फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   atul anjan asks, to defeat left could modi thrash jnu

क्या वामपंथ को हराने के लिए जेएनयू को भी ढहाएंगे पीएम मोदी? अतुल अंजान ने पूछा सवाल

Mon, 17 Sep 2018 01:03 AM IST
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला Updated Mon, 17 Sep 2018 01:03 AM IST
विज्ञापन
atul anjan asks, to defeat left could modi thrash jnu
demo pic

जेएनयू छात्र संघ चुनाव में वामपंथी दलों को मिली भारी जीत से उसके नेता गदगद हैं। सीपीआई नेता अतुल कुमार अंजान ने जेएनयू में मिली जीत पर टिप्पणी करते हुए कहा कि क्या अब वामपंथी पार्टियों को हराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जेएनयू को भी उसी तर्ज पर जमींदोज करा देंगे जिस तरह कांग्रेस को हराने के लिए इलाहाबाद में जवाहर लाल नेहरु की मूर्ति को एक चौराहे से हटा दिया गया।

विज्ञापन


सीपीआई राष्ट्रीय सचिव अंजान ने कहा कि जवाहर लाल नेहरु विश्वविद्यालय देश के बौद्धिक समाज का प्रतीक है। इसकी ख्याति विदेशों तक है। यह पूरे देश के मध्य वर्ग के बच्चों के पढ़ने के केंद्र के रूप में देखी जाती है। ऐसे में इन परिवारों से आने वाले युवाओं ने वामपंथी दलों पर अपना विश्वास जताकर यह बता दिया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के झूठे राष्ट्रवाद को सबने नकार दिया है। सीपीआई नेता ने कहा कि इसे 2019 के चुनाव परिणाम के संकेतक के रूप में देखा जा सकता है और इसी तरह का रिजल्ट लोकसभा चुनाव में भी देखने को मिलने वाला है। 
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि इस देश में विपक्षी सोच को भी सम्मान देने की परंपरा रही है। जिस जवाहर लाल नेहरु ने विपक्ष के नेता अटल बिहारी वाजपेयी को सिर्फ उनकी योग्यता के कारण विदेश में भारत का प्रतिनिधि बनाकर भेजा था आज उन्हीं अटल को अपना आदर्श बताने वाली भाजपा अपनी सत्ता के अहंकार में कांग्रेस और पूरे देश के आदर्श पुरुष जवाहर लाल नेहरु की प्रतिमा को हटवा रही है। भाजपा को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


जेएनयू में हो सकती है साजिश

उन्होंने कहा कि साल भर जेएनयू के खिलाफ झूठी साजिश कर बदनाम करने की कोशिश की गई। उसे भारत विरोधी शक्तियों के केंद्र के रूप में बताने की साजिश रची गई और संपादित वीडियो के जरिये वहां पर भारत विरोधी नारे लगाने की बात फैलाई गई। अनजान ने आशंका व्यक्त की कि चूंकि मोदी सरकार की लोकप्रियता पूरी तरह खत्म होने लगी है, अगले छ: महीनों में फिर जेएनयू को निशाना बनाया जा सकता है। एक बार फिर राष्ट्रवाद का मुद्दा गरमाने के लिए साजिश की जा सकती है। उन्होंने विश्वविद्यालय के वामपंथी छात्र नेताओं को संभलकर चलने की सलाह दी।    

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed