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Bengal: आवश्यक दवाओं की संशोधित कीमतों पर ममता ने PM मोदी को लिखी चिट्ठी, फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की
Mon, 21 Oct 2024 05:25 PM IST
श्वेता महतो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, कोलकाता
Published by: श्वेता महतो
Updated Mon, 21 Oct 2024 05:25 PM IST
सार
जिन दवाओं की कीमतों में वृद्धि को मंजूरी दी गई है उनमें अस्थमा, ग्लूकोमा, थैलेसीमिया, तपेदिक और मानसिक स्वास्थ्य विकारों जैसी स्थितियों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली दवाएं शामिल हैं। इन दवाओं का उपयोग अक्सर सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में प्रथम-पंक्ति उपचार के रूप में किया जाता है।
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ममता बनर्जी
- फोटो : PTI
विस्तार
राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (एनपीपीए) ने हाल ही में आठ दवाओं के ग्यारह अनुसूचित यौगिकों की कीमतों में 50 प्रतिशत इजाफे की मंजूरी दी है। इन आठ आवश्यक दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चिट्ठी लिखी। उन्होंने पीएम मोदी से इस फैसले पर पुनर्विचार करने की अपील की। दो पन्नों के पत्र में ममता ने इस बात पर जोर दिया कि नागरिकों का कल्याण सर्वोपरि है।
ममता बनर्जी ने कहा, "मैं आपसे आग्रह करती हूं कि आम लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए आठ आवश्यक दवाओं की कीमतों मं बढ़ोतरी के निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए संबंधित मंत्रालय को निर्देश जारी करें। हमारा उद्देश एक संतुलित दृष्टिकोण को संरक्षित करना होना चाहिए, जो नागरिकों के किफायती स्वास्थ्य देखभाल का सम्मान करता हो। नागरिकों का कल्याण सर्वोपरि है। आपके तत्काल निर्देश का इंतजार है।"
आठ अक्तूबर को लिया गया था निर्णय
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, यह निर्णय 8 अक्तूबर को प्राधिकरण की बैठक के दौरान औषधि (मूल्य नियंत्रण ) आदेश, 2013 के पैरा 19 के तहत दी गई असाधारण शक्तियों का उपयोग करते हुए किया गया। इसका उद्देश्य सस्ती दवा उपलब्ध कराने के जनादेश से समझौता किए बिना इन दवाओं के निर्माण की वित्तीय व्यवहार्यता को बनाए रखना है। दवा निर्माताओं की ओर से सक्रिय फार्मास्युटिकल सामग्री (एपीआई) की बढ़ती लागत, उत्पादन खर्च में वृद्धि और विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव के कारण मूल्य संशोधन की मांग की गई थी।
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इन दवाओं का नाम भी शामिल
जिन दवाओं की कीमतों में वृद्धि को मंजूरी दी गई है उनमें अस्थमा, ग्लूकोमा, थैलेसीमिया, तपेदिक और मानसिक स्वास्थ्य विकारों जैसी स्थितियों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली दवाएं शामिल हैं। इन दवाओं का उपयोग अक्सर सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में प्रथम-पंक्ति उपचार के रूप में किया जाता है। मूल्य वृद्धि से प्रभावित दवाओं की सूची में बेंजिल पेनिसिलिन 10 लाख IU इंजेक्शन, एट्रोपिन इंजेक्शन 0.6 mg/ml, इंजेक्शन के लिए स्ट्रेप्टोमाइसिन पाउडर (750 mg और 1000 mg) साल्बुटामोल टैबलेट (2 mg और 4 mg) और रेस्पिरेटर सॉल्यूशन (5 mg/ml), पिलोकार्पाइन 2 प्रतिशत ड्रॉप्स, सेफैड्रोक्सिल टैबलेट 500 mg, इंजेक्शन के लिए डेसफेरियोक्सामाइन 500 mg और लिथियम टैबलेट 300 mg शामिल हैं।
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ममता बनर्जी ने कहा, "मैं आपसे आग्रह करती हूं कि आम लोगों के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए आठ आवश्यक दवाओं की कीमतों मं बढ़ोतरी के निर्णय पर पुनर्विचार करने के लिए संबंधित मंत्रालय को निर्देश जारी करें। हमारा उद्देश एक संतुलित दृष्टिकोण को संरक्षित करना होना चाहिए, जो नागरिकों के किफायती स्वास्थ्य देखभाल का सम्मान करता हो। नागरिकों का कल्याण सर्वोपरि है। आपके तत्काल निर्देश का इंतजार है।"
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आठ अक्तूबर को लिया गया था निर्णय
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय के अनुसार, यह निर्णय 8 अक्तूबर को प्राधिकरण की बैठक के दौरान औषधि (मूल्य नियंत्रण ) आदेश, 2013 के पैरा 19 के तहत दी गई असाधारण शक्तियों का उपयोग करते हुए किया गया। इसका उद्देश्य सस्ती दवा उपलब्ध कराने के जनादेश से समझौता किए बिना इन दवाओं के निर्माण की वित्तीय व्यवहार्यता को बनाए रखना है। दवा निर्माताओं की ओर से सक्रिय फार्मास्युटिकल सामग्री (एपीआई) की बढ़ती लागत, उत्पादन खर्च में वृद्धि और विनिमय दरों में उतार-चढ़ाव के कारण मूल्य संशोधन की मांग की गई थी।
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इन दवाओं का नाम भी शामिल
जिन दवाओं की कीमतों में वृद्धि को मंजूरी दी गई है उनमें अस्थमा, ग्लूकोमा, थैलेसीमिया, तपेदिक और मानसिक स्वास्थ्य विकारों जैसी स्थितियों के उपचार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली दवाएं शामिल हैं। इन दवाओं का उपयोग अक्सर सार्वजनिक स्वास्थ्य कार्यक्रमों में प्रथम-पंक्ति उपचार के रूप में किया जाता है। मूल्य वृद्धि से प्रभावित दवाओं की सूची में बेंजिल पेनिसिलिन 10 लाख IU इंजेक्शन, एट्रोपिन इंजेक्शन 0.6 mg/ml, इंजेक्शन के लिए स्ट्रेप्टोमाइसिन पाउडर (750 mg और 1000 mg) साल्बुटामोल टैबलेट (2 mg और 4 mg) और रेस्पिरेटर सॉल्यूशन (5 mg/ml), पिलोकार्पाइन 2 प्रतिशत ड्रॉप्स, सेफैड्रोक्सिल टैबलेट 500 mg, इंजेक्शन के लिए डेसफेरियोक्सामाइन 500 mg और लिथियम टैबलेट 300 mg शामिल हैं।
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