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बंगाल चुनाव: पहले चरण के 23 फीसदी उम्मीदवारों पर आपराधिक केस, 21% प्रत्याशी है करोड़पति
Thu, 16 Apr 2026 11:06 PM IST
Rahul Kumar
पीटीआई, नई दिल्ली
पीटीआई, नई दिल्ली
Published by: Rahul Kumar
Updated Thu, 16 Apr 2026 11:06 PM IST
सार
एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के पहले चरण में चुनाव लड़ रहे लगभग हर चार उम्मीदवारों में से एक के खिलाफ आपराधिक केस दर्ज है।
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एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर)
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के पहले चरण में किस्मत आजमा रहे लगभग 23 फीसदी उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) और पश्चिम बंगाल इलेक्शन वॉच द्वारा गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है। यह विश्लेषण 23 अप्रैल को होने वाले मतदान के लिए मैदान में उतरे 1,475 उम्मीदवारों के हलफनामों पर आधारित है।
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भाजपा के उम्मीदवार सबसे ज्यादा दागी
रिपोर्ट के अनुसार, प्रमुख दलों में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के पास आपराधिक मामलों वाले उम्मीदवारों की हिस्सेदारी सबसे अधिक है। भाजपा के 152 में से 106 उम्मीदवारों (70 फीसदी) ने अपने हलफनामों में आपराधिक मामलों की घोषणा की है। सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के 148 उम्मीदवारों में से 63 (43 फीसदी) दागी हैं। वहीं, माकपा के 98 में से 43 और कांग्रेस के 151 में से 39 उम्मीदवारों पर आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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कुल 345 उम्मीदवारों पर लंबित आपराधिक मामले हैं, जबकि 294 उम्मीदवारों पर गंभीर आपराधिक आरोप दर्ज हैं। इनमें से 19 उम्मीदवारों पर हत्या और 105 पर हत्या के प्रयास के मामले हैं। महिलाओं के खिलाफ अपराध से जुड़े मामलों में 98 उम्मीदवार शामिल हैं, जिनमें से छह पर दुष्कर्म के आरोप हैं।
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21 फीसदी उम्मीदवार करोड़पति
रिपोर्ट में 66 निर्वाचन क्षेत्रों (43 फीसदी) को रेड अलर्ट निर्वाचन क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया है। ये वे क्षेत्र हैं जहां तीन या उससे अधिक उम्मीदवारों ने अपने खिलाफ आपराधिक मामले घोषित किए हैं। आर्थिक पक्ष की बात करें तो 309 उम्मीदवार (21 फीसदी) करोड़पति हैं। पहले चरण के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति 1.34 करोड़ रुपये है। तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवारों की औसत संपत्ति सबसे अधिक 5.70 करोड़ रुपये दर्ज की गई है।
महिला प्रतिनिधित्व केवल 11 फीसदी
चुनाव में महिलाओं की भागीदारी अब भी काफी कम है। पहले चरण में केवल 167 महिला उम्मीदवार मैदान में हैं, जो कुल संख्या का मात्र 11 फीसदी है। गौरतलब है कि, पश्चिम बंगाल की 294 सदस्यीय विधानसभा के लिए दो चरणों में 23 और 29 अप्रैल को मतदान होगा। मतों की गिनती 4 मई को की जाएगी। रिपोर्ट में कहा गया है कि अदालती निर्देशों के बावजूद दल साफ-सुथरी छवि के बजाय जीतने की क्षमता को प्राथमिकता दे रहे हैं।