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नागरिकता कानून लागू करने को लेकर महाराष्ट्र विधानसभा में हंगामा, शिवसेना की चु्प्पी
Wed, 18 Dec 2019 01:17 PM IST
अनवर अंसारी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई
Published by: अनवर अंसारी
Updated Wed, 18 Dec 2019 01:17 PM IST
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महाराष्ट्र विधानसभा
- फोटो : ANI
महाराष्ट्र विधानसभा में बुधवार को नारिकता संशोधन कानून को लेकर हंगामा हुआ। दरअसल, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के पूर्व सीएम अशोक चव्हाण ने बुधवार को नागरिकता कानून को असंवैधानिक बताया और कहा कि इसे महाराष्ट्र में लागू नहीं किया जाना चाहिए। उनके इस बयान को लेकर भाजपा ने सदन में विरोध प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।
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हालांकि, विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस ने चव्हाण की मांग पर आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि संसद के दोनों सदनों ने नागरिकता संशोधन कानून पारित कर दिया है। यह (राज्य) सरकार इसे लागू नहीं करने का फैसला नहीं कर सकती है।
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फडणवीस का समर्थन करते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि विधानसभा सदस्य राष्ट्रपति, विधानसक्षा अध्यक्ष और संसद के निर्णयों पर टिप्पणी नहीं कर सकते। इस प्रकार नागरिकता संशोधन कानून को असंवैधानिक नहीं कहा जा सकता है।
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राकांपा सदस्य जितेंद्र आव्हाड ने मुनगंटीवार और फडणवीस के बयान पर आपत्ति जताई और कहा कि सार्वजनिक क्षेत्र में उपलब्ध किसी भी कानून पर सदन में चर्चा हो सकती है। उन्होंने कहा कि सदन में इससे पहले आतंकवाद निरोधक अधिनियम (पीओटीए) पर चर्चा की थी, इस प्रकार नागरिकता कानून पर भी चर्चा की जा सकती है।
कांग्रेस विधायक अमीन पटेल ने चव्हाण की मांग का समर्थन करते हुए कि यह कानून हिंदू और मुस्लिम के बारे में नहीं है, बल्कि गरीब और अमीर के बारे में, इसलिए इसे यहां लागू नहीं होने दिया जाना चाहिए। विधानसभा में कांग्रेस और भाजपा के विधायकों में आरोप-प्रत्यारोप जारी रहा लेकिन शिवसेना के विधायक चुप्पी साधे रहे।
गौरतलब हो कि नागरिकता कानून के आस्तित्व में आने के बाद से पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर समेत देश के बड़े हिस्से में इसके विरोध में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हो रहे हैं।
नए नागरिकता कानून के विरोध में नई दिल्ली स्थित जामिया मिल्लिया इस्लामिया विश्वविद्यालय और उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय समेत कई कॉलेजों और विश्वविद्यालयों के छात्रों ने प्रदर्शन किए।