Maharashtra: ज्योतिषी कांड में सरकार ने गठित की SIT, खुद को कैप्टन बताने वाले अशोक खरात पर दुष्कर्म का भी आरोप
Ashok Kharat Case: महाराष्ट्र में ज्योतिषी अशोक खरात पर लगे यौन शोषण के आरोपों की जांच तेज हो गई है। राज्य सरकार ने एसआईटी का गठन किया है और मामले में आर्थिक गड़बड़ी व राजनीतिक संबंधों की भी जांच शुरू हो गई है। विपक्ष ने भाजपा और महायुति सरकार पर निशाना साधते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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महाराष्ट्र में दुष्कर्म और ठगी के आरोपों में गिरफ्तार प्रभावशाली ज्योतिषी अशोक खरात मामले ने अब बड़ा रूप ले लिया है। जांच के दायरे के बढ़ने के साथ राज्य सरकार ने इस मामले की गहराई से जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) का गठन कर दिया है। इस केस को लेकर अब राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है और विधानसभा में भी इस मुद्दे के गूंजने के आसार हैं।
दरअसल, नासिक पुलिस ने एक 35 वर्षीय महिला की शिकायत पर अशोक खरात को गिरफ्तार किया था। आरोप है कि वह महिलाओं को उनकी निजी समस्याएं हल करने का लालच देकर अपने पास बुलाता था और फिर उनका यौन शोषण करता था। मामला गंभीर होने के बाद क्राइम ब्रांच-सीआईडी भी जांच में शामिल हो गई है और अब SIT को पूरी जांच सौंपी गई है।
क्या है पूरा मामला?
पुलिस के अनुसार, खरात खुद को ‘कैप्टन’ बताता था और दावा करता था कि वह लोगों की जिंदगी की समस्याएं हल कर सकता है। इसी बहाने वह महिलाओं को अपने ऑफिस बुलाता था। FIR में आरोप है कि उसने इस भरोसे का गलत फायदा उठाया और कई महिलाओं का शोषण किया।
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क्या वित्तीय गड़बड़ी भी सामने आई?
जांच एजेंसियों ने अब खरात की आर्थिक स्थिति की भी जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि उसकी संपत्ति कई करोड़ रुपये की हो सकती है। उसके ट्रस्ट ‘शिवानिका ट्रस्ट’ पर भी नियमों के उल्लंघन के आरोप हैं। नासिक और शिरडी में उसकी संपत्तियों की जांच की जा रही है।
क्या सियासी कनेक्शन भी जांच के दायरे में?
इस मामले में कुछ नेताओं के साथ उसके संबंधों की भी जांच की जा रही है। विपक्ष ने आरोप लगाया है कि उसे राजनीतिक संरक्षण मिला हुआ था। इसी मुद्दे पर विपक्ष ने महिला आयोग की अध्यक्ष रूपाली चाकणकर को हटाने की मांग भी उठाई है।
क्या बोले विपक्षी नेता?
कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल ने इस मामले को लेकर भाजपा और महायुति सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे लोगों को राजनीतिक संरक्षण दिया गया और अब उन्हें बचाने की कोशिश नहीं होनी चाहिए। उन्होंने सभी पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने के लिए निष्पक्ष जांच की मांग की है।
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