Seat Ka Samikaran: यहां के मतदाताओं ने बीते तीन चुनाव में तीन अलग दलों को चुना, ऐसा है गोह का चुनावी इतिहास
बिहार की विधानसभा सीटों से जुड़ी खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज बात गोह सीट की करेंगे। इस सीट पर मौजूदा समय में राजद के भीम कुमार विधायक हैं।
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बिहार में जल्द ही विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। चुनावी तारीखों के एलान से पहले ही सियासी पारा चढ़ा हुआ है। सीट बंटवारे को लेकर दोनों बड़े गठबंधनों में खींचतान जारी है। इस सियासी हलचल के बीच अमर उजाला की खास सीरीज ‘सीट का समीकरण’ में आज औरंगाबाद जिले की गोह विधानसभा सीट की बात करेंगे। इस सीट से मौजूदा समय में राजद के भीम कुमार विधायक हैं।
बिहार के 38 जिलों में से एक जिला औरंगाबाद भी है। औरंगाबाद जिला दो अनुमंडल और 11 ब्लॉक में बंटा है। जिले में छह विधानसभा सीटें हैं। इनमें गोह, ओबरा, नबीनगर, कुटुम्बा (एससी), औरंगाबाद, रफीगंज शामिल हैं। आज सीट का समीकरण में गोह सीट की बात करेंगे। यह सीट पहली बार 1952 में अस्तित्व में आई।
1952: सोशलिस्ट पार्टी को जीत मिली
1952 के चुनाव में गोह सीट से सोशलिस्ट पार्टी के मुंद्रिका सिंह को जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस के राम विलास सिंह शर्मा को 2,708 वोट से हराया। मुंद्रिका सिंह को कुल 11,812 वोट मिले। वहीं, राम विलास सिंह को 9,104 वोट मिले।

1962: कांग्रेस को मिली जीत
- 1962 के चुनाव में गोह सीट से कांग्रेस के ठाकुर मुनीश्वर नाथ सिंह को 7,355 वोट से जीत मिली। वहीं, प्रजा सोशलिस्ट पार्टी के चंद्रिका सिंह दूसरे नंबर पर रहे। ठाकुर मुनीश्वर नाथ सिंह को कुल 20,233 वोट मिले। वहीं, चंद्रिका सिंह को 12,878 वोट मिले।
- 1967 के चुनाव में कांग्रेस के ठाकुर मुनीश्वर नाथ सिंह को जीत मिली। उन्होंने संसोपा के आरसी सिंह को 3,692 वोट से मात दिया। ठाकुर मुनीश्वर नाथ सिंह को कुल 25,157 वोट मिले। वहीं, आरसी सिंह को 21,465 वोट मिले।
1969 : संसोपा को जीत मिली
1969 के चुनाव में संसोपा के अवध सिंह को जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस के दो बार के विधायक एम. एन सिंह को 8,144 वोट से हराया। अवध सिंह को कुल 27,042 वोट मिले। वहीं, ठाकुर एम एन सिंह को 18,898 वोट मिले।
1972: कांग्रेस की वापसी
1972 के चुनाव में कांग्रेस (ओ) के मुनीश्वर नाथ सिंह को 19,625 वोट से जीत मिली। इस चुनाव में संसोपा के अवध नाथ दूसरे नंबर रहे। मुनीश्वर नाथ को कुल 32,008 वोट मिले। वहीं, अवध नाथ को 12,383 वोट मिले।
1977: भाकपा को मिली जीत
1977 के चुनाव में गोह सीट से भाकपा के राम शरण यादव को जीत मिली। इस चुनाव में उन्होंने जनता पार्टी के झाकुन मुनेश्वर नाथ सिंह को 12,325 वोट से हराया। राम शरण यादव को कुल 28,783 वोट मिले। वहीं, झाकुल मुनेश्वर नाथ को 16,458 वोट मिले।
1980 के चुनाव में भाकपा के राम शरण यादव को जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस के श्रीनिवास को 17,694 वोट से शिकस्त दी। राम शरण यादव को कुल 34,589 वोट मिले। वहीं, श्रीनिवास को 16,895 वोट मिले।
1985: कांग्रेस को मिली जीत
1985 के चुनाव में कांग्रेस के देव कुमार शर्मा को 34,455 वोट से जीत मिले। वहीं, भाकपा के राम शरण यादव दूसरे नंबर पर रहे। देव कुमार शर्मा को 34,455 वोट मिले और राम शरण यादव को 31,388 वोट मिले।

1990: भाकपा को वापसी
- 1990 के चुनाव में राम शरण यादव को 14,852 वोट से जीत मिली। वहीं, कांग्रेस के देव कुमार शर्मा दूसरे नंबर पर रहे। राम शरण यादव को कुल 46,027 वोट मिले। वहीं, देव कुमार शर्मा को 31,375 वोट मिले।
- 1995 के चुनाव में भी भाकपा के राम शरण यादव गोह सीट से चौथी बार विधायक बने। इस चुनाव में भी उन्होंने समता पार्टी के देवकुमार शर्मा को 12,496 वोट से हराया। राम शरण को कुल 49,040 वोट मिले। वहीं, देव कुमार को 38,544 वोट मिले।
2000: समता पार्टी को जीत मिली।
2000 के चुनाव में समता पार्टी के देव कुमार शर्मा को जीत मिली। उन्होंने राजद के अयोध्या सिहं को 6,659 वोट से मात दी। देव कुमार शर्मा को 48,889 वोट मिले। वहीं, अयोध्या सिंह को 42,230 वोट मिले।
फरवरी 2005 : जदयू को मिली जीत
- फरवरी 2005 के चुनाव में जदयू के रणविजय कुमार को जीत मिली। उन्होंने कांग्रेस के कोकब कादरी को 5,859 वोट से हराया। रणविजय कुमार को कुल 27,812 वोट मिले। वहीं, कोकब कादरी को 21,953 वोट मिले।
- अक्तूबर 2005 के चुनाव में जदयू के रणविजय गोह सीट से दोबारा विधायक बने। इस चुनाव में उन्होंने कांग्रेस के देव नारायण सिंह यादव को 3,930 वोट से हराया। रण विजय कुमार को कुल 26,526 वोट मिले। वहीं, देव नारायण सिंह को 22,598 वोट मिले।
- 2010 के चुनाव में रणविजय कुमार ने गोह सीट से हैट्रिक लगाई। रणविजय कुमार ने राजद के राम अयोध्या प्रसाद यादव को मात्र 694 वोट से हराया। रणविजय कुमार को 47,378 वोट मिले। वहीं, राम अयोध्या प्रसाद को 46,684 वोट मिले।
2015 : भाजपा को पहली जीत मिली।
2015 के चुनाव में देव कुमार शर्मा के बेटे मनोज कुमार को जीत मिली। उन्होंने यह चुनाव भाजपा के टिकट पर लड़ा था। मनोज कुमार ने तीन बार के विधायक और जदयू उम्मीदवार रणविजय को 7,672 वोट से हराया। मनोज कुमार को 53,615 वोट मिले। वहीं, रणविजय कुमार को 45,943 वोट मिले।
2020 : राजद को जीत मिली
2020 के चुनाव में राजद के भीम कुमार सिंह को 35,618 वोट से जीत मिली। वहीं भाजपा के मनोज कुमार दूसरे नंबर पर रहे। भीम कुमार सिंह को कुल 81,410 वोट मिले। वहीं, मनोज कुमार को 45,792 वोट मिले।
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