फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   Bangladesh violence Shashi Tharoor Said India wants minorities there to feel safe News In Hindi

Shashi Tharoor: 'भारत चाहता है, वहां अल्पसंख्यक सुरक्षित महसूस करें', बांग्लादेश हिंसा पर शशि थरूर की दो टूक

Wed, 24 Dec 2025 09:36 PM IST
शुभम कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, तिरुवनंतपुरम Published by: शुभम कुमार Updated Wed, 24 Dec 2025 09:36 PM IST
सार

बांग्लादेश में जारी हिंसा को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि बांग्लादेश में शांति बनी रहे और अल्पसंख्यक सुरक्षित महसूस करें। थरूर ने हिंदू युवक दीपू दास की भीड़ द्वारा हत्या को शर्मनाक बताया और कहा कि उस पर ब्लास्फेमी का कोई सबूत नहीं था।

विज्ञापन
Bangladesh violence Shashi Tharoor Said India wants minorities there to feel safe News In Hindi
शशि थरूर, कांग्रेस सांसद - फोटो : ANI

विस्तार

बांग्लादेश में जारी अशांति को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि बांग्लादेश में शांति और स्थिरता बनी रहे और वहां रहने वाले अल्पसंख्यक खुद को सुरक्षित महसूस करें। इस दौरान शशि थरूर ने बांग्लादेश में हिंसा के बीच एक हिंदू युवा दीपू दास की भीड़ द्वारा हत्या (लिंचिंग) को बेहद शर्मनाक और गलत बताया। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति को मारा गया, उस पर धर्म का अपमान (ब्लास्फेमी) करने का कोई सबूत नहीं था।

विज्ञापन


बता दें कि दीपू पहले से ही पुलिस की हिरासत में था, लेकिन इसके बावजूद उसे भीड़ के हवाले कर दिया गया और बेरहमी से उसकी हत्या कर दी गई। थरूर ने कहा कि ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए था। उन्होंने यह भी कहा कि बांग्लादेश के कई हिस्सों में सड़कों पर हो रहे प्रदर्शन, और भारत के दफ्तरों (असिस्टेंट हाई कमीशन) के बाहर हुए विरोध प्रदर्शन, स्थिति को और खराब कर रहे हैं।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें:- बांग्लादेश में सियासी उलटफेर: अवामी लीग पर प्रतिबंध से अमेरिकी सांसद परेशान, युनूस सरकार को क्यों लिखी चिट्ठी?
विज्ञापन
विज्ञापन


बांग्लादेश आम चुनाव पर भी बोले थरूर
थरूर ने बांग्लादेश आम चुनाव पर भी बातचीत की। उन्होंने कहा कि इन सब घटनाओं की वजह से वहां ऐसा माहौल बन गया है जो फरवरी में होने वाले चुनावों से पहले शांति और स्थिरता के लिए ठीक नहीं है। इस दौरान उन्होंने भारत पर लगाए जा रहे आरोपों को भी खारिज किया।

भारत को जिम्मेदार ठहराना गलत-थरूर
थरूर ने कहा कि एक छात्र नेता की मौत के लिए भारत को जिम्मेदार ठहराना बिल्कुल बेबुनियाद और गलत है। भारत का बांग्लादेश में अस्थिरता फैलाने में कोई हित नहीं है। उन्होंने कहा कि इस तरह की बयानबाजी से बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ माहौल बिगड़ रहा है, जो बहुत चिंता की बात है। इस वजह से न सिर्फ बांग्लादेश में बल्कि पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है। शशि थरूर ने बांग्लादेश सरकार और वहां के समाज से अपील की कि हालात को शांत किया जाए, कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाए और सभी समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।


ये भी पढ़ें:- NCERT Recruitment 2025: 10वीं-12वीं पास से लेकर पोस्ट-ग्रेजुएट तक के लिए शानदार भर्ती; 78,800 तक मिलेगी सैलरी

बांग्लादेश में अब-तक क्यों जारी है हिंसा?
गौरतलब है कि बांग्लादेश में हिंसा बदस्तूर जारी है। ढाका से लेकर चटगांव तक भीड़ के प्रदर्शन और उससे जुड़ी हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं। 12 दिसंबर को इंकलाब मंच के छात्र नेता उस्मान हादी को गोली मार दी गई थी। इसके बाद 18 दिसंबर को हादी का सिंगापुर में निधन हो गया और तब से लेकर अब तक बांग्लादेश में लगातार माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है। इसके ठीक बाद चटगांव में एक हिंदू शख्स की लिंचिंग की घटना ने पूरी दुनिया को चौंका दिया।

अब बांग्लादेश के नए राजनीतिक दल नेशनल सिटीजन पार्टी (एनसीपी) के एक नेता पर भी हमला हुआ है। सोमवार को एनसीपी के मोहम्मद मुतालिब सिकदर को खुलना में गोली मार दी गई। इस हमले में सिकदर के सिर पर चोट आई है। बताया गया है कि उसे गंभीर स्थिति में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed