फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   bhima koregaon violence case accused stam swamy passed away in hospital

भीमा कोरेगांव हिंसा: आरोपी फादर स्टेन स्वामी का अस्पताल में निधन, बॉम्बे हाईकोर्ट को दी गई सूचना

Mon, 05 Jul 2021 03:12 PM IST
Tanuja Yadav न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई Published by: Tanuja Yadav Updated Mon, 05 Jul 2021 03:12 PM IST
सार

एल्गार परिषद मामले में आरोपी स्टेन स्वामी का 84 साल की उम्र में निधन हो गया। बता दें कि आज बॉम्बे हाईकोर्ट में स्वामी की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी।

विज्ञापन
bhima koregaon violence case accused stam swamy passed away in hospital
फादर स्टेन स्वामी (फाइल फोटो) - फोटो : social media

विस्तार

एल्गार परिषद मामले में आरोपी रहे स्टेन स्वामी का 84 साल की उम्र में निधन हो गया। स्वामी पार्किसंस समेत कई बीमारियों से पीड़ित थे और पिछले साल वो कोविड पीड़ित भी हुए थे। बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक सुनवाई के दौरान उनके वकील ने इस बात की जानकारी दी। बता दें कि आज ही स्टेन की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी।

विज्ञापन


आज ही स्टेन स्वामी की जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी। हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान स्टेन स्वामी के वकील ने कहा कि बड़े भारी मन से कोर्ट को सूचित करना पड़ रहा है कि फादर स्टेन स्वामी का निधन हो गया है। बता दें कि पुणे स्थित भीमा कोरेगांव में एक जनवरी 2018 को दलित समुदाय के लोगों का एक कार्यक्रम हुआ था। 
विज्ञापन


एल्गार परिषद ने इस कार्यक्रम का आयोजन किया था। इस दौरान कार्यक्रम में हिंसा भड़क उठी थी। भीड़ ने तमान वाहन जला दिए थे और इस दौरान दुकानों और मकानों में तोड़फोड़ की गई थी। इस हिंसा में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई लोग जख्मी हो गए थे। इस मामले में माओवादियों से संपर्क रखने के आरोप में कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था, उनमें से एक स्टेन स्वामी भी थे। 
विज्ञापन
विज्ञापन


एल्गार-परिषद मामले में, स्वामी और उनके सह-आरोपियों पर एनआईए)ने आरोप लगाया है कि ये सभी प्रतिबंधित माकपा (माओवादी) की तरफ से काम कर रहे अग्रणी संगठन के सदस्य थे।

पिछले महीने, एनआईए ने उच्च न्यायालय के समक्ष हलफनामा दायर कर स्वामी की जमानत याचिका का विरोध किया था। इसने कहा था कि उनकी बीमारी के कोई ठोस सबूत नहीं हैं। इसने आरोप लगाया था कि स्वामी माओवादी थे जिन्होंने देश में अशांति पैदा करने के लिए साजिश रची थी।


एल्गार परिषद मामला 31 दिसंबर 2017 को पुणे में हुए एक सम्मेलन में भड़काऊ भाषणों से संबंधित है जिसके बारे में पुलिस का दावा है कि अगले दिन इन भाषणों के कारण कोरेगांव-भीमा युद्ध स्मारक के पास हिंसा हुई थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed