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CAA Protest: असम के 30 संगठनों ने किया सीएए लागू करने का विरोध, जलाईं प्रतियां, आज हड़ताल का आह्वान
Tue, 12 Mar 2024 05:47 AM IST
यशोधन शर्मा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: यशोधन शर्मा
Updated Tue, 12 Mar 2024 05:47 AM IST
सार
अवैध अप्रवासियों की पहचान और निर्वासन की मांग को लेकर 1979 में छह साल तक आंदोलन चलाने वाले एएएसयू ने कहा कि वह अदालत के अंदर और बाहर इस कानून के खिलाफ लड़ेगा।
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विरोध प्रदर्शन
- फोटो : CAA
विस्तार
असम में नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (सीएए), के खिलाफ जमकर विरोध हो रहा है। प्रदेश में केंद्र सरकार की खूब आलोचना हो रही है। अखिल असम छात्र संघ (आसू) और 30 स्वदेशी संगठनों ने सोमवार को गुवाहाटी, बारपेटा, लखीमपुर, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़ और तेजपुर सहित राज्य के विभिन्न हिस्सों में विवादास्पद कानून सीएए की प्रतियां जलाई। इसके अलावा असम में 16 दलों के संयुक्त विपक्ष (यूओएफए) ने चरणबद्ध आंदोलन के तहत मंगलवार को राज्यव्यापी हड़ताल की घोषणा की है।
अखिल असम छात्र संघ (आसू) ने केंद्र सरकार के नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को अधिसूचित किए जाने के बाद राज्य में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने का एलान किया है। आसू के मुख्य सलाहकार समुज्जल भट्टाचार्य ने कहा कि हमने प्रत्येक जिले में सीएए की प्रतियां जलाने का फैसला किया है। मंगलवार को नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन (एनईएसओ) की ओर से क्षेत्र के सभी राज्यों की राजधानियों में सीएए की प्रतियां जलाई जाएंगी।
प्रदेश में 16-पक्षीय संयुक्त विपक्षी मंच, असम (यूओएफए) ने चरणबद्ध तरीके से अन्य आंदोलनात्मक कार्यक्रम शुरू करने के अलावा, मंगलवार को राज्यव्यापी हड़ताल की भी घोषणा की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, अधिनियम के कार्यान्वयन के बाद अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती के साथ राज्य भर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
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सभी पुलिस थानों को अलर्ट मोड पर रखा
राज्य के सभी पुलिस स्टेशनों को अलर्ट पर रखा गया है, जबकि लगभग सभी कस्बों में प्रमुख मार्गों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं, जहां दिसंबर 2019 में अधिनियम के पारित होने के दौरान व्यापक विरोध प्रदर्शन हुआ था। आसू के सलाहकार समुज्जल भट्टाचार्य ने कहा, 'हम सीएए के खिलाफ अपना अहिंसक, शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रखेंगे। साथ ही हम अपनी कानूनी लड़ाई भी जारी रखेंगे।'
समुज्जल भट्टाचार्य ने आगे कहा कि मंगलवार को नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन (एनईएसओ) द्वारा क्षेत्र के सभी राज्यों की राजधानियों में सीएए की प्रतियां जलाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि हम असम में मशाल जुलूस भी निकालेंगे और अगले दिन से सत्याग्रह शुरू करेंगे।
असम पुलिस ने जारी किया नोटिस
इधर, पुलिस ने सीएए के विरोध में असम में हड़ताल का आह्वान करने वाले राजनीतिक दलों को नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में कहा गया है, 'आपके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी और सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान की कुल लागत आपसे और आपके संगठन से वसूली जाएगी।
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अखिल असम छात्र संघ (आसू) ने केंद्र सरकार के नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को अधिसूचित किए जाने के बाद राज्य में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन करने का एलान किया है। आसू के मुख्य सलाहकार समुज्जल भट्टाचार्य ने कहा कि हमने प्रत्येक जिले में सीएए की प्रतियां जलाने का फैसला किया है। मंगलवार को नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन (एनईएसओ) की ओर से क्षेत्र के सभी राज्यों की राजधानियों में सीएए की प्रतियां जलाई जाएंगी।
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प्रदेश में 16-पक्षीय संयुक्त विपक्षी मंच, असम (यूओएफए) ने चरणबद्ध तरीके से अन्य आंदोलनात्मक कार्यक्रम शुरू करने के अलावा, मंगलवार को राज्यव्यापी हड़ताल की भी घोषणा की। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी के अनुसार, अधिनियम के कार्यान्वयन के बाद अतिरिक्त पुलिस कर्मियों की तैनाती के साथ राज्य भर में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
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सभी पुलिस थानों को अलर्ट मोड पर रखा
राज्य के सभी पुलिस स्टेशनों को अलर्ट पर रखा गया है, जबकि लगभग सभी कस्बों में प्रमुख मार्गों पर बैरिकेड्स लगाए गए हैं, जहां दिसंबर 2019 में अधिनियम के पारित होने के दौरान व्यापक विरोध प्रदर्शन हुआ था। आसू के सलाहकार समुज्जल भट्टाचार्य ने कहा, 'हम सीएए के खिलाफ अपना अहिंसक, शांतिपूर्ण, लोकतांत्रिक आंदोलन जारी रखेंगे। साथ ही हम अपनी कानूनी लड़ाई भी जारी रखेंगे।'
समुज्जल भट्टाचार्य ने आगे कहा कि मंगलवार को नॉर्थ ईस्ट स्टूडेंट ऑर्गनाइजेशन (एनईएसओ) द्वारा क्षेत्र के सभी राज्यों की राजधानियों में सीएए की प्रतियां जलाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि हम असम में मशाल जुलूस भी निकालेंगे और अगले दिन से सत्याग्रह शुरू करेंगे।
Guwahati police gave a legal notice to the Political parties who have called for a 'Sarbatmak Hartal' in Assam to protest against the CAA.
"Any damage to public/ private property including Railway and National Highway properties or injury to any citizen caused due to 'Sarbatmak… pic.twitter.com/vnO6uin76t— ANI (@ANI) March 12, 2024
असम पुलिस ने जारी किया नोटिस
इधर, पुलिस ने सीएए के विरोध में असम में हड़ताल का आह्वान करने वाले राजनीतिक दलों को नोटिस जारी कर दिया है। नोटिस में कहा गया है, 'आपके खिलाफ कार्रवाई शुरू की जाएगी और सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को नुकसान की कुल लागत आपसे और आपके संगठन से वसूली जाएगी।