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Indian Army: सेना के सात जवानों को मिली जेल की सजा, सैन्य अस्पताल की दवाएं बाजार में बेचने का आरोप
Sat, 30 Jul 2022 05:59 PM IST
निर्मल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: निर्मल कांत
Updated Sat, 30 Jul 2022 05:59 PM IST
सार
सेना के सूत्रों ने कहा, "दवाओं के दुरुपयोग और इन दवाओं की बिक्री से पैसे लेने के मामले में 10 जवानों को आरोपों का सामना करना पड़ा। सात जवानों को दंडित किया गया है जबकि तीन अन्य को 15 जुलाई को एक नागरिक अदालत ने बरी कर दिया था।"
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Jail demo
- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
भारतीय सेना के कोर्ट मार्शल ने नागरिक बाजार में अवैध रूप से दवाएं बेचने के लिए सात जवानों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की सिफारिश की है।
सेना के सूत्रों ने कहा, "दवाओं के दुरुपयोग और इन दवाओं की बिक्री से पैसे लेने के मामले में 10 जवानों को आरोपों का सामना करना पड़ा। सात जवानों को दंडित किया गया है जबकि तीन अन्य को 15 जुलाई को एक नागरिक अदालत ने बरी कर दिया है।"
उन्होंने कहा कि मामले में सजा पाने वाले छह जवानों को सेवा से बर्खास्त करने से लेकर दो साल से लेकर छह साल तक की जेल की सजा दी गई है।
सूत्रों ने कहा कि मामले में गलत काम राष्ट्रीय राजधानी में हुआ लेकिन सेना के दिल्ली क्षेत्र द्वारा आदेशित सामान्य कोर्ट मार्शल उत्तर प्रदेश के मेरठ छावनी में हुआ।
आरोपी जवानों के वकील आनंद कुमार ने बताया कि कोर्ट ने जवानों को उनके खिलाफ लगे कुछ आरोपों से बरी कर दिया है।
उन्होंने दावा किया कि मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष के सहमत होने के बावजूद सेना की अदालत आर एंड आर अस्पताल से दवा के बहीखाते भी नहीं ले सकी। उन्होंने दावा किया कि मामले के लिए महत्वपूर्ण कई अन्य गवाहों को नहीं बुलाया गया था।
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सेना के सूत्रों ने कहा, "दवाओं के दुरुपयोग और इन दवाओं की बिक्री से पैसे लेने के मामले में 10 जवानों को आरोपों का सामना करना पड़ा। सात जवानों को दंडित किया गया है जबकि तीन अन्य को 15 जुलाई को एक नागरिक अदालत ने बरी कर दिया है।"
उन्होंने कहा कि मामले में सजा पाने वाले छह जवानों को सेवा से बर्खास्त करने से लेकर दो साल से लेकर छह साल तक की जेल की सजा दी गई है।
सूत्रों ने कहा कि मामले में गलत काम राष्ट्रीय राजधानी में हुआ लेकिन सेना के दिल्ली क्षेत्र द्वारा आदेशित सामान्य कोर्ट मार्शल उत्तर प्रदेश के मेरठ छावनी में हुआ।
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आरोपी जवानों के वकील आनंद कुमार ने बताया कि कोर्ट ने जवानों को उनके खिलाफ लगे कुछ आरोपों से बरी कर दिया है।
उन्होंने दावा किया कि मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष के सहमत होने के बावजूद सेना की अदालत आर एंड आर अस्पताल से दवा के बहीखाते भी नहीं ले सकी। उन्होंने दावा किया कि मामले के लिए महत्वपूर्ण कई अन्य गवाहों को नहीं बुलाया गया था।
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