Assam Rifles: मणिपुर की विरासत का संरक्षण कर रहा असम राइफल्स, होनहारों को तराशने में भी जुटा
अमर उजाला ने असम राइफल्स के इंफाल स्थित कैंप का दौरा किया और जाना किस तरह से यहां के खिलाड़ी देश और दुनिया में असम राइफल्स और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। पेश है एक खास रिपोर्ट...
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असम राइफल्स के जवान केवल देश की सीमाओं की ही रक्षा नहीं करते बल्कि खेलों में भी देश और दुनिया में असम राइफल्स और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। यह सब कुछ संभव हो पाया है, मणिपुर की राजधानी इंफाल स्थित असम राइफल्स की बदौलत, जो खेलों (तीरंदाजी, बॉक्सिंग और मणिपुरी पोलो) के माध्यम से खास कर पूर्वोत्तर के युवाओं की प्रतिभा को तराश रहा है। ताकि होनहार युवा भटकें नहीं, अपने करिअर के साथ-साथ दुनिया में देश का रोशन कर सकें। इसके साथ ही असम राइफल्स ने पुरुष और महिला मणिपुरी पोलो टीम बना कर इस राज्य की सांस्कृतिक विरासत और धरोहर को संरक्षित करने की दिशा में महत्वपूर्ण काम कर रहा है।
गोल्ड के लौटेंगे, पूरा है विश्वासः मनीष
अगले महीने अमेरिका में होने वाले वर्ल्ड पुलिस एंड फायर गेम्स में हिस्सा लेने के लिए असम राइफल्स के दो तीरंदाज मनीष दुबे और स्नेहा अमेरिका जाएंगे। मनीष ने कहा, यह पहला मौका है जब देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिल रहा है, इसलिए उमंग ज्यादा है। पूरा विश्वास है कि इस बार देश के लिए गोल्ड लेकर लौटेंगे। महिला तीरंदाज स्नेहा कहती हैं कि असम राइफल्स हमारा पूरा ध्यान रखती हैं। हमें हर तरह की सुविधा मिलती है। किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है। हमारा पूरा फोकस खेल पर ही रहती है। इसलिए हम अब तक राष्ट्रीय स्तर पर 300 से अधिक स्वर्ण, 250 से अधिक रजत और 330 से अधिक कांस्य पदक जीत चुके हैं। इसी तरह से असम राइफल्स की तीरंदाज टीम ने अब तक अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में 8 स्वर्ण, 6 रजत और 5 कांस्य पदक जीत कर देश का नाम रोशन किया है। उल्लेखनीय है कि इस समय असम राइफल्स की महिला और पुरुष तीरंदाज टीम में कुल 45 खिलाड़ी हैं।
सत्यम, प्रीति और संजू की पंचों पर टीम को भरोसा
अब तक 850 से अधिक राष्ट्रीय स्तर पर स्वर्ण जीतने वाली असम राइफल्स की बॉक्सिंग टीम के हौसले बुलंद हैं। यहां से तीन बॉक्सिंग खिलाड़ी अमेरिका में होने वाली फायर गेम्स में हिस्सा लेंगे, जो जून में आयोजित होगा। पुरुष वर्ग में सत्यम 75 किलोग्राम में, प्रीति 57 किलोग्राम में जबकि संजू 60 किलोग्राम में देश का नेतृत्व करेंगी। सत्यम ने कहा, हमें अपने पंचों पर पूरा भरोसा है। हम काफी समय से इस दिन का इंतजार कर रहे थे, अब वह मौका आ गया है। निश्चित रूप से हम अपने देश वासियों को निराश नहीं करेंगे। महिला बॉक्सर प्रीति कहती हैं, मेरे पिता का सपना था, मैं बॉक्सिंग खेलूं, और मुझे असम राइफल्स ज्वाइ करने से वह मौका मिल गया। देशवासियों को निराश नही करेंगे, गोल्ड के साथ ही वापस आएंगे। टीम के वरिष्ठ बॉक्स रंजीत सिंह ने बताया हमारी महिला और पुरुष टीम ने अब तक राष्ट्रीय स्तर पर करीब एक हजार मेडल जीते हैं। हमारी दोनों टीमों ने 360 से अधिक स्वर्ण, करीब 300 रजत और 225 से अधिक कांस्य हमारी झोली में आ चुके हैं। इसी तरह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी हमारा प्रदर्शन बेहतरीन रहा है। इस समय टीम में 53 बॉक्सर हैं।
मणिपुरी पोलो के संरक्षण के लिए बनाई टीम
इतिहास से पता चलता है कि मणिपुर के लोगों का पोलो के साथ गहरा सांस्कृतिक संबंध है। इतिहास के मुताबिक मणिपुर में पोलो 33 ईस्वी से खेली जा रही है। राजा और महाराजा खेलते थे। इसी सांस्कृतिक विरासत को बचाने और संरक्षित करने के लिए असम राइफल्स ने मणिपुरी पोलो के संरणक्ष के लिए पुरुष और महिला टीम की स्थानपा की है। टीम के कोच चंद्रा बताते हैं, यह आधुनिक पोलो से अलग है। इसके घोड़े अन्य पोलो के घोड़ों से अलग होते हैं। जबकि नियम भी थोड़े अलग होते हैं। मणिपुर की यह विरासत बहुत पुरानी है, यह कहीं लुप्त नहीं हो जाए, इसके लिए असम राइफल्स ने इसकी महिला और पुरुष टीम बनाई। मणिपुर में वर्ष में कई मणिपुरी पोलो प्रतियोगिताएं होती हैं, जिसमें टीम हिस्सा लेती हैं और दोनों टीमें कई मेडल जीत चुकी हैं।