर रही है। इस बार चुनाव में प्रत्येक चार घरों पर एक कार्यकर्ता को नियुक्त करने की बात की जा रही है।
इस कार्यकर्ता का काम हर घर के हर वोट को पोलिंग बूथ तक ले जाने का होगा। इसके ऊपर पन्ना प्रमुख होंगे जो किसी भी कार्यकर्ता के घरों के छूटने पर उस पर दबाव बनाएंगे। यानी भाजपा इस बार हर एक परिवार पर केंद्रित करके रणनीति बनाने पर जुटी है।