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केंद्र का दावा: भारत स्वच्छ वायु-पर्यावरण संरक्षण को कटिबद्ध, 130 शहरों में अब तक ₹1.55 लाख करोड़+ की व्यवस्था
Wed, 10 Sep 2025 04:57 AM IST
दीपक कुमार शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: दीपक कुमार शर्मा
Updated Wed, 10 Sep 2025 04:57 AM IST
सार
केंद्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार और वेटलैंड शहर मान्यता समारोह-2025 का आयोजन किया। इसमें 130 एनसीएपी शहरों में 11 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शहरों को स्वच्छ वायु के मिशन को आगे बढ़ाने में उत्कर्ष प्रतिबद्धता और नवाचार के लिए पुरस्कृत किया गया है।
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स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 पुरस्कार के दौरान सभा को संबोधित करते केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव
- फोटो : X@byadavbjp
विस्तार
केंद्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव ने स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 के अंतर्गत 130 एनसीएपी शहरों में 11 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शहरों को स्वच्छ वायु के मिशन को आगे बढ़ाने में उत्कर्ष प्रतिबद्धता और नवाचार के लिए पुरस्कृत किया गया है। इस दौरान केंद्रीय मंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि अब तक वायु प्रदूषण कम करने के उपाय को लागू करने हेतु महत्वपूर्ण अंतराल निधि के रूप में 130 शहरों को वायु गुणवत्ता प्रदर्शन से संबंधित 13237 करोड़ का अनुदान दिया गया है।
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केंद्रीय मंत्री यादव ने आगे कहा कि स्वच्छ भारत मिशन, अमृत स्मार्ट सिटी मिशन के तहत सतत नगर वन योजना जैसी केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाओं के संसाधनों के अभिसरण से धन जुटा रहा है। केंद्र सरकार में वायु गुणवत्ता में सुधार और टिकाऊ हरित बुनियादी राज्य के विकास के लिए विभिन्न केंद्रीय योजनाओं और मंत्रालयों के कार्यक्रमों के माध्यम से 73350 करोड़ रुपए उपलब्ध कराए हैं।
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130 शहरों में 1.55 लाख करोड़ रुपये की वित्तीय व्यवस्था
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार और स्थानीय निकायों ने भी 82 हजार करोड़ रुपए का योगदान दिया है। इसके परिणाम स्वरूप 130 शहरों में कुल 1.55 लाख करोड़ रुपए की वित्तीय व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के माध्यम से 130 शहरों में से 103 शहरों में धूल के मोटे कणों के स्तर पर वायु व्यवस्था में सुधार लाने में प्रगति हुई है।
दरअसल, केंद्रीय पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय द्वारा स्वच्छ वायु सर्वेक्षण पुरस्कार और वेटलैंड शहर मान्यता समारोह-2025 का आयोजन किया गया। ईएफएंडसीसी ने राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम -एनसीएपी के तहत 130 शहरों में आयोजित स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 के तहत सर्वश्रेष्ठ निष्पादन करने वाले शहरों को पुरस्कृत किया। इसमें स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2025 के अंतर्गत 130 एनसीएपी शहरों में 11 सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले शहरों को स्वच्छ वायु के मिशन को आगे बढ़ाने में उत्कर्ष प्रतिबद्धता और नवाचार के लिए पुरस्कृत किया गया है।
10 लाख+ जनसंख्या में इंदौर प्रथम और जबलपुर द्वितीय
इसमें पहली श्रेणी में 10 लाख से अधिक जनसंख्या में मध्य प्रदेश के इंदौर ने 200 में से 200 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उसे 1.5 करोड रुपए का नगद पुरस्कार दिया गया। इंदौर ने पिछले वर्ष 16 लाख से अधिक पेड़ लगाए जिसके चलते उसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड में दर्ज हुआ। सार्वजनिक परिवहन के लिए 120 इलेक्ट्रिक बस और 150 सीएनजी बसें शहर में चलती हैं। वहीं, जबलपुर ने 200 में 199 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उसे एक करोड़ रुपए का नकद पुरस्कार मिला है। इसमें जबलपुर में 11 मेगावाट का अपशिष्ट से ऊर्जा संयंत्र स्थापित करने और हरियाली विकसित करने के लिए पुरस्कार प्राप्त किया है।
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आगरा-सूरत को मिला तीसरा स्थान
उत्तर प्रदेश के आगरा और गुजरात के सूरत ने 200 में से 196 अंक प्राप्त करके संयुक्त रूप से तीसरा स्थान प्राप्त किया है। प्रत्येक शहर को 25 लाख रुपए का नगर पुरस्कार दिया गया है, आगरा ने पुराने कचरा डंप स्थलों का सुधार किया, और मियांवली वृक्षारोपण किया, सूरत में इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन देकर कर लाभ प्रदान करने के लिए इलेक्ट्रिक वाहन नीति लागू की और 38 फीसदी हरित क्षेत्र को बनाए रखा।
तीन से 10 लाख में अमरावती प्रथम
वहीं तीन से 10 लाख वाली जनसंख्या के शहरों में अमरावती ने 200 में से 200 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। उसे 75 लाख रुपए का नकद पुरस्कार दिया गया। अमरावती ने 340 किलोमीटर तक सड़क निर्माण सहित बुनियादी ढांचे में सुधार किया, 93 उद्यानों में व्यापक हरियाली का काम किया, और 119 एकड़ बंजर भूमि को घने जंगल में बदलाव किया।
झांसी-मुरादाबाद को मिला दूसरा स्थान
वहीं इस श्रेणी में झांसी और मुरादाबाद ने 200 में से 195 अंक प्राप्त कर दूसरा स्थान प्राप्त किया। उन्हें 25 लाख रुपए का नगद पुरस्कार दिया गया। झांसी ने शहरी हरियाली और मियांवली वन विकसित किया। मुरादाबाद में सड़क अब संरचना और निर्माण एवं अपशिष्ट प्रबंधन पर काम किया। इस क्रम में राजस्थान के अलवर ने 200 में से 197.6 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान प्राप्त किया है, नगर को 25 लाख रुपए का नगद पुरस्कार दिया गया। अलवर में प्रबंधन के क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किया है।
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तीन लाख से कम जनसंख्या में देवास प्रथम
वहीं, तीन लाख से कम जनसंख्या वाले शहरों में मध्य प्रदेश के देवास ने 200 में से 193 अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान प्राप्त किया है। वहीं, परवाणु ने 200 से 191 अंक लेकर दूसरा स्थान और अंगुल ने तीसरा स्थान प्राप्त किया है।