असमः काकोपथार सेना कैंप हमले का एक आरोप गिरफ्तार, भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद
गिरफ्तार उग्रवादी की पहचान अनुपम दोहतिया उर्फ थौसन असम के रूप में हुई है, जो असम के तिनसुकिया जिले के बरेकुरी गांव का निवासी है।
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असम के काकोपथार सेना कैंप पर हुए हमले मामले में सुरक्षाबलों को रविवार को बड़ी सफलता मिली है। अरुणाचल प्रदेश के नामसाई जिले में रविवार की सुबह पुलिस और असम राइफल्स की संयुक्त कार्रवाई में यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (आई) यानी उल्फा (आई) से जुड़े एक उग्रवादी को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने यह जानकारी दी। गिरफ्तार उग्रवादी की पहचान अनुपम दोहतिया उर्फ थौसन असम के रूप में हुई है, जो असम के तिनसुकिया जिले के बरेकुरी गांव का निवासी है। अधिकारियों के अनुसार, वह 17 अक्टूबर को असम के तिनसुकिया स्थित काकोपाथार आर्मी कैंप पर हुए उल्फा (आई) हमले में शामिल प्रमुख सदस्यों मेंसे एक है।
सूत्रों के मुताबिक संयुक्त टीम ने आरोपी के पास से भारी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद बरामद किए हैं, जिनमें एक एमक्यू राइफल, 151 जिंदा कारतूस, एक बॉटल ग्रेनेड और एक राइफल ग्रेनेड शामिल है। गिरफ्तार उग्रवादी से नामसाई पुलिस पूछताछ कर रही है ताकि संगठन के अन्य सदस्यों और
उनकी आगामी योजनाओं के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। अधिकारियों ने इस अभियान को असम-अरुणाचल सीमा क्षेत्र में सक्रिय उग्रवादी गतिविधियों पर एक बड़ी रणनीतिक सफलता करार दिया है।
मिजोरमः चाम्फाई से 9.53 करोड़ का प्रतिबंधित सामान जब्त
मिजोरम के चाम्फाई जिले में असम राइफल्स और राजस्व खुफिया निदेशालय (डीआरआई) की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 9.53 करोड़ रुपए मूल्य का प्रतिबंधित माल जब्त किया है। यह कार्रवाई शनिवार को चाम्फाई के रुआनतलांग इलाके में की गई।
सूत्रों से मिली गुप्त जानकारी के आधार पर यह संयुक्त अभियान चलाया गया। सूचना थी कि भारत-म्यांमार सीमा के पास एक गोदाम में अवैध रूप से आयात किए गए सामान छिपाए गए हैं। तलाशी के दौरान टीम ने फारस्टार किंग साइज सिगरेट के 60 कार्टन और अरेका नट्स (सुपारी) के 1,564 बोरे बरामद किए, जिनकी कुल कीमत लगभग 9..53 करोड़ आंकी गई है।
जब्त किए गए सभी सामानों को आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई के लिए कस्टम प्रिवेंटिव फोर्स, चाम्फाई को सौंप दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई असम राइफल्स और डीआरआई के बीच मजबूत समन्वय और साझा खुफिया प्रयासों का नतीजा है, जो सीमा पार होने वाली तस्करी और अवैध व्यापार पर रोक लगाने की दिशा में एक बड़ी सफलता साबित हुई है।