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छह केंद्रीय विश्वविद्यालयों में इसी सत्र से योग पर डिग्री की पढ़ाई

Sun, 19 Jun 2016 02:56 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Sun, 19 Jun 2016 02:56 AM IST
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 At the same session, in six Central Universities degree studies of yoga will be start
योग में बैचलर और मॉस्टर डिग्री की पढ़ाई शुरू होगी

देशभर के छह केंद्रीय विश्वविद्यालयों में शैक्षणिक सत्र 2016-17 से योग में बैचलर और मॉस्टर डिग्री की पढ़ाई शुरू होगी। इसके लिए विश्वविद्यालयों में योग डिपार्टमेंट भी शुरू किया जाएगा। वहीं जिन विश्वविद्यालयों में योग में पहले से डिप्लोमा या सर्टिफिकेट की पढ़ाई होती है, उसका विस्तार किया जाएगा। खास बात यह है कि इन छह विश्वविद्यालयों में से उत्तराखंड स्थित हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल यूनिवर्सिटी का नाम भी शामिल है।

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मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी ने शनिवार को दिल्ली में योग पर आयोजित नेशनल सेमिनार में देशभर से आए कुलपतियों को यह जानकारी दी। स्मृति ईरानी ने बताया कि इसमें राजस्थान विश्वविद्यालय, केरल विश्वविद्यालय, मणिपुर विश्वविद्यालय (नॉर्थ ईस्ट) व इंदिरा गांधी नेशनल ट्राइबल यूनिवर्सिटी अमरकंटक व विश्व भारती केंद्रीय विश्वविद्यालय शामिल है। आगामी सत्र में 20 विश्वविद्यालयों में डिग्री प्रोग्राम शुरू करवाने की कोशिश होगी।
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फिलहाल करीब 59 यूनिवर्सिटी में डिप्लोमा व सर्टिफिकेट कोर्स की पढ़ाई करवायी जाती है। आईआईटी, एनआईटी व आईआईएम अहमदाबाद भी कार्यक्रम संचालित करेंगे। इस सत्र से नेट परीक्षा में योगिक साइंस विषय भी जुड़ सकता है।
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मंत्रालय ने यूजीसी से आह्वान किया है कि नेट परीक्षा में योगिक साइंस विषय को भी जोड़ने पर काम करें। इसके तहत आयोग को परीक्षा के प्रारूप बनाने पर काम करना होगा। स्कूलों में योग ओलंपियाड की तर्ज पर विश्वविद्यालयों में योग फेस्टिवल आयोजित किए जाएंगे। यूजीसी और एआईसीटीई विश्वविवद्यालयों व कालेज में कांफ्रेंस, योग प्रैक्टिकस, डेमो के अलावा योग के फायदों पर चर्चा व प्रतियोगिताएं आयोजित करवाएगा।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले ओलंपियाड की धूम

 At the same session, in six Central Universities degree studies of yoga will be start
पहले के बाद अब दूसरे ओलंपियाड की भी कवायद - फोटो : Amar Ujala

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस से पहले देश भर के 22 राज्यों के सरकारी स्कूलों के 352 विद्यार्थी योग ओलंपियाड के फाइनल में अपना दमखम दिखा रहे हैं। इनमें से करीब 172 छात्राएं हैं। इनमें 14 मुस्लिम छात्राएं शामिल हैं। खास बात यह है कि योग ओलंपियाड में देश भर के स्कूलों के अच्छे रुझान के बाद सरकार अब सीबीएसई, जवाहर नवोदय व केंद्रीय विद्यालयों को भी ओलंपियाड की प्रतियोगिता से जोड़ने जा रही है।

एनसीईआरटी मुख्यालय स्थित ऑडिटोरियम में शनिवार को योग ओलंपियाड के फाइनल का शुभारंभ सचिव डॉ. एससी खुटिया और एनसीईआरटी के निदेशक व प्रोफेसर ऋषिकेश सेनापति ने संयुक्त रूप से किया। पहले दिन विद्यार्थियों ने प्रतियोगिता के तहत छह आसन क्रियाओं की जानकारी दी। इसमें ज्यूरी ने दो आसन पूछे और दो विद्यार्थियों को अपनी मर्जी से करके दिखाने थे। इसके अलावा उनसे योग संबंधी जानकारियां भी ली गईं। प्रतियोगिता में रविवार को विशेष छात्र योग क्रियाओं पर प्रस्तुति देंगे।

डॉ. खुटिया ने बताया कि पहले योग ओलंपियाड पर देश भर के सरकारी स्कूलों में बेहद अच्छा रुझान देखने को मिला है। इसी के चलते सरकार दूसरे ओलंपियाड में सीबीएसई, जवाहर नवोदय व केंद्रीय विद्यालयों के स्कूलों में भी प्रतियोगिता आयोजित करेगी।

बता दें कि देशभर के स्कूलों में योग ओलंपियाड आयोजित करने के लिए दो वर्ग बनाए गए थे। इसमें अपर प्राइमरी वर्ग के तहत कक्षा छठीं से आठवीं कक्षा और सेकेंडरी वर्ग के तहत कक्षा नौवीं और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को ब्लॉक, जिला व प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर भाग लेना था। राष्ट्रीय प्रतियोगिता के विजेताओं को 20 जून को मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी पुरस्कार देकर सम्मानित करेंगे।


Published By Rahul Sankrityayan

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