फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   ayodhya Ram Mandir ramlala sculptor arun yogiraj wife shared a story

Ram Mandir: रामलला की मूर्ति बनाने के दौरान आंख में लगी थी चोट, मूर्तिकार योगीराज की पत्नी ने बताया किस्सा

Tue, 16 Jan 2024 05:53 PM IST
श्वेता महतो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: श्वेता महतो Updated Tue, 16 Jan 2024 05:53 PM IST
सार

राम मंदिर ट्रस्ट ने मूर्तिकार अरुण योगीराज की मूर्ति का चयन किया है। उनकी मूर्ति रामलला के दरबार में विराजेगी। इस खबर को सुनकर योगीराज की मां ने खुशी जताई है, तो वहीं उनकी पत्नी ने एक किस्सा साझा किया है। 

विज्ञापन
ayodhya Ram Mandir ramlala sculptor arun yogiraj wife shared a story
अरुण योगीराज - फोटो : Social Media

विस्तार

कर्नाटक के मशहूर मूर्तिकार अरुण योगीराज की मूर्ति रामलला के दरबार में विराजेगी। अयोध्या राम मंदिर ट्रस्ट ने इसकी घोषणा की है। मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने सोमवार को बताया कि नई मूर्ति में भगवान को पांच साल के लड़के के रूप में खड़ी मुद्रा में दर्शाया गया है। इसे 18 जनवरी को गर्भगृह में आसन पर रखा जाएगा। 
विज्ञापन


योगीराज की मां ने जताई खुशी
मीडिया से बात करते हुए योगीराज की मां सरस्वती ने कहा कि यह बहुत खुशी की बात है कि उनके बेटे द्वारा बनाई गई मूर्ति को चुन लिया गया है। उन्होंने कहा, 'इस खबर को सुनकर हम बहुत खुश हुए। पूरे परिवार को इसकी खुशी हो रही है। उसने (योगीराज) मुझसे सुबह बात की और बताया कि उसकी मूर्ति को चुन लिया गया है। यह वाकई में हमारे लिए शुभ संक्रांति है।' मूर्ति के बारे में बात करते हुए सरस्वती ने बताया कि भगवान राम को अबतक किसी ने नहीं देखा। ईश्वर ने ही उसे अपनी मूर्ति तराशने का अवसर दिया।
विज्ञापन


पत्नी ने शेयर किया एक किस्सा 
योगीराज की पत्नी विजेता ने एक किस्सा साझा किया, जिसमें बताया कि कैसे मूर्ति बनाते समय योगीराज की आंख में चोट लगी थी। उन्होंने कहा, 'जब यह कार्य दिया गया था, तब हमें यह सूचना मिली की मूर्ति बनाने वाला पत्थर मैसूरु के पास उपलब्ध है। पत्थर बहुत ज्यादा कठोर था, इतना कठोर था कि उसकी नुकीली नोक उनकी (योगीराज) आंख में चली गई, जिसे ऑपरेशन के जरिए बाहर निकाला गया। हालांकि, उन्होंने इस दौरान काम अपना काम जारी रखा। उनके काम ने सभी को प्रभावित किया है। हम एक-एक कर सभी का धन्यवाद करते हैं।'
विज्ञापन
विज्ञापन


विजेता ने कहा, 'मैं बहुत खुश हूं कि इतने पुण्य काम के लिए हमें चुना गया है।' उन्होंने बताया कि मूर्ति बनाते समय किसी तरह की गलती की कोई गुंजाइश ही नहीं थी। पत्नी विजेता ने कहा, 'रामलला की मूर्ति पर ध्यान केंद्रित करने के लिए उन्होंने अपनी रातों की नींद का त्याग किया। एक ऐसा समय भी आया जब हम बात भी नहीं कर पाते थे। वह परिवार के लिए भी बहुत कम समय निकाल पाते थे, लेकिन ये सारी शिकायतें इस खुश खबर के साथ दूर हो गई।'

भाई ने बताया परिवार के लिए यादगार दिन
योगीराज के भाई ने कहा कि यह पूरे परिवार के लिए यादगार दिन है। उन्होंने कहा, 'योगीराज ने इतिहास रच दिया और वह इसका हकदार भी है। यह उसकी कड़ी मेहनत ही है, जिसने उसे इतनी ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया।' उन्होंने बताया कि योगीराज ने मूर्तिकला पिता से सीखीं।


योगीराज ने आदि शंकराचार्य की मूर्ति भी बनाई है, जिसे केदारनाथ में विराजमान किया गया है। दिल्ली के इंडिया गेट के पास स्थापित सुभाष चंद्र बोस की मूर्ति भी योगीराज ने ही बनाईं है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed