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Assam: 'रोहिंग्या घुसपैठ खतरनाक और देश की सुरक्षा के लिए खतरा', असम सीएम सरमा का बड़ा बयान
Sat, 29 Jul 2023 10:50 PM IST
Jeet Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, गुवाहाटी
Published by: Jeet Kumar
Updated Sat, 29 Jul 2023 10:50 PM IST
सार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को बांग्लादेश से रोहिंग्याओं की घुसपैठ पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि रोहिंग्या देश के लिए खतरनाक हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। मु
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असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा
- फोटो : एएनआई
विस्तार
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को बांग्लादेश से रोहिंग्याओं की घुसपैठ पर करारा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि रोहिंग्या देश के लिए खतरनाक हैं और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है। मुख्यमंत्री ने बोंगाईगांव में पुलिस अधीक्षकों के दो दिवसीय सम्मेलन के समापन पर कहा, दलालों का एक नेटवर्क रोहिंग्याओं को त्रिपुरा लाता है, वहां से उन्हें असम के करीमगंज और फिर देश के अन्य हिस्सों में भेजा जाता है। वे असम में नहीं रहते, बल्कि देश के अन्य हिस्सों में चले जाते हैं।
उन्होंने कहा, दलालों के खिलाफ कार्रवाई के फिलहाल असम की पांच पुलिस टीमें त्रिपुरा में गई हैं। बिना वैध कागजात के देश में अवैध रूप से प्रवेश करने वाला कोई भी व्यक्ति देश की सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने कहा, इस बारे में हमने पहले ही केंद्र को सूचित कर दिया है और त्रिपुरा सरकार के अलावा केंद्रीय एजेंसियों से भी मदद मांगी है।
सीएम सरमा ने कहा, हमने उन्हें वापस भेजने और गिरफ्तार नहीं करने की रणनीति अपनाई, क्योंकि इससे वे जमानत ले लेंगे और देश के नागरिक बनने की कोशिश करेंगे। वहीं इससे पहले मुख्यमंत्री सरमा ने कहा था कि रोहिंग्या असम को अब दिल्ली या कश्मीर जाने के लिए गलियारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं और डीजीपी ने पहले ही इस दिशा में कुछ कदम उठाए हैं, जबकि करीमगंज एसपी से कहा गया है घुसपैठ रोकने के लिए आवश्यक उपायों के साथ-साथ निगरानी भी बढ़ानी होगी।
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उन्होंने कहा कि बराक घाटी के सभी तीन जिलों को सक्रिय रहना चाहिए और रोहिंग्या घुसपैठियों, तस्करों और विद्रोहियों को राज्य को दूसरे राज्यों में जाने के लिए गलियारे के रूप में इस्तेमाल करने से रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने बराक घाटी से लेकर असम की पश्चिमी सीमा तक सभी रेलवे स्टेशनों पर खुफिया जानकारी बढ़ाने का भी आह्वान किया, ताकि रोहिंग्याओं को रोका जा सके और उनके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जा सके।
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उन्होंने कहा, दलालों के खिलाफ कार्रवाई के फिलहाल असम की पांच पुलिस टीमें त्रिपुरा में गई हैं। बिना वैध कागजात के देश में अवैध रूप से प्रवेश करने वाला कोई भी व्यक्ति देश की सुरक्षा के लिए खतरा है। उन्होंने कहा, इस बारे में हमने पहले ही केंद्र को सूचित कर दिया है और त्रिपुरा सरकार के अलावा केंद्रीय एजेंसियों से भी मदद मांगी है।
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सीएम सरमा ने कहा, हमने उन्हें वापस भेजने और गिरफ्तार नहीं करने की रणनीति अपनाई, क्योंकि इससे वे जमानत ले लेंगे और देश के नागरिक बनने की कोशिश करेंगे। वहीं इससे पहले मुख्यमंत्री सरमा ने कहा था कि रोहिंग्या असम को अब दिल्ली या कश्मीर जाने के लिए गलियारे के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं और डीजीपी ने पहले ही इस दिशा में कुछ कदम उठाए हैं, जबकि करीमगंज एसपी से कहा गया है घुसपैठ रोकने के लिए आवश्यक उपायों के साथ-साथ निगरानी भी बढ़ानी होगी।
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उन्होंने कहा कि बराक घाटी के सभी तीन जिलों को सक्रिय रहना चाहिए और रोहिंग्या घुसपैठियों, तस्करों और विद्रोहियों को राज्य को दूसरे राज्यों में जाने के लिए गलियारे के रूप में इस्तेमाल करने से रोकने के लिए सक्रिय कदम उठाए जाने चाहिए। उन्होंने बराक घाटी से लेकर असम की पश्चिमी सीमा तक सभी रेलवे स्टेशनों पर खुफिया जानकारी बढ़ाने का भी आह्वान किया, ताकि रोहिंग्याओं को रोका जा सके और उनके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जा सके।