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Atal Canteen: केवल पांच रूपये में मिलेगा भोजन, अटल कैंटीन से रोज एक लाख गरीबों की मिटेगी भूख

Thu, 25 Dec 2025 07:18 PM IST
राहुल कुमार डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: राहुल कुमार Updated Thu, 25 Dec 2025 07:18 PM IST
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Atal Canteen: Food will be available for just five rupees
अटल कैंटीन में सीएम रेखा गुप्ता - फोटो : एएनआई

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के जन्मदिन पर दिल्ली सरकार ने 'अटल कैंटीन' योजना की शुरुआत कर दी। इस योजना में दिल्ली के 100 अलग-अलग स्थानों पर अटल कैंटीन खोली गई है जिनमें केवल पांच रूपये में एक थाली भोजन दिया जाएगा। इस थाली में मौसमी सब्जी के साथ-साथ रोटी-चावल, दाल और अचार शामिल रहेगा। हर कैंटीन पर 'पहले आओ, पहले पाओ' के आधार पर एक हजार गरीबों को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। कैंटीन पर दोपहर 12 बजे से दो बजे, और शाम छः बजे से आठ बजे के बीच भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। हर अटल कैंटीन पर एक हजार गरीबों को भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। इस तरह कुल सौ कैंटीनों पर कुल मिलाकर एक लाख गरीबों को सस्ता भोजन दिया जाएगा। यदि दोपहर और शाम दोनों को मिला लें तो दो लाख गरीबों को यह भोजन उपलब्ध होगा। 

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बेघरों को मिल सकेगा सस्ता भोजन
निर्माण इकाइयों, फैक्ट्रियों, बड़ी मंडियों, बाजारों, कृषि कार्यों और अन्य कार्यों में लगे गरीब श्रमिकों को इससे बड़ी सहायता मिलेगी। दिल्ली के मंदिरों, बाजारों और अन्य प्रमुख स्थलों पर भारी संख्या में ऐसे गरीब लोग भी मिलते हैं जो भीख मांगकर गुजारा करते हैं। इनमें से ज्यादातर के लिए किराए पर आवास लेकर रहना संभव नहीं होता। दिल्ली में रोज लाखों गरीब सड़क पर रात गुजार कर अपना जीवन बिताते हैं। पांच रूपये की थाली मिलने से ऐसे गरीबों को अपना पेट भरना आसान हो जाएगा। पांच रूपये में दिल्ली जैसे शहरों में एक कप चाय या एक समोसा तक नहीं खरीदा जा सकता। ऐसे में पांच रूपये में उन्हें भोजन मिल जाए तो उससे उन्हें बड़ी सहायता मिलेगी।  
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इलाज कराने आ रहे गरीबों को मिलेगी मदद
दिल्ली के विभिन्न बड़े अस्पतालों में पूरे देश से गरीब वर्ग के लोग इलाज कराने के लिए आते हैं। अकेले एम्स में ही ऐसे लाखों मरीज हर महीने इलाज के लिए पहुंचते हैं। यहां इलाज कराने के दौरान उनके साथ कम से कम एक-दो सहायकों को भी रहना पड़ता है। इलाज की दवाओं के साथ उनके रहने और भोजन का खर्च गरीब लोगों को तोड़कर रख देता है। ऐसे गरीब लोगों के लिए यह पांच रूपये की थाली बहुत मददगार साबित हो सकती है। 
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बड़ी सहायता की आवश्यकता
लेकिन बड़ी बात यही है कि सरकार की यह योजना कितने गरीबों तक सहायता पहुंचा सकेगी। दिल्ली सरकार ने इस समय जो सुविधा शुरू की है, इससे प्रतिदिन दोपहर और शाम को एक-एक लाख गरीबों को भोजन दिया जा सकेगा। दोनों समय को मिला लें तो यह दो लाख थाली भोजन होता है, लेकिन एक व्यक्ति की सुबह-शाम भोजन की आवश्यकता के हिसाब से इस योजना में केवल एक लाख गरीब लोगों को ही भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। 


लेकिन दिल्ली में इस तरह के गरीब लोगों की संख्या बहुत बड़ी है जिन्हें इस तरह के भोजन की आवश्यकता है। अकेले निर्माण क्षेत्र में ही दस लाख से अधिक श्रमिकों के काम करने की बात कही जाती है। अन्य गरीबों को मिला लें तो यह संख्या बहुत बड़ी हो जाएगी। इससे यही माना जा रहा है कि सरकार की यह योजना बहुत सीमित है, और इसे बड़े स्तर पर बढ़ाना चाहिए जिससे गरीबों को भूखे पेट न सोना पड़े।

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