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पतंजलि आयुर्वेद का दावा, हरे पेड़ों की कटाई से वास्ता नहीं 

Wed, 15 Nov 2017 12:08 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, इलाहाबाद Updated Wed, 15 Nov 2017 12:08 AM IST
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Baba Ramdev's company Patanjali Ayurveda claimed no relation to harvesting of green trees
फाइल फोटो

बाबा रामदेव की कंपनी पतंजलि आयुर्वेद और पतंजलि फूड एंड हर्बल पार्क ने हाईकोर्ट में हलफनामा दाखिल कर कहा है कि कंपनी को आवंटित जमीन पर कोई पेड़ नहीं था और जिन हरे पेड़ों की कटाई का दावा किया जा रहा है, उससे कंपनी का कोई लेना देना नहीं है। 

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पतंजलि की कंपनियों को नोएडा के सेक्टर-24 और 24 ए में भूमि आवंटित की गई है। इसमें याची औसाफ की जमीन शामिल नहीं है। औसाफ की भूमि से छह हजार हरे पेड़ किसने काटे हैं, उनको नहीं पता। याची ने ऐसा कोई साक्ष्य भी नहीं दिया है, जिससे पता चले कि पेड़ों की कटाई में कंपनी का कोई हाथ है।
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यमुना एक्सप्रेस-वे अथॉरिटी की ओर से भी ऐसा ही हलफनामा दाखिल किया गया है। मामले की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति तरुण अग्रवाल और न्यायमूर्ति अजय भनोट की पीठ ने याची औसाफ को कंपनी के हलफनामे का जवाब देने का निर्देश दिया है। 

कंपनी का कहना है कि उसे कुल 430 एकड़ भूमि आवंटित की गई है। इसमें से 130 एकड़ पतंजलि आयुर्वेद को और 300 एकड़ पतंजलि हर्बल एंड फूड पार्क को दी गई है। याची को प्लाट संख्या 828 (क) में जमीन दी गई है, जिसमें से उसने छह हेक्टेयर में लगे हरे पेड़ों को बुल्डोजर लगाकर उखाड़ देने का दावा किया है।

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