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असम: मुख्यमंत्री के नाम पर भाजपा में एक राय नहीं, हेमंत बिस्वा सरमा की दावेदारी भी मजबूत
Tue, 04 May 2021 11:45 AM IST
प्रशांत कुमार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: प्रशांत कुमार
Updated Tue, 04 May 2021 11:45 AM IST
सार
दरअसल, प्रदेश इकाई पहले ही बता चुकी है कि परिणाम आने के बाद केंद्रीय नेतृत्व नए मुख्यमंत्री का फैसला करेगा। हेमंत बिस्वा सरमा ने भी यह साफ कर दिया था कि संसदीय बोर्ड नए मुख्यमंत्री का चुनाव करेगा।
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हेमंत बिस्वा सरमा
विस्तार
असम में भाजपा दूसरी बार सत्ता में वापसी की है। लेकिन पार्टी ने इस बार मौजूदा मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनेवाल को चुनाव में आगे नहीं किया। पार्टी ने प्रदेश के मंत्री हेमंत बिस्वा सरमा पर ज्यादा भरोसा जताया । चुनाव के दौरान हेमंत बिस्वा सरमा की दावेदारी सबसे ज्यादा रही। ऐसे में पार्टी के सामने सबसे बड़ी चुनौती है कि प्रदेश की कमान किसके हाथ सौंपी जाए। पार्टी में मुख्यमंत्री के नाम पर अभी तक सहमति नहीं बन पाई है। पार्टी और संगठन के कुछ नेता सर्वानंद सोने वाल को ही मुख्यमंत्री के तौर पर देखना चाहते हैं, लेकिन हेमंत बिस्वा सरमा का नाम केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचा है।
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केंद्रीय नेतृत्व करेगा फैसला
दरअसल, प्रदेश इकाई पहले ही बता चुकी है कि परिणाम आने के बाद केंद्रीय नेतृत्व नए मुख्यमंत्री का फैसला करेगा। हेमंत बिस्वा सरमा ने भी यह साफ कर दिया था कि संसदीय बोर्ड नए मुख्यमंत्री का चुनाव करेगा। इससे साफ जाहिर होता है कि उनकी दावेदारी काफी मजबूत है। हेमंत बिस्वा सरमा का पूर्वोत्तर में मजबूत भूमिका को देखते हुए पार्टी को अनदेखी करना भारी पड़ेगा।
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कांग्रेस से भाजपा में आए थे सरमा
गौरतलब है कि 2016 के विधानसभा चुनाव के पहले जब हिमंत बिस्वा सरमा कांग्रेस छोड़कर भाजपा के साथ आए थे, तब भी वह मुख्यमंत्री पद के दावेदार के रूप में शामिल थे, लेकिन तब पार्टी ने सर्बानंद सोनोवाल को यह जिम्मेदारी सौंपी। लेकिन पिछले पांच साल में हेमंत बिस्वा सरमा ने पूर्वोत्तर में भाजपा को मजबूत करने में अहम भूमिका अदा की है। ऐसे में केंद्रीय नेतृत्व के सामने सरमा को नजरअंदाज करना मुश्किल हो रहा है।
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असम में एनडीए को 60 सीटें मिली
असम में भाजपा नेतृत्व वाले एनडीए को 60 सीटें मिली है। वहीं कांग्रेस के खाते में सिर्फ 29 सीटें , एआईयूडीएफ ने 16 सीटों पर जीत हासिल की। इसके अलावा एजीपी को 9, बोडोलैंड पीपल्स फ्रंट को 4, सीपीआई(एम) को एक, निर्दलीय को 1 लिबरल को 6 सीटें प्राप्त हुई हैं