{"_id":"5fe1004d1538ea716a641424","slug":"army-women-officers-denied-permanent-commission-on-medical-grounds-and-merit-get-supreme-court-breather","type":"story","status":"publish","title_hn":"स्थायी कमीशन से वंचित 60 महिला अफसरों को सुप्रीम कोर्ट से राहत","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
स्थायी कमीशन से वंचित 60 महिला अफसरों को सुप्रीम कोर्ट से राहत
Tue, 22 Dec 2020 01:44 AM IST
देव कश्यप
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: देव कश्यप
Updated Tue, 22 Dec 2020 01:44 AM IST
विज्ञापन
Indian army women
- फोटो : PTI
चिकित्सकीय व मेरिट के आधार पर स्थायी कमीशन से वंचित करीब 60 महिला सैन्य अफसरों को सुप्रीम कोर्ट ने अंतरिम राहत देते हुए सरकार को 18 जनवरी तक इन्हें सेवा से मुक्त न करने को कहा है। स्थायी कमीशन न मिलने के खिलाफ इन अफसरों की याचिका पर कोर्ट 18 जनवरी को सुनवाई करेगा।
विज्ञापन
दरअसल, 615 महिला अफसरों ने स्थायी कमीशन के लिए आवेदन किया था। इनमें से मेरिट के आधार पर 422 का चयन हुआ लेकिन चिकित्सकीय आधार पर 277 को ही फिट माना गया। गौरतलब है कि लंबी कानूनी लड़ाई के बाद गत 17 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट ने सेना में महिला सैन्य अफसरों को स्थायी कमीशन देने को कहा था।
विज्ञापन
करीब 60 महिला अफसरों ने चयन बोर्ड के मानदंडों को चुनौती दी है। याचिका में बोर्ड के निर्णय के आधार पर सेना को किसी तरह से कार्रवाई करने से रोकने का निर्देश देने की गुहार लगाई गई थी। उनका कहना है कि मेरिट अस्पष्ट है और उसे परिभाषित नहीं किया गया है।
विज्ञापन
जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस इंदु मल्होत्रा और जस्टिस इंदिरा बनर्जी की पीठ ने गत 18 दिसंबर को सेना और रक्षा मंत्रालय से जानना चाहा कि क्या याचिका पर जनवरी में होने वाली सुनवाई से पहले कोई कार्रवाई करने की योजना है? इस पर सेना और मंत्रालय ने कहा, फिलहाल ऐसी योजना नहीं है। यह आश्वस्त होने के बाद कि अफसरों पर फिलहाल कार्रवाई नहीं होगी, कोर्ट ने सुनवाई 18 जनवरी तक के लिए टाल दी।