फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Bhushan Power and Steel which gave loan to buy Robert Vadra land got relief from tax panel

वाड्रा को जमीन खरीदने के लिए कर्ज देने वाली कंपनी को टैक्स में मिली भारी छूट

Fri, 30 Nov 2018 10:31 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Fri, 30 Nov 2018 10:31 AM IST
विज्ञापन
Bhushan Power and Steel which gave loan to buy Robert Vadra land got relief from tax panel
रॉबर्ट वाड्रा

कारोबारी रॉबर्ट वाड्रा की जमीन खरीदने वाली कंपनी को जिस फर्म ने लोन दिया उसे टैक्स पैनल ने बड़ी राहत दी है। बताया जा रहा है कि ये राहत करीब 500 करोड़ रुपये की आय पर दी गई है।

विज्ञापन

बीकानेर में विवादास्पद भूमि लेनदेन के एक मामले की जांच करते हुए प्रवर्तन निदेशालय ने आयकर निपटान आयोग से भूषण पावर लिमिटेड एंड स्टील लिमिटेड (बीपीएसएल) से जुड़े सभी विवरण मांगे हैं। यह वही कंपनी है जिसने रॉबर्ड वाड्रा की कंपनी को लागत से सात गुना ज्यादा दाम पर जमीन खरीदने के लिए कर्ज दिया था।
विज्ञापन


दो महीने पहले उस समय प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के निदेशक रहे करनाल सिंह ने आयोग को पत्र लिखकर उस फाइल के ब्योरे के बारे में पूछा था जिसमें बीपीएसएल मामले पर विचार-विमर्श किया गया था और उस आदेश को सुरक्षित रख लिया गया था। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार निदेशक ने बीएसपीएल को राहत प्रदान करने के आदेश को कमजोर करने के आरोप में पुनर्निर्मित खंडपीठ का ब्योरा देने के लिए भी कहा था।
विज्ञापन
विज्ञापन


सूत्रों का कहना है कि यह फॉलो-अप पत्र ईडी के पूर्व पत्र को लेकर किया गया था जिसके जवाब में आयोग ने कहा कि रिकॉर्ड आग लगने की वजह से नष्ट हो गए हैं। 2011-12 में बीपीएसएल ने दिल्ली बेस्ड एलेजेनी फिनलीज प्राइवेट लिमिटेड को 5.64 करोड़ रुपये का कर्ज दिया था। रिकॉर्ड्स के अनुसार इस पैसे का इस्तेमाल वाड्रा के स्वामित्व वाली स्काई लाइट हॉस्पिटैलिटी ने बीकानेर में जमीन खरीदने के लिए किया।

संयोग से इसी अवधि के दौरान दिसंबर 2011 में निपटान आयोग ने एक आदेश जारी किया था। जिसमें उसने इस बात को स्वीकार किया था कि उसने आयकर विभाग के खिलाफ बीपीएसएल के आवेदन को स्वीकार किया था। आयकर विभाग ने बीपीसीएल के खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया था और उससे कहा था कि वह 2004-05 से लेकर 2011-12 तक कंपनी के जिन खातों में 800 करोड़ से ज्यादा की राशि हैं उन्हें जोड़े।

अपने फाइनल आदेश में निपटान आयोग ने न केवल बीपीएसएल की आय वृद्धि को 317 करोड़ रुपये करके उसे 500 करोड़ रुपये की राहत पहुंचाई बल्कि उसे अभियोजन पक्ष और दंड से सुरक्षा भी प्रदान की। जब इस बारे में निपटान आयोग के अध्यक्ष अखिलेश प्रसाद से संपर्क किया गया तो उन्होंने कहा, 'इस आदेश को पास हुए पांच साल हो चुके हैं। यह बहुत समय पहले की बात है और मुझे इसके बारे में कुछ याद नहीं है।' वह उस आयोग के सदस्य थे जिन्होंने फाइनल आदेश पास किया था।

अपने ऊपर लगे आरोपों पर रॉबर्ट वाड्रा ने फेसबुक पर लिखा, मीडिया से जुड़े कुछ प्रश्न मेरे पास झूठे आरोपों के संबंध में आ रहे हैं। जिन्हें सरकार ने लीक किया है क्योंकि राजस्थान में चुनाव नजदीक हैं। दिलचस्प बात यह है कि उठाए जा रहे बहुत से मुद्दे न्यायालय में हैं। क्या यह केवल एक संयोग है कि सरकार की कुछ चुनिंदा एजेंसियों ने अपनी गतिविधियों को तेज करते हुए उन मुद्दों को उठाया है जिनका मुझसे कोई संबंध नहीं है या फिर जिनपर मैं सालों पहले जवाब दे चुका हूं और पिछले चार सालों से पूरी तरह सहयोग कर रहा हूं। 

दुखद बात यह है कि भाजपा के अलावा हर कोई यह देख सकता है कि ये रणनीति कितनी हताश, साफ तौर से राजनीतिक और विरोधाभासी है। मुझे उम्मीद है कि स्वतंत्र और मीडिया में मौजूद पेशेवर व्यक्ति उन मुद्दों से अपना ध्यान नहीं हटाएंगे जिनका राजस्थान की जनता से सरोकार है। जैसे- भारी बेरोजगारी और कुशासन और खुद को सरकार के प्लान बी में नहीं उलझाएगी। जिसका इस्तेमाल बैकफुट पर जाने के बाद किया जाता है। फिर चाहे वह राफेल हो या फिर विधानसभा चुनाव हारने का डर।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed